ये है देसी जड़ी-बूटियों वाला हर्बल सैनिटाइजर, जानें खूबी

अब चीनी मिलों में भी बनेंगे हैंड सैनिटाइजर, 45 कंपिनयों को मिला लाइसेंस
ये है देसी जड़ी-बूटियों वाला हर्बल सैनिटाइजर, जानें खूबी

दुनिया के सबसे नए वायरस को विश्व की सबसे बुजुर्ग चिकित्सा पद्धति मात देने आ खड़ी हुई है. कोरोना को मिटाने के लिए आयुर्वेद के कई अस्त्र युद्ध क्षेत्र में सक्रिय हो गए हैं. कहीं हर्बल मास्क तो कहीं हर्बल सैनिटाइजर से काम लिया जा रहा है. बाजार में अब जड़ी-बूटियों के चमत्कारिक अर्क के गुणों वाले सैनिटाइजर उपलब्ध होने लगे हैं.

Herbal Sanitizer Can Destroy Coron Virus :

कोरोना को किसी भी कीमत और किसी भी सूरत में कुचलना है, इसलिए यहां बात सिर्फ सैशे में काढ़ा तक ही नहीं बल्कि आयुर्वेदिक यानी हर्बल हैंड सैनिटाइजर तक भी जा पहुंची है. आयुर्वेदिक विशेषज्ञों की नजर में ये देसी तकनीक विदेशी वायरस के छक्के छुड़ाएगी.

एमिल फार्मास्युटिकल कंपनी के कार्यकारी निदेशक, संचित शर्मा ने बताया कि जड़ी बूटियों पर भारतीय ऋषियों की सदियों पुरानी मेहनत, शोध, खोज और प्रयोग आज भी हमारे काम आ रहे हैं. बस जरूरत है तो प्राचीन ग्रन्थों के पन्नों को ध्यान से पलटने की है.

बता दें कि कोरोना न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया में तेजी से फैल रहा है. दुनियाभर में अब तक इसके 67 लाख से भी ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं. कोरोना वायरस से दुनियाभर में मरने वालों का आंकड़ा चार लाख के पार पहुंचने वाला है. जबकि भारत में अब तक 2 लाख 36 हजार से ज्यादा लोग इसकी चपेट में आएं हैं, जिनमें से साढ़े छह हजार से ज्यादा की मौत हो चुकी है.

दुनिया के सबसे नए वायरस को विश्व की सबसे बुजुर्ग चिकित्सा पद्धति मात देने आ खड़ी हुई है. कोरोना को मिटाने के लिए आयुर्वेद के कई अस्त्र युद्ध क्षेत्र में सक्रिय हो गए हैं. कहीं हर्बल मास्क तो कहीं हर्बल सैनिटाइजर से काम लिया जा रहा है. बाजार में अब जड़ी-बूटियों के चमत्कारिक अर्क के गुणों वाले सैनिटाइजर उपलब्ध होने लगे हैं. कोरोना को किसी भी कीमत और किसी भी सूरत में कुचलना है, इसलिए यहां बात सिर्फ सैशे में काढ़ा तक ही नहीं बल्कि आयुर्वेदिक यानी हर्बल हैंड सैनिटाइजर तक भी जा पहुंची है. आयुर्वेदिक विशेषज्ञों की नजर में ये देसी तकनीक विदेशी वायरस के छक्के छुड़ाएगी. एमिल फार्मास्युटिकल कंपनी के कार्यकारी निदेशक, संचित शर्मा ने बताया कि जड़ी बूटियों पर भारतीय ऋषियों की सदियों पुरानी मेहनत, शोध, खोज और प्रयोग आज भी हमारे काम आ रहे हैं. बस जरूरत है तो प्राचीन ग्रन्थों के पन्नों को ध्यान से पलटने की है. बता दें कि कोरोना न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया में तेजी से फैल रहा है. दुनियाभर में अब तक इसके 67 लाख से भी ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं. कोरोना वायरस से दुनियाभर में मरने वालों का आंकड़ा चार लाख के पार पहुंचने वाला है. जबकि भारत में अब तक 2 लाख 36 हजार से ज्यादा लोग इसकी चपेट में आएं हैं, जिनमें से साढ़े छह हजार से ज्यादा की मौत हो चुकी है.