यहां इन 10 अपराधों की नहीं है माफ़ी, मिलेगी सजा-ए-मौत

नई दिल्ली। सऊदी अरब एक ऐसा देश हैं जहां कुछ अपराधों के लिए बड़ी सख्त सजा दी जाती है। सऊदी में सख्त इस्लामिक कानून के तहत मर्डर, ड्रग ट्रैफिकिंग, रेप, और रॉबरी जैसे मामले में सजा-ए-मौत दी जाती है। सऊदी अरब में बीते साल 153 आतंकवाद के मामले में मौत की सजा दी गयी। मेनेस्टी इंटरनेशनल से पता चला है कि इस साल वहां मौत की सजा पाने वालों की संख्या पिछले साल के मुक़ाबले कम है।




सिर कलम कर दी जाती है सजा-ए-मौत

 

  • साल 2015 में 158 लोग ऐसे थे जिनको सजा-ए-मौत मिली जबकि 2016 में ये संख्या 153 है।
  • बीते साल की शुरुआत में ही 47 ऐसे लोग थे जिनको आतंकवाद के मामले में मौत दे दी गई।
  • इस सजा में शिया धर्मगुरू निम्र अल निम्र भी थे, जिसे लेकर ईरान ने बहुत विरोध प्रदर्शन भी किया था।
  • सजा पाने वालों में ज़्यादातर मामले मर्डर और ड्रग ट्रैफिकिंग से जुड़े थे।
  • ज़्यादातर लोगों को मौत की सजा भीड़ के बीच में सिर कलम कर मौत की सजा दी गयी।
  • इस मामले में एमेनेस्टी के यूके में पॉलिसी हेड अल्लान होगार्थ ने कहा है कि देश में न्याय का मजाक बन चुका है।
  • होगार्थ का मानना है कि मौत की सजा हमेशा क्रूर और गैर जरूरी है, हालांकि सऊदी के जस्टिस सिस्टम में निष्पक्ष ट्रायल सिस्टम की कमी है।
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ऐसे अपराध जिंनकी सजा मौत




  • * ईशनिन्दा या जादूटोना पर मौत की सजा।
  • * राजद्रोह या आतंकवाद पर मौत की सजा।
  • * रेप या समलैंगिकता पर सजा-ए-मौत।
  • * इरादतन या गैर इरादतन हत्या पर मौत की सजा।
  • * शराब पीते पाये जाना पर 500 कोड़े मारने कि सजा दी जाती हैं।
  • * शादी के बाद सेक्सुअल रिलेशनशिप पर 100 कोड़े मारने की या पत्थर मारने की सजा दी जाती है।
  • * चोरी और लूटपाट पर दायां हाथ काटने की सजा दी जाती है।चोरी और लूटपाट के साथ हत्या पर मौत की सजा।
  • * ड्रग्स के साथ स्मगलिंग पर कोड़े मारने से मौत तक की सजा दी जाती है।

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