SC ने तेजस्वी यादव को दिया बंगला खाली करने का आदेश, लगाया 50 हजार का जुर्माना

tejsavi yadav
SC ने तेजस्वी यादव को दिया बंगला खाली करने का आदेश, लगाया 50 हजार का जुर्माना

नई दिल्ली। राजद नेता और लालू प्रसाद के बेटे तेजस्वी यादव को सुप्रीम कोर्ट ने झटका दिया है. बिहार विधानसभा में विपक्षी नेता और राजद नेता तेजस्वी यादव के सरकारी बंगला विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने 50 हजार जुर्माना लगाया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि तेजस्वी यादव इस तरह की याचिका दायर कर कोर्ट का कीमती समय ख़राब कर रहे हैं। तेजस्वी को अब अपना बंगला खाली करना ही होगा।

Hearing Of Tejaswi Yadav Bungalow Dispute Today In Supreme Court :

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता एवं न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने सरकार के फैसले को चुनौती देने के लिए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता पर 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। बड़ा दे कि पटना हाईकोर्ट ने जनवरी के महीने में तेजस्वी यादव को बंगला खाली करने का आदेश दिया था। उन्होंने बिहार सरकार के आदेश को कोर्ट में चुनौती दी थी।

क्या है मामला?

यह बंगला वर्तमान उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी को आवंटित हुआ है। इससे पहले 5 दिसंबर को तेजस्वी का बंगला खाली कराने के लिए कई सरकारी अधिकारी उनके निवास स्थान पहुंचे थे। उस समय तेजस्वी नई दिल्ली में थे। ये मामला बिहार विधानसभा में भी विवाद का मुद्दा बन चुका है।

 

 

नई दिल्ली। राजद नेता और लालू प्रसाद के बेटे तेजस्वी यादव को सुप्रीम कोर्ट ने झटका दिया है. बिहार विधानसभा में विपक्षी नेता और राजद नेता तेजस्वी यादव के सरकारी बंगला विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने 50 हजार जुर्माना लगाया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि तेजस्वी यादव इस तरह की याचिका दायर कर कोर्ट का कीमती समय ख़राब कर रहे हैं। तेजस्वी को अब अपना बंगला खाली करना ही होगा। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता एवं न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने सरकार के फैसले को चुनौती देने के लिए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता पर 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। बड़ा दे कि पटना हाईकोर्ट ने जनवरी के महीने में तेजस्वी यादव को बंगला खाली करने का आदेश दिया था। उन्होंने बिहार सरकार के आदेश को कोर्ट में चुनौती दी थी। क्या है मामला? यह बंगला वर्तमान उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी को आवंटित हुआ है। इससे पहले 5 दिसंबर को तेजस्वी का बंगला खाली कराने के लिए कई सरकारी अधिकारी उनके निवास स्थान पहुंचे थे। उस समय तेजस्वी नई दिल्ली में थे। ये मामला बिहार विधानसभा में भी विवाद का मुद्दा बन चुका है।