हिमाचल सरकार मोबाइल फोन और टीवी की लत छुड़ाने के लिए अपनाएगी ये तरीका

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हिमाचल सरकार मोबाइल फोन और टीवी की लत छुड़ाने के लिए अपनाएगी ये तरीका

नई दिल्ली। आजकल बड़े से लेकर बच्चों तक को मोबाइल की लत इस तरह लग चुकी है कि वो चाहते हुए भी नहीं छुड़ा पा रहें हैं। जिसका असर सबसे ज़्यादा बच्चों की पढ़ाई से लेकर उनकी स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। ऐसे में हिमाचल सरकार मोबाइल फोन के अत्यधिक इस्तेमाल और टीवी देखने की आदत छुड़ाने के लिए सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए अलग से इसका पाठ पढ़ाएगी।

Himachal Government Will Adopt This Method To Get Rid Of Mobile Phone And Tv Addiction :

बता दें की यह योजना शैक्षणिक सत्र 2020-21 से नौवीं और दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए बनाई गई है। नैतिक शिक्षा या सामाजिक विज्ञान विषय में ये पाठ शामिल किए जाएंगे। इसी सप्ताह संभावित स्कूल शिक्षा बोर्ड की बैठक में इस पर अंतिम फैसला होगा।

जानकारी के मुताबिक शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अगले साल से सरकार नई व्यवस्था करने जा रही है। जहां मोबाइल, टीवी के अलावा बच्चों को को नशे पर जागरूक किया जाएगा और साथ ही स्वच्छता, योग और ईमानदारी की भी शिक्षा देगी। संस्कार युक्त शिक्षा, रोड सेफ्टी और शौर्य कथाओं से स्कूली बच्चों को अवगत करवाया जाएगा।

नई दिल्ली। आजकल बड़े से लेकर बच्चों तक को मोबाइल की लत इस तरह लग चुकी है कि वो चाहते हुए भी नहीं छुड़ा पा रहें हैं। जिसका असर सबसे ज़्यादा बच्चों की पढ़ाई से लेकर उनकी स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। ऐसे में हिमाचल सरकार मोबाइल फोन के अत्यधिक इस्तेमाल और टीवी देखने की आदत छुड़ाने के लिए सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए अलग से इसका पाठ पढ़ाएगी। बता दें की यह योजना शैक्षणिक सत्र 2020-21 से नौवीं और दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए बनाई गई है। नैतिक शिक्षा या सामाजिक विज्ञान विषय में ये पाठ शामिल किए जाएंगे। इसी सप्ताह संभावित स्कूल शिक्षा बोर्ड की बैठक में इस पर अंतिम फैसला होगा। जानकारी के मुताबिक शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अगले साल से सरकार नई व्यवस्था करने जा रही है। जहां मोबाइल, टीवी के अलावा बच्चों को को नशे पर जागरूक किया जाएगा और साथ ही स्वच्छता, योग और ईमानदारी की भी शिक्षा देगी। संस्कार युक्त शिक्षा, रोड सेफ्टी और शौर्य कथाओं से स्कूली बच्चों को अवगत करवाया जाएगा।