सोनौली पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह कोरोना हेल्प डेस्क का लिया जायजा

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सोनौली पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह कोरोना हेल्प डेस्क का लिया जायजा

सोनौली। यूपी में भी कोरोना के दस्तक से हाई अलर्ट हुए स्वास्थ्य महकमा के कैबिनेट मंत्री जय प्रताप सिंह ने रविवार को इंडो-नेपाल के अंतर्राष्ट्रीय प्रवेश द्वार सोनौली का निरीक्षण किया। सरहद से लेकर हेल्थ हेल्प कैम्प, कस्टम, इमीग्रेशन व विदेशी यात्रियों के ठहरने वाले स्थानों पर निरोधात्मक कार्रवाई का जायजा लिया। हेल्प कैम्प पर तैनात डाक्टरों से पूछताछ की। कहा कि कोरोना से लेकर डरने की जरूरत नहीं है। इसके रोकथाम व इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद है।

Health Minister Jai Pratap Singh Visits Corona Help Desk To Reach Sonauli :

सोनौली बार्डर पर सभी जांच एजेंसियों को स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय बनाकर विदेशी नागरिकों के सेहत की स्क्रीनिंग कराने में सहयोग देने को कहा। सड़क मार्ग पर सोनौली पहुंचे प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जयप्रताप सिंह ने हेल्थ कैम्प में विदेशी नागरिकों से सेल्फ रिपोर्टिंग फार्म भरवाने व उनके जांच के तौर तरीका का गहनता से निरीक्षण किया। कहा कि जांच के नाम पर किसी को परेशान नहीं करना है। विदेशी नागरिकों से शालीनता से सेल्फ रिपोर्टिंग फार्म को भरवाएं।

लक्षण पर विशेष नजर रखें। जिस यात्री में थोड़ी भी आशंका है, उससे पूरी पूछताछ करते हुए जांच-पड़ताल करें। डॉक्टरों की समस्या पर सीएमओ को दिया त्वरित कार्रवाई का निर्देश सोनौली के हेल्थ हेल्प कैम्प में स्वास्थ्य मंत्री जयप्रताप सिंह ने तैनात डाक्टरों से कई जानकारियां ली। समस्या के बाबत भी पूछा। स्वास्थ्य टीम ने मंत्री को बताया कि उनको अभी तक एन-95 मास्क नहीं मुहैया कराया गया है। विदेशी नागरिकों की स्क्रीनिंग के दौरान नजदीक रहना पड़ रहा है। ऐसे में उच्च क्वालिटी का मास्क जरूरी है।

इस पर मंत्री ने सीएमओ को दिशा निर्देश दिया। नाश्ता व भोजन के सवाल पर डाक्टर व अन्य स्टाफ ने बताया कि विभाग की तरफ से इसकी व्यवस्था नहीं है। इस पर मंत्री ने सीएमओ से कहा कि जब ड्यूटी लगा रहे हैं, तो नाश्ता व भोजन क्यों नहीं दे रहे हैं? मंत्री के निर्देश पर सीएमओ ने कहा कि अभी से व्यवस्था सुनिश्चित करा दी जाएगी।

रात के शिफ्ट में ड्यूटी करने वाले डाक्टर, फार्मासिस्ट, नर्स आदि के ठहरने के सवाल पर सीएमओ ने बताया कि पर्यटन विभाग के होटल निरंजना में दो कमरा बुक कराया गया है। इमीग्रेशन विभाग को यह सूचना दे दी गई है कि रात में जैसे कोई विदेशी नागरिक आए, फौरन सूचना दें। स्वास्थ्य टीम पहुंच कर जांच-पड़ताल कर लेगी।

सोनौली। यूपी में भी कोरोना के दस्तक से हाई अलर्ट हुए स्वास्थ्य महकमा के कैबिनेट मंत्री जय प्रताप सिंह ने रविवार को इंडो-नेपाल के अंतर्राष्ट्रीय प्रवेश द्वार सोनौली का निरीक्षण किया। सरहद से लेकर हेल्थ हेल्प कैम्प, कस्टम, इमीग्रेशन व विदेशी यात्रियों के ठहरने वाले स्थानों पर निरोधात्मक कार्रवाई का जायजा लिया। हेल्प कैम्प पर तैनात डाक्टरों से पूछताछ की। कहा कि कोरोना से लेकर डरने की जरूरत नहीं है। इसके रोकथाम व इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद है। सोनौली बार्डर पर सभी जांच एजेंसियों को स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय बनाकर विदेशी नागरिकों के सेहत की स्क्रीनिंग कराने में सहयोग देने को कहा। सड़क मार्ग पर सोनौली पहुंचे प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जयप्रताप सिंह ने हेल्थ कैम्प में विदेशी नागरिकों से सेल्फ रिपोर्टिंग फार्म भरवाने व उनके जांच के तौर तरीका का गहनता से निरीक्षण किया। कहा कि जांच के नाम पर किसी को परेशान नहीं करना है। विदेशी नागरिकों से शालीनता से सेल्फ रिपोर्टिंग फार्म को भरवाएं। लक्षण पर विशेष नजर रखें। जिस यात्री में थोड़ी भी आशंका है, उससे पूरी पूछताछ करते हुए जांच-पड़ताल करें। डॉक्टरों की समस्या पर सीएमओ को दिया त्वरित कार्रवाई का निर्देश सोनौली के हेल्थ हेल्प कैम्प में स्वास्थ्य मंत्री जयप्रताप सिंह ने तैनात डाक्टरों से कई जानकारियां ली। समस्या के बाबत भी पूछा। स्वास्थ्य टीम ने मंत्री को बताया कि उनको अभी तक एन-95 मास्क नहीं मुहैया कराया गया है। विदेशी नागरिकों की स्क्रीनिंग के दौरान नजदीक रहना पड़ रहा है। ऐसे में उच्च क्वालिटी का मास्क जरूरी है। इस पर मंत्री ने सीएमओ को दिशा निर्देश दिया। नाश्ता व भोजन के सवाल पर डाक्टर व अन्य स्टाफ ने बताया कि विभाग की तरफ से इसकी व्यवस्था नहीं है। इस पर मंत्री ने सीएमओ से कहा कि जब ड्यूटी लगा रहे हैं, तो नाश्ता व भोजन क्यों नहीं दे रहे हैं? मंत्री के निर्देश पर सीएमओ ने कहा कि अभी से व्यवस्था सुनिश्चित करा दी जाएगी। रात के शिफ्ट में ड्यूटी करने वाले डाक्टर, फार्मासिस्ट, नर्स आदि के ठहरने के सवाल पर सीएमओ ने बताया कि पर्यटन विभाग के होटल निरंजना में दो कमरा बुक कराया गया है। इमीग्रेशन विभाग को यह सूचना दे दी गई है कि रात में जैसे कोई विदेशी नागरिक आए, फौरन सूचना दें। स्वास्थ्य टीम पहुंच कर जांच-पड़ताल कर लेगी।