1. हिन्दी समाचार
  2. दिल्ली
  3. स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया बोले- कोरोना के AY.4.2 वैरिएंट की हर स्तर से हो रही है जांच

स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया बोले- कोरोना के AY.4.2 वैरिएंट की हर स्तर से हो रही है जांच

भारत में AY.4.2 नामक कोरोना का नए वेरिएंट सामने आया है। इसके बाद से सरकार के साथ-साथ लोगों की चिंता भी एक बार फिर से बढ़ा दी है। स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि सरकार की नजर इस मामले पर बनी हुई है। उन्होंने कहा कि हर स्तर से इसकी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और नेशनल सेंटर फार डिजीज कंट्रोल (NCDC ) की टीमों पर विभिन्न प्रकारों का अध्ययन और विश्लेषण का जिम्मा है।

By संतोष सिंह 
Updated Date

नई दिल्ली। भारत में AY.4.2 नामक कोरोना का नए वेरिएंट सामने आया है। इसके बाद से सरकार के साथ-साथ लोगों की चिंता भी एक बार फिर से बढ़ा दी है। स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि सरकार की नजर इस मामले पर बनी हुई है। उन्होंने कहा कि हर स्तर से इसकी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और नेशनल सेंटर फार डिजीज कंट्रोल (NCDC ) की टीमों पर विभिन्न प्रकारों का अध्ययन और विश्लेषण का जिम्मा है।

पढ़ें :- Corona Vaccine Booster Dose पर जानें क्‍या बोले ICMR प्रमुख डॉ. बलराम भार्गव?

कोवैक्सिन की मंजूरी पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि डब्ल्यूएचओ (WHO) की एक प्रणाली है, जिसमें एक तकनीकी समिति होती है। जिसने कोवाक्सिन (Covaxin)  को मंजूरी दे दी है जबकि दूसरी समिति की आज बैठक हो रही है। कोवाक्सिन (Covaxin) की मंजूरी आज की बैठक के आधार पर दी जाएगी।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ‘प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन’ (Prime Minister Ayushman Bharat Health Infrastructure Mission) के तहत सभी स्वास्थ्य सेवा सुविधाओं से युक्त दो कंटेनर स्थापित किया जाएंगे, जिन्हें आपात स्थिति में एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जा सकेगा। मांडविया ने बताया कि हर कंटेनर में 200 बिस्तरों की क्षमता होगी और इन्हें दिल्ली एवं चेन्नई में स्थापित किया जाएगा। इन कंटेनर को आपात स्थिति में हवाई मार्ग से या ट्रेन के जरिए ले जाया जा सकता है।

उन्होंने कहा केंद्र सरकार ने स्वास्थ्यसेवा के क्षेत्र के प्रति ‘प्रतीकात्मक’ नहीं, बल्कि ‘समग्र’ दृष्टिकोण अपनाया है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 (COVID-19)  ने स्वास्थ्य सेवा संबंधी बुनियादी ढांचे में सुधार करने का अवसर दिया है । इसके लिए 64,000 करोड़ रुपए के निवेश के साथ ‘प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन’ (Prime Minister Ayushman Bharat Health Infrastructure Mission)  की शुरुआत की गई।

पढ़ें :- Covid 19 : डेढ़ साल के निचले स्तर पर नए केस, तेजी से भाग रहा कोरोना
इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...