यहां पर चिल्लर में बिकती है एक से एक सुंदर लड़कियां

महिलाओं के जिस्मफरोसी का धंधा काफी फल फुल रहा है। आज जमाना चाहें कितना भी बदल गया हो लेकिन आज भी महिलाओं पर होने वाले शोषण थमने का नाम नहीं ले रहा। रोज़ाना सुबह जब अख़बार खोलते है तो न जाने कितने ही रेप की खबरे छपी हुई होती है। आज भी गावो में और शहरों में असामाजिक तत्वों का महिलाएं शिकार हो रही हैं। आज हम आपको एक एेसे गांव के बारे में बताने जा रहे है जहां 10 रुपए के स्टाम्प पर मुहर लगाकर लड़कियों को बेच दिया जाता है।
मध्यप्रेदश के शिवपुरी में धड़ीचा नाम प्रथा निभाई जाती है। यह प्रथा औरतों की खरीद फरोख्त की एेसी प्रथा है जिसकी शिकार युवतियों के पति स्टाम्प पर साइन होते ही बदल जाते हैं। इस प्रथा में बिकने वाली औरत और खरीदने वाले पुरुष के बीच एक कॉन्ट्रैक्ट किया जाता है। ज्यादा रकम होेने पर संबंध लंबे समय तक रहता है। वहीं, अगर रकम कम हो तो जल्द ही खत्म हो जाता है।

कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने पर महिला का दूसरे पुरुष के साथ सौदा कर दिया जाता है। गांव में रहने वाली एक महिला का कहना है कि इस कुप्रथा को खत्म करने के लिए कई बार सरकार ने प्रयास भी किए लेकिन फिर भी यह प्रथा खत्म नहीं हुई। और महिलाओ आज भी शारारिक शोषण का शिकार हो रही है।

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