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OMG!! यहां चाकू से की जाती है मसाज, इसके फायदे उड़ा देंगे होश… 2000 साल से चल रहा…

Here The Work Of Cutting Chutra Is Not Taken But Massage Is Done It Has Been Going On For 2000 Years

By आराधना शर्मा 
Updated Date

नई दिल्ली: चाकू छुरी का असल काम काटना ही होता है ये हट कोई जनता है लेकिन अगर हम कहें चाकू काटने नहीं बल्कि मसाज के लिए इस्तेमाल होता है तो शायद आपकी भी हंसी निकल जाएगी, लेकिन ये कोई हंसी कि बात नहीं है बल्कि ये सच है।

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दरअसल, पूर्वी एशियाई देश ताइवान के मसाज पार्लरों में छुरे से बड़े पैमाने पर लोगों का मसाज किया जाता है। इसे ‘डाउलियाओ’ कहते हैं, जिसका चीनी जबान में मतलब होता है, ‘छुरे से मसाज’ या ‘नाइफ थेरेपी’। चीनी औषधि विज्ञान में इसका काफी चलन रहा है। वहां छुरे से मसाज का ये सिलसिला करीब 2000 साल पुराना है। बता दें की इसकी शुरुआत बौद्ध भिक्षुओं ने की थी।

खोला गया चाकू थेरेपी एजुकेशन सेंटर

दरअसल, करीब एक हजार साल पहले तांग वंश के जमाने में ये थेरेपी जापान में भी खूब फली फूली। 1940 के दशक में चीन के गृह युद्ध के दौरान छुरे से मसाज की ये परंपरा ताइवान जा पहुंची। हालांकि आज चीन और जापान में इस थेरेपी का चलन लगभग खत्म सा हो गया है, लेकिन ताइवान में ये अभी भी खूब लोकप्रिय है। ताइवान की राजधानी ताइपेई में इस थेरेपी को सिखाने के लिए एक एजुकेशन सेंटर भी खोला गया है।

इस सेंटर का नाम है, द एनशिएंट आर्टऑफ नाइफ मसाज डाओलियाओ आई-जिंग एजुकेशनल सेंटर। पूरे ताइवान में इस एजुकेशन सेंटर की करीब 36 शाखाएं हैं। इनमें से 15 तो पिछले पांच वर्षों में ही खोली गई हैं। यहां सारी दुनिया के लोगों को छुरे से मसाज की कला सिखाई जाती है। फ्रांस, कनाडा, हांगकांग और जापान से लोग इस थेरेपी को सीखने ताइवान आते हैं। ये भी कहा जाता है की छुरे से मसाज के कई फायदे है।

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चाकू थेरेपी के फायदे 

जैसे की आज लोग इन मसाज नाइफ का इस्तेमाल जख्म ठीक करने, नींद बेहतर करने और शरीर के पुराने दर्द ठीक करने में भी कर रहे हैं। चीनी औषधि विज्ञान में जिस तरह एक्यूप्रेशर थेरेपी की जाती है, ठीक उसी तरह नाइफ थेरेपी में प्रेशर प्वाइंट को टारगेट किया जाता है। इन्हें क्यूआई-डोर्स कहते हैं।

ताइवान के एक ऐसे ही मसाज सेंटर की डायरेक्टर हसिआओ मेई-फैंग इस बारें में कहते हैं कि 15 साल पहले ही उन्होंने नाइफ मासज की दुनिया में कदम रखा है। इससे पहले वो ब्यूटी ट्रीटमेंट और मेरेडियन मसाज करती थीं।

मेरेडियन मसाज भी एक पारंपरिक चीनी औषधि विज्ञान में की जाने वाली मालिश है। मेई-फैंग कहती हैं कि सारा दिन लोगों को मेरेडियन मसाज करने के बाद वो बहुत थक जाती थीं। मसाज के दौरान निकलने वाली नेगेटिव एनर्जी उन पर बुरा प्रभाव डालती थी, लेकिन जब से उन्होंने नाइफ थेरेपी शुरू की है, तब से बहुत सुकून है।

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