हाईकोर्ट जज ने घूस की रकम का एक हिस्सा किया था वापस : सीबीआई

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हाईकोर्ट जज ने घूस की रकम का एक हिस्सा किया था वापस : सीबीआई

नई दिल्ली। प्रसाद इंस्टीटयूट आफ मेडिकल साइंसेस को एमबीबीएस की सीटों पर प्रवेश की गलत तरीके से इजाजत देने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में इजाजत देने वाले इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के जज एसएन शुक्ला ने घूस में ली गई रकम का एक हिस्सा वापस भी किया था। इस बात की पुष्टि जांच कर रही सीबीआई ने की है। वहीं सीबीआई टीम छापेमारी के दौरान आरोपितों के यहां से जब्त किए गए दस्तावेजों की गहनता से छानबीन कर रही है।

High Court Judge Refunds Part Of Bribe Amount Cbi :

बता दें कि सीबीआई दिल्ली की तरफ से 8 सितंबर 2017 को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के जज न्यायमूर्ति एसएन शुक्ला के खिलाफ दर्ज की गई प्रारंभिक जांच के विवेचन मुकेश कुमार ने अपनी पूरी रिपोर्ट तैयार की थी, जिसमें उन्होने इस पूरे षणयंत्र का खुलासा किया था। इसी रिपोर्ट के आधार पर न्यायमूर्ति एसएन शुक्ला, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज आईएम कुददूसी नई दिल्ली की भावना पाण्डेय, प्रसाद एजूकेशनल ट्रस्ट के बीपी यादव व पलाश यादव व मेरठ के सुधीर गिरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।

जांच रिपोर्ट में कहा गया कि बीपी यादव रिटायर्ड जज कूददूसी के साथ न्यायमूर्ति एसएन शुक्ला के घर गए थे, जहां उन्हे घूस की रकम दी। इसके बदल कोर्ट के माध्यम से प्रसाद इंस्टीटयूट का फायदा पहुंचाने का प्रयास किया गया। हालाकि न्यायमूर्ति एसएन शुक्ला ने घूस की इस रकम का एक हिस्सा बाद में लौटाया भी गया था। जिसके आधार पर सीबीआई ने आपराधिक षणयंत्र का दोषी बताया है।

नई दिल्ली। प्रसाद इंस्टीटयूट आफ मेडिकल साइंसेस को एमबीबीएस की सीटों पर प्रवेश की गलत तरीके से इजाजत देने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में इजाजत देने वाले इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के जज एसएन शुक्ला ने घूस में ली गई रकम का एक हिस्सा वापस भी किया था। इस बात की पुष्टि जांच कर रही सीबीआई ने की है। वहीं सीबीआई टीम छापेमारी के दौरान आरोपितों के यहां से जब्त किए गए दस्तावेजों की गहनता से छानबीन कर रही है। बता दें कि सीबीआई दिल्ली की तरफ से 8 सितंबर 2017 को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के जज न्यायमूर्ति एसएन शुक्ला के खिलाफ दर्ज की गई प्रारंभिक जांच के विवेचन मुकेश कुमार ने अपनी पूरी रिपोर्ट तैयार की थी, जिसमें उन्होने इस पूरे षणयंत्र का खुलासा किया था। इसी रिपोर्ट के आधार पर न्यायमूर्ति एसएन शुक्ला, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज आईएम कुददूसी नई दिल्ली की भावना पाण्डेय, प्रसाद एजूकेशनल ट्रस्ट के बीपी यादव व पलाश यादव व मेरठ के सुधीर गिरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। जांच रिपोर्ट में कहा गया कि बीपी यादव रिटायर्ड जज कूददूसी के साथ न्यायमूर्ति एसएन शुक्ला के घर गए थे, जहां उन्हे घूस की रकम दी। इसके बदल कोर्ट के माध्यम से प्रसाद इंस्टीटयूट का फायदा पहुंचाने का प्रयास किया गया। हालाकि न्यायमूर्ति एसएन शुक्ला ने घूस की इस रकम का एक हिस्सा बाद में लौटाया भी गया था। जिसके आधार पर सीबीआई ने आपराधिक षणयंत्र का दोषी बताया है।