Google ने खोली 1.44 करोड़ के पैकेज पाने वाले हर्षित शर्मा की पोल

Google ने खोली 1.44 करोड़ के पैकेज पाने वाले हर्षित शर्मा की पोल

नई दिल्ली। गूगल से 1.44 करोड़ के पैकेज पर ग्राफिक डिजायनिंग में नौकरी पाने वाले हर्षित शर्मा का दावा झूठा निकला है। इस बात का खुलासा उस समय हुआ जब गूगल ने वेब मीडिया में चल रहीं खबरों के आधार पर चंड़ीगढ़ प्रशासन को इस विषय में जानकारी देकर हर्षित नामक किसी युवक को नौकरी न दिए जाने की बात स्पष्ट की।

चंडीगढ़ प्रशासन ने 29 जुलाई को एक प्रेस रिलीज जारी कर इस बात की जानकारी दी थी कि सेक्टर 33 स्थित सरकारी मॉडल स्कूल से 12वीं पास करने वाले हर्षित शर्मा को गूगल में बतौर ग्राफिक डिजायनर 12 लाख रुपए महीने की नौकरी मिली है। लेकिन गूगल से मिली जानकारी के आधार पर प्रशासन ने जब स्कूल से इस विषय में स्पष्टीकरण मांगा।

इस मामले में जब स्कूल की प्रिंसिपल इंद्रा बेनीवाल ने हर्षित के माता पिता से बात की तो पता चला कि यह खबर पूरी तरह से झूठी थी। हर्षित की मां इस पूरे घटनाक्रम को अपने बेटे की गलती बताते हुए उसके स्वास्थ्य का हवाला देते हुए कुछ भी बताने से मना कर दिया।

बकौल प्रिंसिपल, हर्षित ने करीब 15 दिन पहले स्कूल पहुंच कर अपने टीचरों को मिठाई खिलाकर गूगल में नौकरी लगने की बात बताई थी। उसने बताया था कि उसे 4 लाख रुपए महीने पर एक साल की इनटर्नशिप और उसके बाद 12 लाख रुपए महीने की नौकरी का आॅफर मिला है। हर्षित से मिली जानकारी के आधार पर ही स्कूल की ओर से प्रशासन को इस बात की जानकारी दी गई थी। जिसके आधार पर चंड़ीगढ़ प्रशासन ने इसे लेकर अपनी प्रेस विज्ञप्ती जारी की थी।

बताया जा रहा है कि अपने झूठ के सामने आने के बाद हर्षित के दोनों मोबाइल स्विच आॅफ हैं। लेकिन उसने अपनी फेसबुक प्रोफाइल पर खुद को अभी भी गूगल का कर्मचारी बताते हुए अपनी लोकेशन अमेरिका की डाली हुई है।