मरी गाय के साथ पढ़ने को मजबूर नौनिहाल, सूचना पर भी नहीं जागे अफसर

हाथरस। यूपी के हाथरस जिले के गांव नगला के पूर्व प्राथमिक पाठशाला में बच्चों का पढ़ना मुश्किल हो रहा है। जिसकी वजह बनी है पाठशाला परिसर में मरी पड़ी जंगली गाय। दो दिनों से गाय परिसर में सड़ रही है और विभागीय अधिकारियों को जानकारी दिए जाने के बावजूद इस ओर किसी का ध्यान नहीं गया।

पाठशाला की इंचार्ज प्री​ती का कहना है कि दो दिनों से मरी हुई जंगली गाय के सड़ने से उठ रही दुर्गन्ध की वजह से पढ़ना और पढ़ाना दूभर है। पहले दिन ही इस बात की सूचना सीनियर अधिकारियों को दे दी गई थी। कोई सुनवाई न होने पर गांव के प्रधान से संपर्क किया गया। दो दिन बाद प्रधान ने कुछ गांववालों के साथ मिलकर स्कूल परिसर में ही गढ्ढ़ा खुदवाकर दफन करवा दिया। जिसके बाद भी दुर्गन्ध की समस्या बनी हुई है।

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प्रीती का कहना है कि बरसात के मौसम में सड़ रहे शव से स्कूल में आने वाले बच्चों को संक्रमण का खतरा है। गांव वालों ने अपने हिसाब से स्कूल में ही शव को ठिकाने लगा दिया। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का ऐसी समस्या की ओर ध्यान न जाना साबित करता है कि वे अपनी नौकरी को लेकर गंभीर नहीं हैं। अगर ओझा गांव की पाठशाला में पढ़ने आने वाले बच्चे इस लापरवाही के चलते संक्रमण का शिकार हो जाते हैं तो इसकी जवाबदेही कौन लेगा।

हमने इसी विषय को लेकर एक चिकित्सक से भी बात की तो उन्होंने बताया कि मृत जानवर को आबादी के आस पास दफन करने के लिए कम से कम दस फीट गहरा गढ्ढ़ा करना चाहिए। जिससे संक्रमण फैलने की संभावना कम हो जाती है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि स्कूल जैसे स्थान के आस पास तो मरे जानवरों को दफन करना ही नहीं चाहिए क्योंकि ऐसी जगह पर बच्चे खेलते कूदते भी हैं। उन्हें ऐसे स्थानों पर जाने से न रोक पाने पर बच्चे गंभीर संक्रमण का शिकार हो सकते हैं।

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