शाहीन बाग में लागू धारा 144 , भारी संख्या में पुलिसबल तैनात

शाहीन बाग में लागू धारा 144 , भारी संख्या में पुलिसबल तैनात
शाहीन बाग में लागू धारा 144 , भारी संख्या में पुलिसबल तैनात

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन के बीच दिल्ली के शाहीन बाग में धारा 144 लागू कर दी गई है। एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल को तैनात किया गया है। प्रदर्शनस्थल के पास 12 अतिरिक्त कंपनी सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। इसमें दस कंपनी पुरुष सुरक्षा बल शामिल हैं, जबकि दो कंपनी महिला सुरक्षाबलों की तैनात की गई है।

Heavy Police Deployment In Shaheen Bagh Delhi Live Updates Section 144 Applied :

दिल्ली के शाहीन बाग में संयुक्त आयुक्त डीसी श्रीवास्तव ने कहा कि एहतियात के तौर पर यहां भारी पुलिस तैनात की गई है। हमारा उद्देश्य कानून और व्यवस्था बनाए रखना है और किसी भी अप्रिय घटना को होने से रोकना है। वहीं शाहीन बाग में प्रदर्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका पर अब 23 मार्च को सुनवाई होनी है। याचिका में प्रदर्शनकारियों की तरफ से सुरक्षा देने की मांग की गई थी। नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं।

शाहीन बाग में दिसंबर महीने से विरोध प्रदर्शन चल रहा है, लोग नागरिकता संशोधन कानून को वापस लिए जाने की मांग कर रहे हैं। शाहीन बाग पर पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि किसी सार्वजनिक जगह पर अनंतकाल तक प्रदर्शन नहीं किया जा सकता है। हालांकि तब सड़क खाली करवाने का कोई आदेश नहीं दिया गया था।

न्यायमूर्ति एस के कौल और न्यायमूर्ति के एम जोसेफ की पीठ ने कहा था कि एक कानून है और लोगों की उसके खिलाफ शिकायत है। मामला अदालत में लंबित है। इसके बावजूद कुछ लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्हें प्रदर्शन का अधिकार है लेकिन आप सड़कों को अवरूद्ध नहीं कर सकते। ऐसे क्षेत्र में अनिश्चित समय तक प्रदर्शन नहीं हो सकते।

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन के बीच दिल्ली के शाहीन बाग में धारा 144 लागू कर दी गई है। एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल को तैनात किया गया है। प्रदर्शनस्थल के पास 12 अतिरिक्त कंपनी सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। इसमें दस कंपनी पुरुष सुरक्षा बल शामिल हैं, जबकि दो कंपनी महिला सुरक्षाबलों की तैनात की गई है। दिल्ली के शाहीन बाग में संयुक्त आयुक्त डीसी श्रीवास्तव ने कहा कि एहतियात के तौर पर यहां भारी पुलिस तैनात की गई है। हमारा उद्देश्य कानून और व्यवस्था बनाए रखना है और किसी भी अप्रिय घटना को होने से रोकना है। वहीं शाहीन बाग में प्रदर्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका पर अब 23 मार्च को सुनवाई होनी है। याचिका में प्रदर्शनकारियों की तरफ से सुरक्षा देने की मांग की गई थी। नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं। शाहीन बाग में दिसंबर महीने से विरोध प्रदर्शन चल रहा है, लोग नागरिकता संशोधन कानून को वापस लिए जाने की मांग कर रहे हैं। शाहीन बाग पर पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि किसी सार्वजनिक जगह पर अनंतकाल तक प्रदर्शन नहीं किया जा सकता है। हालांकि तब सड़क खाली करवाने का कोई आदेश नहीं दिया गया था। न्यायमूर्ति एस के कौल और न्यायमूर्ति के एम जोसेफ की पीठ ने कहा था कि एक कानून है और लोगों की उसके खिलाफ शिकायत है। मामला अदालत में लंबित है। इसके बावजूद कुछ लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्हें प्रदर्शन का अधिकार है लेकिन आप सड़कों को अवरूद्ध नहीं कर सकते। ऐसे क्षेत्र में अनिश्चित समय तक प्रदर्शन नहीं हो सकते।