हाईकोर्ट कर्मचारी ने ही रखा था बम, स्थाई नौकरी के लिए किया था ऐसा कांड

इलाहाबाद। त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरे वाले इलाहाबाद हाईकोर्ट में गुरुवार को एक टिफिन में विस्फोटक, सुतली बम जैसी चीजों को रखने वाला आरोपी हाईकोर्ट कर्मी ही निकला। पुलिस के मुताबिक हाईकोर्ट में स्थाई नौकरी के लिए उसने ऐसा कांड किया। हाईकोर्ट में गुरुवार की शाम लगभग साढ़े सात बजे हाईकोर्ट के एक कर्मचारी को कोर्ट नम्बर 55 के पब्लिक रो में जमीन पर एक पालीबैग में लावारिस टिफिन पड़ा दिखाईदिया।उसने इसकी जानकारी सीआरपीएफ के कमांडेंट को दी।मामले को गंभीरता से लेते हुए अलर्ट कर इसकी जानकारी जिला व पुलिस प्रशासन को दी गयी।



हाईकोर्ट में लावारिस टिफिन की जानकारी पर आला अधिकारी जांच में जुटे रहे। आईबी, एटीएस और बम डिस्पोजल स्क्वायड ने सभी कोर्ट रूमों की बारीकी से तलाशी ली और जांच में जुटी रही।इस दौरान एसएसपी शलभ माथुर ने हाईकोर्ट में लगे सीसीटीवी कै मरों की गहनता से जांच की तो संतोष कुमार अग्रहरि नामक एक व्यक्ति के हाथ में वह पन्नी नजर आई जिसमें टिफिन पाया गया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उसने कुछ भी बताने से मना कर दिया। थोड़ी सख्ती बरतने पर उसने अपना नाम संतोष कुमार अग्रहरि पुत्र स्व. श्रीकांत अग्रहरि निवासी मुसाफिर खाना अमेठी बताया और वर्तमान समय में धूमनगंज थाना क्षेत्र के राजरूपपुर में रह रहा है।आरोपी ने बताया कि वह लगभग चौदह साल से हाईकोर्ट में काम करता चला आ रहा है। फिर भी उसकी नौकरी स्थाई नहीं हो पा रही थी।

जिससे वह आर्थिक परेशानी को निपटाने व स्थाई नौकरी और अधिकारियों की सहानुभूति पाने के लिए उसने ऐसा काम किया।एसएसपी शलभ माथुर के मुताबिक हाइकोर्ट में मिली प्लास्टिक की पन्नी के अंदर एक हरे रंग का टिफिन मिला था।उसे खोल कर चेक किया गया तो उसके अंदर से एक गेंद जैसी वस्तु पर कागज लपेट कर रस्सी से बांधा गया था।जांच करने पर पता चला कि वह केवल प्लास्टिक की गेंद थी।कागज में लिपटी हुई सुतली बम को चेक किया गया तो उसमें कुछ सफेद पाउडर, र्छे जैसी चीजें निकली।



एसएसपी ने बताया कि इसके अलावा चार संदिग्ध बम पाये गये जिसमें दो के ऊपर सफेद धागा व दो पर चमकीला कागज लिपटा हुआ था। उसे बीडीएस टीम द्वारा निष्क्रिय कर दिया गया। टिफिन में मिले बारूद को जांच के लिये फोरेंसिक लैब भेजा गया है। इसके अलावा पन्नी में एक चाकू भी पाया गया था। आरोपी संतोष कुमार अग्रहरि के खिलाफ कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया।