भीषण गर्मी और लू से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान

भीषण गर्मी , लू से बचने के उपाय
भीषण गर्मी और लू से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान

नई दिल्ली। दिल्ली ही नहीं उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भी भीषण गर्मी पड़ रही है और पारा 45 डिग्री के पार चला गया है। इन दिनों अस्पतालों में हीट स्ट्रोक, निमोनिया, डायरिया, दस्त आदि से ग्रस्त मरीजों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में बुजुर्ग, बच्चे और वैसे लोग जो पहले से किसी बीमारी से पीड़ित हैं वे गर्मी से होने वाली समस्याओं के प्रति ज्यादा संवेदनशील हैं। ऐसे में अपने खानपान से लेकर रहन-सहन में बदलाव कर आप भी गर्मी से होने वाली बीमारियों से बच सकते हैं।

Heat Stroke Natural Treatment :

  • कड़ी धूप में बाहर न निकलें, खासकर दोपहर 12 से 3 तक के बीच में, जिनती बार हो सके पानी पीएं, प्यास न लगे तो भी पानी पीएं।
  • लू और उमस भरे गर्मी के मौसम में हल्के रंग के ढीले-ढाले सूती कपड़े पहनें।
  • धूप से बचने के लिए गमछा, टोपी, छाता, धूप का चश्मा, जूते और चप्पल का इस्तेमाल करें।
  • सफर में अपने साथ पानी की बोटल साथ रखेँ।
  • साथ ही नशीले पदार्थ, शराब, अल्कोहल के सेवन से बचने की हिदायद के साथ शराब, चाय, कॉफी जैसे पेय पदार्थों का इस्तेमाल नहीं करने को कहा गया है, क्योंकि ये शरीर को निर्जलित कर सकते हैं।
  • अगर आपका काम बाहर का है तो टोपी, गमछा या छाते का इस्तेमाल जरूर करें और गीले कपड़े को अपने चहरे, सिर और गर्दन पर रखें।
  • अगर आपकी तबीयत ठीक न लगे या चक्कर आए तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
  • घर में बना पेय पदार्थ जैसे कि लस्सी, नमक-चीनी का घोल, नींबू पानी, छाछ, आम का पना इत्यादि का सेवन करें।
  • जानवरों को छांव में रखें और खूब पानी पीने को दें।
  • अपने घर को ठंडा रखें, पर्दे शटर आदि का इस्तेमाल करें, रात में खिड़कियां खुली रखें।
  • तले-भुने, बहुत ज्यादा फैट वाले और बहुत ज्यादा चीनी वाली चीजें खाने से बचें।
  • फ्रिज में रखे खाने को अगर इस्तेमाल करने जा रहे हों तो उसे कम से कम 5 मिनट तक गर्म जरूर करें।
  • खाने-पीने में साफ-सफाई का ध्यान रखें, स्ट्रीट फूड खाने से बचें।
नई दिल्ली। दिल्ली ही नहीं उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भी भीषण गर्मी पड़ रही है और पारा 45 डिग्री के पार चला गया है। इन दिनों अस्पतालों में हीट स्ट्रोक, निमोनिया, डायरिया, दस्त आदि से ग्रस्त मरीजों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में बुजुर्ग, बच्चे और वैसे लोग जो पहले से किसी बीमारी से पीड़ित हैं वे गर्मी से होने वाली समस्याओं के प्रति ज्यादा संवेदनशील हैं। ऐसे में अपने खानपान से लेकर रहन-सहन में बदलाव कर आप भी गर्मी से होने वाली बीमारियों से बच सकते हैं।
  • कड़ी धूप में बाहर न निकलें, खासकर दोपहर 12 से 3 तक के बीच में, जिनती बार हो सके पानी पीएं, प्यास न लगे तो भी पानी पीएं।
  • लू और उमस भरे गर्मी के मौसम में हल्के रंग के ढीले-ढाले सूती कपड़े पहनें।
  • धूप से बचने के लिए गमछा, टोपी, छाता, धूप का चश्मा, जूते और चप्पल का इस्तेमाल करें।
  • सफर में अपने साथ पानी की बोटल साथ रखेँ।
  • साथ ही नशीले पदार्थ, शराब, अल्कोहल के सेवन से बचने की हिदायद के साथ शराब, चाय, कॉफी जैसे पेय पदार्थों का इस्तेमाल नहीं करने को कहा गया है, क्योंकि ये शरीर को निर्जलित कर सकते हैं।
  • अगर आपका काम बाहर का है तो टोपी, गमछा या छाते का इस्तेमाल जरूर करें और गीले कपड़े को अपने चहरे, सिर और गर्दन पर रखें।
  • अगर आपकी तबीयत ठीक न लगे या चक्कर आए तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
  • घर में बना पेय पदार्थ जैसे कि लस्सी, नमक-चीनी का घोल, नींबू पानी, छाछ, आम का पना इत्यादि का सेवन करें।
  • जानवरों को छांव में रखें और खूब पानी पीने को दें।
  • अपने घर को ठंडा रखें, पर्दे शटर आदि का इस्तेमाल करें, रात में खिड़कियां खुली रखें।
  • तले-भुने, बहुत ज्यादा फैट वाले और बहुत ज्यादा चीनी वाली चीजें खाने से बचें।
  • फ्रिज में रखे खाने को अगर इस्तेमाल करने जा रहे हों तो उसे कम से कम 5 मिनट तक गर्म जरूर करें।
  • खाने-पीने में साफ-सफाई का ध्यान रखें, स्ट्रीट फूड खाने से बचें।