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योग को पाठ्यक्रम में शामिल करेगी हरियाणा सरकार, सीएम मनोहर लाल और बाबा रामदेव के बीच हुई बैठक

Haryana Government To Include Yoga In Syllabus Meeting Between Cm Manohar Lal And Baba Ramdev

By शिव मौर्या 
Updated Date

चंडीगढ़। हरियाणा सरकार सभी सरकारी स्कूलों में 1 अप्रैल, 2021 से शुरू होने वाले शैक्षणिक सत्र में स्कूल पाठ्यक्रम में योग को एक अलग विषय के रूप में शामिल करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। इस निर्णय का उद्देश्य छात्रों को कम उम्र से ही योग करने की आदत को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। योग को स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने वाला हरियाणा शायद देश का पहला राज्य होगा। यह जानकारी आज यहां मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई हरियाणा योग परिषद की बैठक में दी गई। बैठक में कई अन्य फैसले भी लिए गए। इस बैठक में योग गुरु बाबा राम देव, जो राज्य में योग और आयुर्वेद के प्रचार के लिए हरियाणा के ब्रांड एंबेसडर भी हैं, ने भी हिस्सा लिया।

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बैठक में बताया गया कि नैतिक शिक्षा के अलावा छात्रों को शैक्षणिक सत्र 2016-17 से योग भी पढ़ाया जा रहा है। लेकिन, एक कदम और बढ़ाते हुए योग को स्कूली पाठ्यक्रम में अनिवार्य या वैकल्पिक विषय बनाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने एक समिति का गठन किया है। बैठक में यह भी बताया गया कि योग विषय पाठ्यक्रम को इस तरह से डिजाइन किया जाएगा कि इसमें शारीरिक शिक्षा की तर्ज पर थ्योरेटिकल और प्रैक्टिकल दोनों विषय सामग्री सम्मिलित होगी ताकि शिक्षा के अलावा छात्रों को योग का प्रशिक्षण भी दिया जा सके।

सीएम मनोहर लाल ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य योग को जमीनी स्तर पर ले जाना और लोगों को योग को अपनी जीवन शैली का हिस्सा बनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। इसके लिए योग और व्यायामशालाओं के अलावा ग्रामीण स्तर पर पर्याप्त बुनियादी ढाँचा उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने विकास एवं पंचायत विभाग को राज्य में 1000 अतिरिक्त योगशालाओं की स्थापना के लिए एक सप्ताह के भीतर एक प्रस्ताव तैयार करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने आयुष विभाग को राज्य सरकार की योजना के तहत योगशालाओं में वेलनैस केंद्रों की स्थापना के लिए प्राथमिकता आधार पर कार्य करने और इन केंद्रों में की जाने वाली गतिविधियों को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि योग और प्राकृतिक चिकित्सा पर ध्यान दिया जाना चाहिए ताकि दवाईयों पर लोगों की निर्भरता कम हो सके। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि लोगों को योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाने के लिए प्रोत्साहित हेतु हरियाणा योग परिषद के तत्वावधान में हर महीने के पहले रविवार को ‘योग प्रशिक्षण दिवस’ का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत जिला, ब्लॉक और तहसील स्तर पर योग प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें प्रशिक्षित शारीरिक प्रशिक्षण प्रशिक्षक (पीटीआई) और शारीरिक शिक्षा में डिग्री धारक (डीपीई) लोगों को योग प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। बैठक में प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र का नाम बदलकर ‘योग और आयुष केंद्र’ करने का भी लिया गया।

इसके अतिरिक्त, यह भी निर्णय लिया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा सभी जिला मुख्यालयों पर ‘योग और आयुष केंद्र’ स्थापित किए जाएंगे। बैठक में निर्णय लिया गया कि श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र में एक अंतर्राष्ट्रीय स्तर का ध्यान योग केंद्र (मेडिटेशन योग सेंटर) स्थापित किया जाएगा जो धार्मिक नगरी को एक अलग पहचान देगा और आने वाले समय में इसे विश्व धरोहर मानचित्र पर और आगे ले जाएगा। श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र पतंजलि योगपीठ, हरिद्वार के साथ ध्यान योग केंद्र चलाने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने की संभावनाएं तलाशेगा।

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बैठक में बताया गया कि 1000 आयुष योग सहायकों और 22 आयुष योग प्रशिक्षकों की भर्ती के लिए प्रक्रिया जारी है और जल्द ही पूरी हो जाएगी। राज्य में योग को लोकप्रिय बनाने के लिए अनुबंध आधार पर 1,000 आयुष योग सहायकों की भर्ती करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा, राज्य भर में विभिन्न ‘योगशालाओं’ के लिए 22 आयुष योग कोचों की भर्ती की जानी है। बैठक में यह भी बताया गया कि हरियाणा योग आयोग के लिए प्रस्तावित अधिनियम पर काम चल रहा है और इसे राज्य मंत्रिमंडल से मंजूरी मिलने के बाद हरियाणा विधानसभा के अगले सत्र में लाया जाएगा। वहीं, योग गुरु बाबा राम देव ने आगामी शैक्षणिक सत्र से योग को एक अलग विषय के रूप में स्कूल पाठ्यक्रम में शामिल करने के लिए हरियाणा सरकार की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी 6500 गांवों में योग कक्षाएं आयोजित की जानी चाहिएं और लोगों को अपने जीवन में योग को प्रोत्साहित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

 

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