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यहां है मौत का सागर फिर भी नहीं डूबता कोई शख्स, पानी मे लाखो औषधीय गुण

Here Is The Ocean Of Death Yet No Person Drowns There Are Millions Of Medicinal Properties In Water

By आराधना शर्मा 
Updated Date

इजराइल: जॉर्डन, इजराइल और फलस्तीन के बीच मौजूद मृत सागर या डेड सी, दुनिया की सबसे बड़ी खारे पानी की झील है। वहां पानी में बहुत ही ज्यादा नमक है। नमक पानी को इतना सघन बना देता है कि मृत सागर में कोई भी आसानी से तैरने लगता है।

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मृत सागर धरती पर मौजूद सबसे निचला इलाका है। यह समुद्र तल से 423 मीटर नीचे हैं। तेज गर्मी और अथाह वाष्पीकरण की वजह से मृत सागर के पानी का खारापन 33.7 फीसदी रहता है। इसका पानी महासागरों की तुलना में 10 गुना ज्यादा खारा है।

बेहद खारेपन के चलते मृत सागर में पानी में रहने वाले आम जीव नहीं पनप पाते। इसके आसपास भी दूसरे जानवर और पौधे नहीं दिखाई पड़ते। इसी वजह से इसे मृत सागर कहा जाता है। हालांकि यहां के पानी बेहद नमकीन माहौल में कुछ विशेष किस्म के पौधे, मछलियां, फंगस और बैक्टीरियां मौजूद हैं।

मृत सागर के पानी मे औषधीय गुण

मृत सागर के पानी और वहां के माहौल में कई औषधीय गुण हैं। परागों की न्यूनतम संख्या, वायुमंडल के दबाव, हवा और पानी में घुले मिनरल्स और नमक के कारण वहां इंसान शरीर पर खास किस्म का प्रभाव पड़ता है। सांस और त्वचा संबंधी बीमारियों के लिए मृत सागर मशहूर है।

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मृत सागर के पानी का मुख्य जरिया जॉर्डन नदी है। पश्चिम एशिया की यह सबसे लंबी नदी है। जॉर्डन नदी सीरिया और लेबनान के बीच ने निकलती है और इस्राएल और पश्चिमी तट को जॉर्डन से अलग करते हुए बीच में बहती है। पानी के बंटवारे का विवाद भी मृत सागर पर भारी पड़ रहा है।

हर साल मृत सागर एक मीटर सिकुड़ रहा है। कभी जॉर्डन नदी का 135 करो़ड़ घनमीटर पानी हर साल मृत सागर तक पहुंचता था।  आज सिर्फ दो करोड़ क्यूबिकमीटर पानी ही मृत सागर की प्यास बुझाता है। इस्राएल और जॉर्डन के खनन का असर भी सागर पर पड़ रहा है।

निकल रही जमीन बाहर

सिकुड़ते सागर की वजह से जो जमीन बाहर निकल रही है, वो भी मुश्किलें खड़ी कर रही है। ऊपर रूखापन लेकिन गहराई में नमी होने के कारण वहां बड़े बड़े सिंकहोल बन रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक मृत सागर निकट भविष्य में पूरा नहीं सूखेगा। आस पास की जलधाराओं से उसे थोड़ा बहुत पानी मिलता रहेगा।

लेकिन उसके पानी का स्तर समुद्र तल से 417 की बजाए 700 मीटर नीचे चला जाएगा। तब वह सागर नहीं बल्कि एक छोटी सी झील जैसा लगेगा। मृत सागर जैसी नायाब प्राकृतिक धरोहर को बचाने के लिए दुनिया भर के पर्यावरण संरक्षक एकजुट हो रहे हैं। लेकिन इस्राएल और फलीस्तीन के झगड़े के चलते कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पा रहा है।

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नवंबर 2016 में दुनिया भर के 25 तैराक मृत सागर में 17 किलोमीटर तैरकर जॉर्डन से इस्राएल पहुंचे। लगातार 7 घंटे तैरने वाले तैराक मृत सागर को बचाने के संदेश देकर पानी में उतरे। इकोपीस की जॉर्डन रिवर प्रोजेक्ट मैनेजर मीरा एल्डेश्टाइन के मुताबिक आज मृत सागर सिकुड़कर एक तिहाई रह गया है।

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