लव जिहाद और हत्या के पांच साल पुराने मामले में दोषियों को उम्र कैद

लव जिहाद और हत्या के पांच साल पुराने मामले में, दोषियों को उम्र कैद

हाथरस। पांच साल से भी अधिक समय से न्याय पालिका के चक्कर काट रहे लव जिहाद की शिकार हुई बेटी के पिता को आखिरकार न्याय मिला। जब हाथरस जिला अदालत ने बेटी के हत्यारों को आजीवन कारावास सुनाई मानों इस लाचार पिता की सालों की तपस्या सार्थक हो गई। इंसाफ की इस लड़ाई को अपनी जिन्दगी का आधार बना चुके इस पिता पर दुनिया भर के दबाव बनाए गए, कभी केस वापस लेने के लिए पाकिस्तान से आईएसआई के नाम पर धमकी मिली, तो कभी और तरीकों से उस पर दबाव बनाया गया। तमाम धमकियों के बाद भी यह बाप किसी चट्टान की तरह डंटा रहा और अदालत से अपनी बेटी को इंसाफ दिलाकर माना।

मामला करीब पांच साल पुराना है जब उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में लव जिहाद जैसी एक घटना ने सुर्खियां बटोरीं थी। हाथरस के जंक्शन थाना क्षेत्र के गांव नगला इमलिया की नाबालिग युवती को मुजफ्फरनगर जिले का निवासी सम्प्रदाय विशेष का एक युवक प्रेम जाल में फंसाया और फिर उसे भगा ले गया। परिजनों ने नाबालिग की खोज खबर के लिए पुलिस से संपर्क किया तो एक दिन मुजफ्फरनगर पुलिस से नाबालिग युवती के ईख के खेत से मरणसन्न अवस्था में बरामद होने की खबर मिली। बाद में पता चला कि उसके साथ कई बार बलात्कार किया गया और फिर हत्या की नियत से उसे तेजाब से जलाकर मरा समझ कर खेत में छोड़ा गया था।

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अस्पताल के बिस्तर पर पीड़िता ने 70 दिनों तक मौत से जंग लड़ी और आखिर में हार गई। बेटी के साथ हुए अपराध को लेकर उसके पिता ने इंसाफ की लड़ाई छेड़ दी। बेटी खोने के बाद लाचार बाप रात दिन एक करके थानों के चक्कर काटता रहा। पुलिस अपने ढ़र्रे पर कार्रवाई करती रही क्योंकि इस मामले में सांप्रदायिकता एक ऐसा आधार थी जिसे नकारा नहीं जा सकता था।

मृतका के पिता की ओर से लड़ी गई लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अदालत ने शनिवार को इस मामले मेंं आरोपी बनाए गए लोगो को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत से मिले इंसाफ के बाद संतुष्ट नजर आए पिता ने इस मामले में पुलिस के काम करने के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर पुलिस ने उनका साथ दिया होता तो शायद उसकी लड़ाई इतनी लंबी न खिंचती।

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