हरियाणा: निर्दलीय विधायकों के बाद जेजेपी भी देगी BJP को समर्थन

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हरियाणा: निर्दलीय विधायकों के बाद जेजेपी भी देगी BJP को समर्थन

चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा चुनाव के रिज्ल्ट आने के बाद भाजपा और कांग्रेस गठजोड़ करने में जुटे हैं, ऐसे में जेजेपी का भी सरकार बनने में बहुत अहम रोल हो गया है। एक तरफ भाजपा और कांग्रेस निर्दलीय उम्मीदवारों के सम्पर्क में भी डटे हुए हैं दूसरी तरफ जेजेपी के फैसले पर भी दोनो की निगाहे बनी हुई हैं। हालांकि निर्दलीय उम्मीदवारों के समर्थन के ऐलान के बाद भाजपा निर्दलीय उम्मीदवारो के साथ सरकार बनाती दिख रही है लेकिन अगर जेजेपी उसके साथ आ गयी तो फिर एक मजबूत सरकार बन सकती है। ऐसे में जेजेपी भी अपने फायदे को देखते हुए बीजेपी के साथ जा सकती है।

Haryana After Independent Mlas Jjp Will Also Support Bjp :

आपको बता दें कि हरियाणा विधानसभा की कुल 90 सीटे हैं, बहुमत के लिए 46 सीटें होनी चाहिए लेकिन इस बार हुए विधानसभा चुनाव में किसी भी पार्टी को बहुमत नही मिला है। भाजपा 40 सीटो पर अटक गयी, कांग्रेस की 31 सीटें आयीं, जेजेपी ने 10 और निर्दलीय उम्मीदवारों ने 7 सीटो पर जीत दर्ज की। ऐसे में भाजपा निर्दलीय के साथ सरकार बड़ी आसानी से बना सकती है, इसको देखते हुए जेजेपी भाजपा के साथ जाती है तो जेजेपी को बहुत फायदा होने वाला है।

माना जा रहा है कि यदि जेजेपी भाजपा के साथ आती है तो दुष्‍यंत चौटाला उपमुख्‍यमंत्री बन सकते हैं। आज जेजेपी की बैठक चल रही है जिसमे दुष्यंत चौटाला विधायक दल के नेता चुने गये हैं। बैठक के बाद दुष्‍यंत चौटाला चार बजे दिल्‍ली में प्रेसवार्ता करेंगे। दुष्यंत चौटाला को भी पता है कि वो कांग्रेस के साथ मिलकर भी सरकार नही बना सकते है। ऐसे मे जेजेपी अपने मौके को हरगिज खोना नही चाहती है। यह भी बताया जा रहा है कि दुष्यंत चौटाला भाजपा के सामने अपने दादा ओम प्रकाश चौटाला की रिहाई और खुद को डिप्टी सीएम बनाने की शर्त रख सकते हैं।

चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा चुनाव के रिज्ल्ट आने के बाद भाजपा और कांग्रेस गठजोड़ करने में जुटे हैं, ऐसे में जेजेपी का भी सरकार बनने में बहुत अहम रोल हो गया है। एक तरफ भाजपा और कांग्रेस निर्दलीय उम्मीदवारों के सम्पर्क में भी डटे हुए हैं दूसरी तरफ जेजेपी के फैसले पर भी दोनो की निगाहे बनी हुई हैं। हालांकि निर्दलीय उम्मीदवारों के समर्थन के ऐलान के बाद भाजपा निर्दलीय उम्मीदवारो के साथ सरकार बनाती दिख रही है लेकिन अगर जेजेपी उसके साथ आ गयी तो फिर एक मजबूत सरकार बन सकती है। ऐसे में जेजेपी भी अपने फायदे को देखते हुए बीजेपी के साथ जा सकती है। आपको बता दें कि हरियाणा विधानसभा की कुल 90 सीटे हैं, बहुमत के लिए 46 सीटें होनी चाहिए लेकिन इस बार हुए विधानसभा चुनाव में किसी भी पार्टी को बहुमत नही मिला है। भाजपा 40 सीटो पर अटक गयी, कांग्रेस की 31 सीटें आयीं, जेजेपी ने 10 और निर्दलीय उम्मीदवारों ने 7 सीटो पर जीत दर्ज की। ऐसे में भाजपा निर्दलीय के साथ सरकार बड़ी आसानी से बना सकती है, इसको देखते हुए जेजेपी भाजपा के साथ जाती है तो जेजेपी को बहुत फायदा होने वाला है। माना जा रहा है कि यदि जेजेपी भाजपा के साथ आती है तो दुष्‍यंत चौटाला उपमुख्‍यमंत्री बन सकते हैं। आज जेजेपी की बैठक चल रही है जिसमे दुष्यंत चौटाला विधायक दल के नेता चुने गये हैं। बैठक के बाद दुष्‍यंत चौटाला चार बजे दिल्‍ली में प्रेसवार्ता करेंगे। दुष्यंत चौटाला को भी पता है कि वो कांग्रेस के साथ मिलकर भी सरकार नही बना सकते है। ऐसे मे जेजेपी अपने मौके को हरगिज खोना नही चाहती है। यह भी बताया जा रहा है कि दुष्यंत चौटाला भाजपा के सामने अपने दादा ओम प्रकाश चौटाला की रिहाई और खुद को डिप्टी सीएम बनाने की शर्त रख सकते हैं।