अपनी डाइट में शामिल करें सौंफ, होंगे ये फायदे

अपनी डाइट में शामिल करें सौंफ, होंगे ये फायदे
अपनी डाइट में शामिल करें सौंफ, होंगे ये फायदे

लखनऊ। सौंफ की महक तो सभी को पसंद होती है। अगर आप खाना खाने के बाद सौंफ खाते हैं, पानी में सौंफ डालकर पीना या सौंफ वाली चाय पीना आपको पसंद है तो आपको स्वस्थ रहने से कोई रोक नहीं सकता। आजहम आपको सौंफ से होने वाले कुछ अनोखे फ़ायदों के बारे में बताएंगे जिसे जानकर आप भी अपनी डाइट में सौंफ को शामिल कर लेंगे…

Health Benefits Of Fennel Seeds :

सौंफ के सेवन से होगे ये फायदे

  • सौंफ पाचन में मदद करता है। इसके अलावा पेट में गैस की तकलीफ हो, पेट फूला लग रहा हो, तो सौंफ से राहत मिल सकती है। सौंफ एक बेहद असरदार एंटासिड भी है।
  • सौंफ कॉपर, पोटैशियम, फॉस्फोरस, कैल्शियम, जिंक, मैंगनीज, आयरन, सेलेनियम और मैन्नीशियम जैसे मिनरल्स से भरपूर होता है।
  • सौंफ को खाने से दिल की सेहत को कई तरह से फायदा हो सकता है, क्योंकि वे फाइबर से भरे होते हैं। फाइबर वो पोषक तत्व है जो उच्च कोलेस्ट्रॉल जैसे हृदय रोग के जोखिम कारकों को कम करने में सहायक है।
  • जिन शिशुओं की माताएं सौंफ की चाय पीती हैं, उनकी फीडिंग फ्रीक्वेंसी, वेट डायपर की संख्या, शौच की आवृत्ति, वजन बढ़ना और शिशुओं की सिर की परिधि में थोड़ी अधिक वृद्धि होती है।
लखनऊ। सौंफ की महक तो सभी को पसंद होती है। अगर आप खाना खाने के बाद सौंफ खाते हैं, पानी में सौंफ डालकर पीना या सौंफ वाली चाय पीना आपको पसंद है तो आपको स्वस्थ रहने से कोई रोक नहीं सकता। आजहम आपको सौंफ से होने वाले कुछ अनोखे फ़ायदों के बारे में बताएंगे जिसे जानकर आप भी अपनी डाइट में सौंफ को शामिल कर लेंगे... सौंफ के सेवन से होगे ये फायदे
  • सौंफ पाचन में मदद करता है। इसके अलावा पेट में गैस की तकलीफ हो, पेट फूला लग रहा हो, तो सौंफ से राहत मिल सकती है। सौंफ एक बेहद असरदार एंटासिड भी है।
  • सौंफ कॉपर, पोटैशियम, फॉस्फोरस, कैल्शियम, जिंक, मैंगनीज, आयरन, सेलेनियम और मैन्नीशियम जैसे मिनरल्स से भरपूर होता है।
  • सौंफ को खाने से दिल की सेहत को कई तरह से फायदा हो सकता है, क्योंकि वे फाइबर से भरे होते हैं। फाइबर वो पोषक तत्व है जो उच्च कोलेस्ट्रॉल जैसे हृदय रोग के जोखिम कारकों को कम करने में सहायक है।
  • जिन शिशुओं की माताएं सौंफ की चाय पीती हैं, उनकी फीडिंग फ्रीक्वेंसी, वेट डायपर की संख्या, शौच की आवृत्ति, वजन बढ़ना और शिशुओं की सिर की परिधि में थोड़ी अधिक वृद्धि होती है।