हिमाचल में महसूस किये गए भूकंप के झटके, जानमाल के हानि की सूचना नहीं

शिमला: हिमाचल प्रदेश में शनिवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए। हालांकि, इससे किसी तरह के जान-माल की हानि की सूचना नहीं है। यहां शुक्रवार को भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के निदेशक मनमोहन सिंह ने बताया, “सुबह 9.11 बजे भूकंप आया और रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 3.6 दर्ज की गई।”




जम्मू एवं कश्मीर से सटे चंबा जिले में शुक्रवार को भी कम तीव्रता के दो भूकंप आ थे। यहां शुक्रवार को भूकंप का पहला झटका तड़के 3.34 बजे महसूस किया गया। इसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 2.8 मापी गई थी, जबकि भूकंप का दूसरा झटका सुबह 5.32 बजे महसूस किया गया था, जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.5 मापी गई थी।

Himachal Me Mahsus Kiye Gaye Bhukamp Ke Jhatke :

क्या आप जानते हैं कि भूकंप क्यों आता है। दरअसल धरती के भीतर कई प्लेटें होती हैं जो समय-समय पर विस्थापित होती हैं। इस सिद्धांत को अंग्रेजी में प्लेट टैक्टॉनिकक और हिंदी में प्लेट विवर्तनिकी कहते हैं। इस सिद्धांत के अनुसार पृथ्वी की ऊपरी परत लगभग 80 से 100 किलोमीटर मोटी होती है जिसे स्थल मंडल कहते हैं।




पृथ्वी के इस भाग में कई टुकड़ों में टूटी हुई प्लेटें होती हैं जो तैरती रहती हैं। सामान्य रूप से यह प्लेटें 10-40 मिलिमीटर प्रति वर्ष की गति से गतिशील रहती हैं। हालांकि इनमें कुछ की गति 160 मिलिमीटर प्रति वर्ष भी होती है। भूकंप की तीव्रता मापने के लिए रिक्टर स्केल का पैमाना इस्तेमाल किया जाता है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। भूकंप की तरंगों को रिक्टर स्केल 1 से 9 तक के आधार पर मापता है।

शिमला: हिमाचल प्रदेश में शनिवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए। हालांकि, इससे किसी तरह के जान-माल की हानि की सूचना नहीं है। यहां शुक्रवार को भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के निदेशक मनमोहन सिंह ने बताया, "सुबह 9.11 बजे भूकंप आया और रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 3.6 दर्ज की गई।" जम्मू एवं कश्मीर से सटे चंबा जिले में शुक्रवार को भी कम तीव्रता के दो भूकंप आ थे। यहां शुक्रवार को भूकंप का पहला झटका तड़के 3.34 बजे महसूस किया गया। इसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 2.8 मापी गई थी, जबकि भूकंप का दूसरा झटका सुबह 5.32 बजे महसूस किया गया था, जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.5 मापी गई थी।क्या आप जानते हैं कि भूकंप क्यों आता है। दरअसल धरती के भीतर कई प्लेटें होती हैं जो समय-समय पर विस्थापित होती हैं। इस सिद्धांत को अंग्रेजी में प्लेट टैक्टॉनिकक और हिंदी में प्लेट विवर्तनिकी कहते हैं। इस सिद्धांत के अनुसार पृथ्वी की ऊपरी परत लगभग 80 से 100 किलोमीटर मोटी होती है जिसे स्थल मंडल कहते हैं। पृथ्वी के इस भाग में कई टुकड़ों में टूटी हुई प्लेटें होती हैं जो तैरती रहती हैं। सामान्य रूप से यह प्लेटें 10-40 मिलिमीटर प्रति वर्ष की गति से गतिशील रहती हैं। हालांकि इनमें कुछ की गति 160 मिलिमीटर प्रति वर्ष भी होती है। भूकंप की तीव्रता मापने के लिए रिक्टर स्केल का पैमाना इस्तेमाल किया जाता है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। भूकंप की तरंगों को रिक्टर स्केल 1 से 9 तक के आधार पर मापता है।