पश्चिम बंगाल: हनुमान जयंती पर हथियार के साथ रैली करने पर बैन, 1000 अतिरिक्त पुलिस फोर्स सड़क पर

बंगाल में हथियार के साथ रैली करने पर बैन, हनुमान जयंती को लेकर बढ़ाई गई सुरक्षा
बंगाल में हथियार के साथ रैली करने पर बैन, हनुमान जयंती को लेकर बढ़ाई गई सुरक्षा

पश्चिम बंगाल: बंगाल में रामनवमी पर भड़की हिंसा को देखते हुए आज हनुमान जयंती पर होनेवाले कार्यक्रमों को शांतिपूर्ण तरीके से पूरा कराना पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। यह उनके लिए परीक्षा की घड़ी है क्योंकि कुछ इलाके अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। ऐसे में हनुमान जयंती पर मंदिरों समेत तमाम संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा काफी कड़ी कर दी गई है।

रामनवमी के मौके पर राज्य के कुछ जगहों में हिंसा की घटनाओं को देखते हुए कोलकाता पुलिस की तरफ से शनिवार को हनुमान जयंती को लेकर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किये गये हैं. जिससे हनुमान जयंती के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना ना घटे. लालबाजार सूत्रों के मुताबिक शनिवार को महानगर में एक हजार अतिरिक्त फोर्स सड़कों पर तैनात रहेंगे. रामनवमी की तुलना में हनुमान जयंती को लेकर काफी कम रैली महानगर की सड़कों पर निकाली जाती है. लेकिन इस बार किसी भी तरह की सशस्त्र रैलियों पर लगा दिया गया है.

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शोभायात्रा में किसी भी प्रकार का अस्त्र रहने पर उसे शुरुआत में ही जब्त करने का निर्देश दिया गया है. कोलकाता पुलिस के दायरे में पड़ने वाले सभी थानों के ओसी को इसके लिए सचेत रहने का निर्देश दिया गया है. इलाके में पहले से ही सफेद पोशाक में निगरानी रखने को कहा गया है. किसी तरह की संदिग्ध गतिविधी रहने पर तुरंत लालबाजार में फोन कर वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित करने को कहा गया है. लालबाजार के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि शनिवार को दिनभर पुलिस सड़कों पर तैनात रहेगी. प्रत्येक डिविजन में अतिरिक्त रिजर्व फोर्स मौजूद रहेंगे.

ज्ञात हो कि रामनवमी के बाद रविवार को राज्य के कुछ इलाकों (पश्चिम बर्द्धमान जिले के आसनसोल एवं रानीगंज) में हुई हिंसा में बाहरी लोगों के संलिप्त होने का खुलासा हुआ था. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य के पुलिस महानिदेशक सुरजीत कर पुरकायस्थ, एडीजी (कानून व्यवस्था) अनूज शर्मा के अलावा गृह सचिव व मुख्य सचिव के साथ बैठक कर स्थिति पर नजर रखने को कहा था. नवान्न सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में रानीगंज व आसनसोल में मौजूदा हालात को ध्यान में रखने के अलावा मुख्यमंत्री ने किसी भी अप्रिय घटना को टालने के लिये पुलिस को कड़ा रुख अपनाने के भी निर्देश दिये हैं.

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पश्चिम बंगाल: बंगाल में रामनवमी पर भड़की हिंसा को देखते हुए आज हनुमान जयंती पर होनेवाले कार्यक्रमों को शांतिपूर्ण तरीके से पूरा कराना पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। यह उनके लिए परीक्षा की घड़ी है क्योंकि कुछ इलाके अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। ऐसे में हनुमान जयंती पर मंदिरों समेत तमाम संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा काफी कड़ी कर दी गई है। रामनवमी के मौके पर राज्य के कुछ जगहों में हिंसा की घटनाओं को देखते हुए कोलकाता…
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