Hartalika Teej 2018: कल है हरतालिका तीज, जानिए सबसे पहले किसने रखा था यह व्रत

Hartalika Teej 2018
हरतालिका तीज 2018 आज: जानिए शुभ मुहूर्त, पूजन विधि और व्रत कथा

Hartalika Teej 2018 Significance Importance

लखनऊ। वैसे तो सालभर में तीन तीज मनाई जाती हैं जैसे हरियाली तीज, कजली तीज और हरतालिका तीज लेकिन इन तीनों में हरतालिका तीज का सबसे अधिक महत्त्व होता है। यह सभी तीज मुख्य रूप से सावन और भादो के महीने में आती हैं। इस दौरान शादीशुदा महिलाएं अपने सुहाग के सौभाग्य और कुंवारी लड़कियां मनचाहे वर के लिए कठिन व्रत रखती हैं। आपको बता दें कि इस साल हरतालिका व्रत 12 सितंबर को पड़ रहा है।

हरतालिका तीज का महत्व….

उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड, राजस्थान और बिहार के क्षेत्रों में बड़ी श्रद्धा से मनाए जाने वाली यह तीज भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। हरतालिका तीज को बड़ी तीज व्रत भी कहा जाता है। यह व्रत एक सूर्योदय से लेकर दूसरे सूर्योदय तक चलता है और रात में महिलाएं जागकर गौरी माता के गीत गाती हैं।

होती है भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा….

हिन्दू मान्यताओं के अनुसार माता पार्वती ने तृतीया तिथि को ही भगवान शिव को पुनः प्राप्त किया था। मां पार्वती के रूप में पुनर्जन्म लेकर माता सती ने घोर तपस्या के बाद भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त किया था। इसलिए शादीशुदा महिलाएं इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करके पति की लंबी उम्र और सौभाग्य का वरदान मांगती हैं और कुंवारी लड़कियां मनचाहा वर प्राप्त करने के लिए ये व्रत रखती हैं। सबसे पहले इस व्रत को माता पार्वती ने रखा था।

खास बातें

  • अविवाहित कन्याओं को मनचाहा वर मिलता है।
  • महिलाएं इस दिन निर्जला व्रत रखती हैं।
  • भगवान शिव को वस्त्रज अर्पित करें।
  • पूजन सामग्री को किसी सुहागिन महिला को दान दें।
  • इस व्रत में शयन करने की मनाही है।
  • सुहाग की सामग्री को मां पार्वती को अर्पित करें।
  • सुहागिन महिलाएं नए वस्त्र धारण करती हैं और सोलह शृंगार करती हैं।
  • रात में भी सोना वर्जित है।
  • रात में भजन-कीर्तन किया जाता है।
  • हरतालिका तीज व्रत में प्रदोष काल में पूजा की जाती है।
  • इस दिन घर में हल्वाे, पूरी और खीर बनाई जाती है।
लखनऊ। वैसे तो सालभर में तीन तीज मनाई जाती हैं जैसे हरियाली तीज, कजली तीज और हरतालिका तीज लेकिन इन तीनों में हरतालिका तीज का सबसे अधिक महत्त्व होता है। यह सभी तीज मुख्य रूप से सावन और भादो के महीने में आती हैं। इस दौरान शादीशुदा महिलाएं अपने सुहाग के सौभाग्य और कुंवारी लड़कियां मनचाहे वर के लिए कठिन व्रत रखती हैं। आपको बता दें कि इस साल हरतालिका व्रत 12 सितंबर को पड़ रहा है। हरतालिका तीज का…