हिमा दास ने रचा कीर्तमान, तोड़ा पीटी उषा और मिल्खा सिंह का रिकॉर्ड

hima das
हिमा दास ने रचा कीर्तमान, तोड़ा पीटी उषा और मिल्खा सिंह का रिकॉर्ड

नई दिल्ली। असम की 18 वर्षीय एथलीट हिमा दास का नाम गूगल में सबसे ऊपर ट्रेंड कर रहा है। वो इसलिए क्योंकि चंद घंटों पहले ही उन्होंने फिनलैंड के टैम्पेयर शहर में इतिहास रच दिया है। इस दौड़ को पूरा करने में उन्‍हें 51.46 सेकंड लगे। हिमा की जीत का जश्न पूरा देश मना रहा हैं। हिमा विश्व स्तर पर ट्रैक स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी हैं।

Hima Das Won Gold 400m Under 20 World Athletics Scripts History Break Record Of Milkha Singh And P T Usha :

इससे पहले भारत के किसी मह‍िला या पुरुष खिलाड़ी ने जूनियर या सीनियर किसी भी स्तर पर विश्व चैंपियनशिप में गोल्ड नहीं जीता है। और तो और, फ्लाइंग सिख के नाम से मशहूर मिल्खा सिंह और पीटी उषा भी कमाल नहीं कर पाए थे। इस लिहाज से अंतरराष्ट्रीय ट्रैक पर भारत की ये ऐतिहासिक जीत है। हिमा ने सेमीफाइनल में भी शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने सेमीफाइनल में 52.10 सेकंड में दौड़ पूरी कर पहला स्थान हासिल किया था।

हिमा दास से पहले भारत की कोई महिला या पुरुष खिलाड़ी जूनियर या सीनियर किसी भी स्तर पर विश्व चैम्पियनशिप में गोल्ड या कोई मेडल नहीं जीत सका था। हिमा दास से पहले सबसे अच्छा प्रदर्शन मिल्खा सिंह और पीटी उषा का रहा था। पीटी उषा ने जहां 1984 ओलंपिक में 400 मीटर हर्डल रेस में चौथा स्थान हासिल किया था। मिल्खा सिंह 1960 रोम ओलंपिक में 400 मीटर रेस में चौथे स्थान पर रहे थे।

इन दोनों के अलावा कोई भी ख‍िलाड़ी ट्रैक इवेंट में मेडल के करीब नहीं पहुंच सका। हिमा ने राटिना स्टेडियम में खेले गए फाइनल में 51.46 सेकेंड का समय निकालते हुए जीत हासिल की। इसी के साथ वह इस चैंपियनशिप में सभी आयु वर्गो में स्वर्ण जीतने वाली भारत की पहली महिला बन गई हैं।

18 साल की हिमा दास की टाइमिंग 51.46 सेकेंड्स रही जहां उन्हें पहला पायदान मिला। मिकलोस ने 52 .07 सेकेंड के साथ सिल्‍वर मेडल हासिल किया जबकि अमेरिका की टेलर मेनसन ने 52 .28 सेकेंड के साथ ब्रॉन्‍ज मेडल जीता। असम की हिमा दास ने दौड़ के बाद कहा, ‘विश्व जूनियर चैंपियनशिप में गोल्‍ड जीतकर मैं काफी खुश हूं। मैं स्वदेश में सभी भारतीयों को धन्यवाद देना चाहती हूं और उन्हें भी जो यहां मेरी हौसला अफजाई कर रहे थे। ’

हिमा के अलावा जूनियर विश्व चैंपियनशिप में सीमा पूनिया ने 2002 में डिस्कस थ्रो में कांस्य और नवदीप कौर ढिल्लन ने 2014 में डिस्कस थ्रो में ही कांस्य जीता था।

नई दिल्ली। असम की 18 वर्षीय एथलीट हिमा दास का नाम गूगल में सबसे ऊपर ट्रेंड कर रहा है। वो इसलिए क्योंकि चंद घंटों पहले ही उन्होंने फिनलैंड के टैम्पेयर शहर में इतिहास रच दिया है। इस दौड़ को पूरा करने में उन्‍हें 51.46 सेकंड लगे। हिमा की जीत का जश्न पूरा देश मना रहा हैं। हिमा विश्व स्तर पर ट्रैक स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी हैं।इससे पहले भारत के किसी मह‍िला या पुरुष खिलाड़ी ने जूनियर या सीनियर किसी भी स्तर पर विश्व चैंपियनशिप में गोल्ड नहीं जीता है। और तो और, फ्लाइंग सिख के नाम से मशहूर मिल्खा सिंह और पीटी उषा भी कमाल नहीं कर पाए थे। इस लिहाज से अंतरराष्ट्रीय ट्रैक पर भारत की ये ऐतिहासिक जीत है। हिमा ने सेमीफाइनल में भी शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने सेमीफाइनल में 52.10 सेकंड में दौड़ पूरी कर पहला स्थान हासिल किया था।हिमा दास से पहले भारत की कोई महिला या पुरुष खिलाड़ी जूनियर या सीनियर किसी भी स्तर पर विश्व चैम्पियनशिप में गोल्ड या कोई मेडल नहीं जीत सका था। हिमा दास से पहले सबसे अच्छा प्रदर्शन मिल्खा सिंह और पीटी उषा का रहा था। पीटी उषा ने जहां 1984 ओलंपिक में 400 मीटर हर्डल रेस में चौथा स्थान हासिल किया था। मिल्खा सिंह 1960 रोम ओलंपिक में 400 मीटर रेस में चौथे स्थान पर रहे थे।इन दोनों के अलावा कोई भी ख‍िलाड़ी ट्रैक इवेंट में मेडल के करीब नहीं पहुंच सका। हिमा ने राटिना स्टेडियम में खेले गए फाइनल में 51.46 सेकेंड का समय निकालते हुए जीत हासिल की। इसी के साथ वह इस चैंपियनशिप में सभी आयु वर्गो में स्वर्ण जीतने वाली भारत की पहली महिला बन गई हैं।18 साल की हिमा दास की टाइमिंग 51.46 सेकेंड्स रही जहां उन्हें पहला पायदान मिला। मिकलोस ने 52 .07 सेकेंड के साथ सिल्‍वर मेडल हासिल किया जबकि अमेरिका की टेलर मेनसन ने 52 .28 सेकेंड के साथ ब्रॉन्‍ज मेडल जीता। असम की हिमा दास ने दौड़ के बाद कहा, ‘विश्व जूनियर चैंपियनशिप में गोल्‍ड जीतकर मैं काफी खुश हूं। मैं स्वदेश में सभी भारतीयों को धन्यवाद देना चाहती हूं और उन्हें भी जो यहां मेरी हौसला अफजाई कर रहे थे। ’
हिमा के अलावा जूनियर विश्व चैंपियनशिप में सीमा पूनिया ने 2002 में डिस्कस थ्रो में कांस्य और नवदीप कौर ढिल्लन ने 2014 में डिस्कस थ्रो में ही कांस्य जीता था।