आधार अधिनियम पर सर्वोच्च न्यायालय की संविधान पीठ करेगी सुनवाई

नई दिल्ली| आधार अधिनियम की वैधता से संबंधित एक याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय की संविधान पीठ सुनवाई करेगी, जो 18 जुलाई से शुरू होगी और दो दिन तक चलेगी। आधार अधिनियम की वैधता को चुनौती गोपनीयता के मुद्दे पर दी गई है और यह मुद्दा पिछले दो साल से लंबित पड़ा है।

पीठ इस पर फैसला करेगी कि गोपनीयता का अधिकार क्या मौलिक अधिकार है? सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति जगदीश सिंह केहर और न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़ की पीठ ने बुधवार को कहा कि पांच न्यायाधीशों की पीठ दो दिनों तक इस मामले की सुनवाई करेगी।

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वरिष्ठ वकील श्याम दीवान और अटॉर्नी जनरल के.के. वेणुगोपाल ने मामले की जल्द सुनवाई की मांग की, जिस पर केहर ने मामले की सुनवाई संविधान पीठ द्वारा किए जाने की बात कही। गोपनीयता मौलिक अधिकार है या नहीं, इस पर आधार योजना की वैधता को लेकर सवाल अक्टूबर 2015 में सविधान पीठ के पास भेजा गया था।

बताते चले कि झारखंड से 22 अप्रैल को खबर आई थी कि राज्य सरकार की लापरवाही से प्रदेश के 14 लाख से अधिक लोगों का आधार डाटा सार्वजनिक हो गया। मामले का खुलासा हुआ तो सरकार ने वेबसाइट से आधार नंबर इनक्रिप्ट (कूटभाषा में) कर दिया। फिर पता चला कि देश के अलग-अलग सरकारी विभागों ने करीब साढ़े 13 करोड़ लोगों के आधार कार्ड का डाटा लीक कर दिया है। ऐसा कई बार अभी तक सामने आ चूका है जिस पर सुनवाई होनी है.

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