करतापुर कॉरिडोर शिलान्यास : सुषमा स्वराज ने ठुकराया PAK का न्यौता

करतापुर कॉरिडोर शिलान्यास : सुषमा स्वराज ने ठुकराया PAK का न्यौता
करतापुर कॉरिडोर शिलान्यास : सुषमा स्वराज ने ठुकराया PAK का न्यौता

नई दिल्ली। पाकिस्तान के करतारपुर गलियारे के शिलान्यास समारोह में शामिल होने के न्योते में शामिल होने पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने असमर्थता जताई है। अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में व्यस्त रहने का हवाला देते हुए सुषमा स्वराज ने बताया है कि उनकी जगह दो केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर और हरदीप सिंह पुरी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। करतारपुर कॉरिडोर से भारत और पाकिस्तान के संबंधों की कटुता फौरी तौर पर कम होती दिख रही है।

Harsimrat Hardeep Will Represent India Sushma On Pak Invitation For The Groundbreaking Ceremony Of The Kartarpur Corridor :

पाकिस्तान ने 28 नवंबर को होने वाले कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सुषमा के साथ पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धु को भी न्योता भेजा है।

शनिवार को पाकिस्तान से न्योता मिलने के बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के कार्यालय ने भी पत्र के जरिए भारत का पक्ष सार्वजनिक कर दिया। बताया गया कि तेलंगाना में चुनाव प्रचार समेत पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों में व्यस्तता के कारण विदेश मंत्री शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाएंगी।

हालांकि उन्होंने कार्यक्रम के महत्व और सिख श्रद्धालुओं की भावनाओं को स्वीकार करते हुए बताया कि उनकी जगह केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर और केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्यमंत्री हरदीप सिंह पुरी भारत सरकार का प्रतिनिधित्व करेंगे।

सुषमा स्वराज ने इस न्योते के लिए पाकिस्तान को धन्यवाद भी दिया। विदेश मंत्री ने आशा व्यक्त की कि पाकिस्तान हिस्से के कॉरिडोर का काम तेजी से निपटाएगा, ताकि सिख श्रद्धालुओं को जल्द-से-जल्द वहां जाने का मौका मिल सके।

लंबे वक्त से कॉरिडोर बनाने की हो रही थी मांग

गुरुनानक देव ने करतारपुर साहिब में 18 साल बिताए थे। यह स्थान भारतीय सीमा से कुछ किलोमीटर दूर पाकिस्तान में है। यहां हर साल काफी श्रद्धालु आते हैं। लंबे समय से एक कॉरिडोर बनाकर इसे भारत के गुरदासपुर से जोड़ने की मांग हो रही थी।

सिद्धू के पाक दौरे में विवाद भी हुआ था

करतारपुर साहिब कॉरिडोर को लेकर उस वक्त सियासत गरमाई थी, जब नवजोत सिद्धू जुलाई में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के शपथ समारोह में गए थे। इस दौरान उनके पाक आर्मी चीफ कमर जावेद बाजवा से गले मिलने पर विवाद हुआ।

सिद्धू ने अपने बचाव में कहा था कि जब बाजवा ने उनसे करतारपुर का रास्ता खोलने की बात कही, तभी उनसे गले मिला। इसके बाद सिद्धू और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को इस मामले में पत्र लिखकर करतारपुर का रास्ता खोलने की मांग की थी।

नई दिल्ली। पाकिस्तान के करतारपुर गलियारे के शिलान्यास समारोह में शामिल होने के न्योते में शामिल होने पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने असमर्थता जताई है। अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में व्यस्त रहने का हवाला देते हुए सुषमा स्वराज ने बताया है कि उनकी जगह दो केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर और हरदीप सिंह पुरी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। करतारपुर कॉरिडोर से भारत और पाकिस्तान के संबंधों की कटुता फौरी तौर पर कम होती दिख रही है।पाकिस्तान ने 28 नवंबर को होने वाले कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सुषमा के साथ पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धु को भी न्योता भेजा है। शनिवार को पाकिस्तान से न्योता मिलने के बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के कार्यालय ने भी पत्र के जरिए भारत का पक्ष सार्वजनिक कर दिया। बताया गया कि तेलंगाना में चुनाव प्रचार समेत पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों में व्यस्तता के कारण विदेश मंत्री शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाएंगी।हालांकि उन्होंने कार्यक्रम के महत्व और सिख श्रद्धालुओं की भावनाओं को स्वीकार करते हुए बताया कि उनकी जगह केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर और केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्यमंत्री हरदीप सिंह पुरी भारत सरकार का प्रतिनिधित्व करेंगे। सुषमा स्वराज ने इस न्योते के लिए पाकिस्तान को धन्यवाद भी दिया। विदेश मंत्री ने आशा व्यक्त की कि पाकिस्तान हिस्से के कॉरिडोर का काम तेजी से निपटाएगा, ताकि सिख श्रद्धालुओं को जल्द-से-जल्द वहां जाने का मौका मिल सके।

लंबे वक्त से कॉरिडोर बनाने की हो रही थी मांग

गुरुनानक देव ने करतारपुर साहिब में 18 साल बिताए थे। यह स्थान भारतीय सीमा से कुछ किलोमीटर दूर पाकिस्तान में है। यहां हर साल काफी श्रद्धालु आते हैं। लंबे समय से एक कॉरिडोर बनाकर इसे भारत के गुरदासपुर से जोड़ने की मांग हो रही थी।

सिद्धू के पाक दौरे में विवाद भी हुआ था

करतारपुर साहिब कॉरिडोर को लेकर उस वक्त सियासत गरमाई थी, जब नवजोत सिद्धू जुलाई में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के शपथ समारोह में गए थे। इस दौरान उनके पाक आर्मी चीफ कमर जावेद बाजवा से गले मिलने पर विवाद हुआ।सिद्धू ने अपने बचाव में कहा था कि जब बाजवा ने उनसे करतारपुर का रास्ता खोलने की बात कही, तभी उनसे गले मिला। इसके बाद सिद्धू और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को इस मामले में पत्र लिखकर करतारपुर का रास्ता खोलने की मांग की थी।