सदन में विस्फोटक ‘PETN’ मिलने से हड़कंप, योगी बोले- 500 ग्राम PETN से उड़ जाता पूरा सदन

लखनऊ। यूपी विधानसभा के चालू सत्र के दौरान सदन में संदिग्ध सफ़ेद पाउडर मिलने से हड़कंप मच गया। दो घंटे की पड़ताल के बाद भी फारेंसिक टीम पाउडर के बारे में पता करने में असफल रही। यह पाउडर सदन में नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी की कुर्सी से कुछ दूरी पर पाया गया। 60 ग्राम वजन के इस पाउडर को फरेंसिक लैब भेजा गया, जहां खुलासा हुआ कि ये पाउडर प्लास्टिक एक्सप्लोसिव(PETN) है। सीएम योगी आदित्यनाथ के संज्ञान में मामला आने के बाद सरकारी महकमा हरकत में आया और मामले की पड़ताल शुरू हुई। सदन में PETN मिलने की जांच NIA को सौंपी गयी है। वहीं इस पूरे मामले की मॉनिटरिंग खुद डीजीपी सुलखान सिंह कर रहे हैं। खबर है कि सदन के मुख्य परिसर की सघन जांच के लिये ATS पहुंची हुई है।

500 ग्राम PETN से उड़ जाता पूरा सदन—

सीएम योगी ने इस मामले को लेकर सदन में कहा, पूरे विधानसभा भवन को उड़ाने के लिए 500 ग्राम PETN पर्याप्त है। जनप्रतिनिधियों को विशेषाधिकार दिया गया है, तो उसका ऐसा इस्तेमाल होगा। ये बुरी स्थिति है। हम अब तक बाहर की सुरक्षा के लिए चिंतित थे। इस दौरान गुरुवार को जो चीजें सामने आईं, वो गंभीर हैं।

सीएम ने कहा, ये तय होना चाहिए कि हम लोग किसी एक व्यक्ति के लिए या किसी को खुश करने के लिए या तुष्टि के लिए 503 जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों-कर्मचारियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने की छूट नहीं दे सकते।

आखिर सदन में कैसे पहुंचा विस्फोटक—

फॉरेंसिक रिपोर्ट के मुताबिक इस विस्फोटक का नाम PETN बताया जा रहा है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह विस्फोटक अंदर कैसे पहुंचा। दरअसल, यूपी विधानसभा में एंट्री के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा चक्रों से गुजरना पड़ता है। यही नहीं विधानसभा में सिर्फ विधायकों, मंत्रियों, सफाईकर्मचारी और मार्शल को ही जाने की इजाजत है।

क्या है PETN—

PETN बहुत शक्तिशाली प्लास्टिक विस्फोटक होता है। यह गंधहीन होता है इसलिए इसे पकड़ने में काफी मुश्किल आती हैं। खोजी कुत्ते और मेटल डिटेक्टर भी इसका पता नहीं लगा सकते। बहुत कम मात्रा में होने पर भी पीईटीएन से बड़ा धमाका हो सकता है। इसका सेना और खनन उघोग में भी इस्तेमाल किया जाता है।