पिछली जेब में पर्स ही नहीं बल्कि वन साइड बैग भी देता है दर्द

पिछली जेब में पर्स ही नहीं बल्कि वन साइड बैग भी देता है दर्द
पिछली जेब में पर्स ही नहीं बल्कि वन साइड बैग भी देता है दर्द

Heavy School Bag Is Affecting Childrens Health

नई दिल्ली। आज के समय में बच्चों के भारी स्कूली बैग की वजह से कम उम्र में ही उन्हे पीठ दर्द, मसल्स पेन और गर्दन दर्द जैसी समस्याओं से झुझना पड़ता है। सर्वे के मुताबिक यह सामने आया है कि स्कूल में पढ़ने वाले 60% बच्चों में जोड़ों में दर्द, 30% बच्चों की कमर में दर्द व 58% बच्चे हड्डी रोग से पीड़ित हैं। दरअसल 18 साल तक बच्चों की हड्डियाँ काफी नाजुक होती हैं ऐसे में रीढ़ की हड्डी भारी वजन सहने लायक उतनी मजबूत नहीं होती है।

कई बार ऐसे मामले सामने आते हैं जिसमें यह देखने को मिलता है कि छोटी उम्र में ही आज के बच्चों को स्पोंडिलाइटिस, झुकी कमर और पोश्चर की समस्या आने लगी है। इन सभी समस्याओं का कारण है भारी किताबों से भरा स्कूली बैग जिसे लादकर बच्चों को स्कूल का पूरा सफर तय करना पड़ता है।

वन साइड बैग टांगने से बढ़ रही समस्या

  • भारी बैग उठाने के कारण बच्चों में तनाव हो जाता है।
  • भारी बस्तों से बच्चों के कंधों पर बुरा असर हो सकता है। दर्द बना रह सकता है। पैरंट्स गौर करें कि बस्ता टांगने के बाद बच्चा झुककर तो नहीं चल रहा है।
  • आजकल बच्चों में एक कंधे पर बैग को टांगे रखने का फैशन है। एक कंधे पर बैग टांगे रहने से वन साइडेड पेन शुरू हो जाता है।
  • बच्चे जितना भारी बैग उठाएंगे आगे चलकर उनमें स्पॉन्डलाइटिस व स्कॉलियोसिस की समस्या होगी।
  • भारी स्कूल बैग से बच्चों के फेफड़ों पर दबाव पड़ने लगता है। साथ ही उनकी सांस लेने की क्षमता कम हो जाती है जो खतरनाक है।
  • भारी बैग लेने से हाथों में झुनझुनी और कमजोरी आने लगती है। इससे बच्चों की नसें भी कमजोर हो जाती हैं।

इन बातों का रखें खास खयाल

  • पेरेंट्स को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि बच्चों के लिए ऐसा स्कूल बैग खरीदें, जिसके शोल्डर स्ट्रैप पैडड हैं जिसकी वजह से गर्दन और कंधों पर दबाव कम पड़ता है।
  • बैग टाँगने के बाद बच्चों का पोश्चर चेक करें।
  • बच्चे की इस बात का ध्यान दें कि आपका बच्चा आगे की तरफ तो नहीं झुक रहा है, कहीं उसकी कमर तो नहीं झुक रही। अगर ऐसा है तो इसका मतलब है कि बैग ज्यादा भारी हो गया है या फिर वह बैग को सही तरीके से कैरी नहीं कर रहा है।

पिछली जेब में पैसे रखने वाले इस बात का रखें ध्यान

  • पिछली जेब में पर्स रखकर ज्यादा देर तक न बैठें
  • हिप स्ट्रेचिंग एक्सर्साइज करें
  • हर 20 मिनट में 2 मिनट के लिए सीट से उठें और यहां-वहां घूमें
  • पर्स को आगे की जेब या किसी बैग में रखें।
नई दिल्ली। आज के समय में बच्चों के भारी स्कूली बैग की वजह से कम उम्र में ही उन्हे पीठ दर्द, मसल्स पेन और गर्दन दर्द जैसी समस्याओं से झुझना पड़ता है। सर्वे के मुताबिक यह सामने आया है कि स्कूल में पढ़ने वाले 60% बच्चों में जोड़ों में दर्द, 30% बच्चों की कमर में दर्द व 58% बच्चे हड्डी रोग से पीड़ित हैं। दरअसल 18 साल तक बच्चों की हड्डियाँ काफी नाजुक होती हैं ऐसे में रीढ़ की हड्डी…