दुकानदार की गलती से हिन्दू शख्स ने खा लिया बीफ, मांगा ‘शुद्धीकरण’ करवाने का खर्च

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दुकान की गलती से हिन्दू शख्स ने खा लिया बीफ, मांगा भारत आकर 'शुद्धीकरण' करवाने का खर्च

नई दिल्ली। न्यूजीलैंड के साउथ आइलैंड में रहने वाले जसविंदर पाल ने एक सुपरमार्केट से हर्जाने के तौर पर भारत आने-जाने का खर्चा मांगा है। उनका आरोप है कि सिंतबर में उन्होंने ब्लेनहाइम काउंटडाउन मार्केट से लैंब मीट (भेड़ का मांस) खरीदा था।

Hindu Man Ate Beef Labelled As Lamb Wants Money For Purification :

लेकिन उसे खाने के बाद पता चला कि बीफ (गाेवंश का मांस) दे दिया गया। जवसिंदर पौल नाम के व्यक्ति के साथ यह घटना बीते साल घटी। उन्होंने शुद्धिकरण के लिए भारत आने की बात कही है और सुपरमार्केट से ट्रिप का खर्च मांगा है।

जसविंदर पॉल का कहना है कि बीफ खाने की वजह से वह अपवित्र हो गए हैं और भारत जाकर अपना ‘शुद्धीकरण’ करवाना चाहते हैं। जसविंदर 20 साल पहले न्यूजीलैंड में जाकर बस गए थे और वहां पर वह एक बार्बर शॉप चलाते हैं।

घटना पिछले साल सितंबर की है, जब जसविंदर पॉल ने ब्लेनहीम के एक सुपर मार्केट से लैंब रोस्ट खरीदा था, पर मीट खाने के बाद उन्हें अहसास हुआ कि यह लैंब यानी भेड़ का मीट नहीं था बल्कि बीफ था।

जसविंदर ने जब स्टोर से शिकायत की तो उन्होंने अपनी गलती मानते हुए क्षतिपूर्ति के तहत 200 डॉलर देना चाहा, लेकिन जसविंदर इससे संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने कहा कि उनका धर्म बीफ का खाने की अनुमति नहीं देता इसलिए स्टोर उनके भारत जाने का खर्चा उठाए ताकि वह अपना ‘शुद्धीकरण’ करवा सकें।

जसविंदर का कहना है कि जब उन्हें धोखे का अहसास हुआ तो वे सुपरमार्केट हर्जाना मांगने पहुंचे। हालांकि, वहां कर्मचारियों ने उनसे माफी मांगते हुए 200 डॉलर (करीब 14 हजार रुपए) का एक गिफ्ट वाउचर ऑफर किया। लेकिन जसविंदर ने इसे लेने से इनकार करते हुए भारत आने-जाने की फ्लाइट का खर्च मांग लिया।

इसके बाद जसविंदर पिछले पांच महीने से इस कोशिश में हैं कि सुपरमार्केट उन्हें हर्जाना दे दे। हालांकि, कई कोशिशों के बाद अब वे कोर्ट के जरिए हर्जाना वसूलना जाना चाहते हैं। जसविंदर का कहना है कि उनका एक छोटा बिजनेस है, ऐसे में भारत जाने के लिए उन्हें कमाई का एक बड़ा हिस्सा खर्च करना पड़ेगा।

हालांकि, वह एक बड़ी कंपनी के खिलाफ मामले को आगे नहीं घसीटना चाहते, लेकिन और कोई विकल्प नहीं है।

नई दिल्ली। न्यूजीलैंड के साउथ आइलैंड में रहने वाले जसविंदर पाल ने एक सुपरमार्केट से हर्जाने के तौर पर भारत आने-जाने का खर्चा मांगा है। उनका आरोप है कि सिंतबर में उन्होंने ब्लेनहाइम काउंटडाउन मार्केट से लैंब मीट (भेड़ का मांस) खरीदा था।

लेकिन उसे खाने के बाद पता चला कि बीफ (गाेवंश का मांस) दे दिया गया। जवसिंदर पौल नाम के व्यक्ति के साथ यह घटना बीते साल घटी। उन्होंने शुद्धिकरण के लिए भारत आने की बात कही है और सुपरमार्केट से ट्रिप का खर्च मांगा है।

जसविंदर पॉल का कहना है कि बीफ खाने की वजह से वह अपवित्र हो गए हैं और भारत जाकर अपना 'शुद्धीकरण' करवाना चाहते हैं। जसविंदर 20 साल पहले न्यूजीलैंड में जाकर बस गए थे और वहां पर वह एक बार्बर शॉप चलाते हैं।

घटना पिछले साल सितंबर की है, जब जसविंदर पॉल ने ब्लेनहीम के एक सुपर मार्केट से लैंब रोस्ट खरीदा था, पर मीट खाने के बाद उन्हें अहसास हुआ कि यह लैंब यानी भेड़ का मीट नहीं था बल्कि बीफ था।

जसविंदर ने जब स्टोर से शिकायत की तो उन्होंने अपनी गलती मानते हुए क्षतिपूर्ति के तहत 200 डॉलर देना चाहा, लेकिन जसविंदर इससे संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने कहा कि उनका धर्म बीफ का खाने की अनुमति नहीं देता इसलिए स्टोर उनके भारत जाने का खर्चा उठाए ताकि वह अपना 'शुद्धीकरण' करवा सकें।

जसविंदर का कहना है कि जब उन्हें धोखे का अहसास हुआ तो वे सुपरमार्केट हर्जाना मांगने पहुंचे। हालांकि, वहां कर्मचारियों ने उनसे माफी मांगते हुए 200 डॉलर (करीब 14 हजार रुपए) का एक गिफ्ट वाउचर ऑफर किया। लेकिन जसविंदर ने इसे लेने से इनकार करते हुए भारत आने-जाने की फ्लाइट का खर्च मांग लिया।

इसके बाद जसविंदर पिछले पांच महीने से इस कोशिश में हैं कि सुपरमार्केट उन्हें हर्जाना दे दे। हालांकि, कई कोशिशों के बाद अब वे कोर्ट के जरिए हर्जाना वसूलना जाना चाहते हैं। जसविंदर का कहना है कि उनका एक छोटा बिजनेस है, ऐसे में भारत जाने के लिए उन्हें कमाई का एक बड़ा हिस्सा खर्च करना पड़ेगा।

हालांकि, वह एक बड़ी कंपनी के खिलाफ मामले को आगे नहीं घसीटना चाहते, लेकिन और कोई विकल्प नहीं है।