इस दिन पड़ रही है होली, इन उपायों से पूर्ण होगी मनोकामना

holi
499 साल बाद होली पर ऐसा संयोग, गुरु और शनि रहेंगे अपनी-अपनी राशि में

लखनऊ। होली का त्योहार पूरे देशभर में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। होली से पहले के आठ दिनों को होलाष्टक कहा जाता है। इस वर्ष होलाष्टक 03 मार्च से प्रारंभ हो रहा है, जो 09 मार्च यानी कि होलिका दहन तक रहेगा। 09 मार्च को होलिका दहन के बाद अगले दिन 10 मार्च को रंगों का त्योहार होली धूमधाम से मनाया जाएगा। हिन्दू पंचांग के अनुसार, होली फाल्गुन माह की पूर्णिमा को मनाई जाती है। यह पर्व 2 दिन मनाया जाता है जिसमें पहले दिन होलिका दहन की जाती है और दूसरे दिन रंगों वाली होली खेली जाती है।

Holi 2020 Date :

धन की कमी से बचने के लिए

  • होली की रात चंद्रमा के उदय होने के बाद अपने घर की छत पर या खुली जगह, जहां से चांद नजर आए, वहां खड़े हो जाएं।
  • फिर चंद्रमा का स्मरण करते हुए चांदी की प्लेट में सूखे छुहारे तथा कुछ मखाने रखकर शुद्ध घी के दीपक के साथ धूप एवं अगरबत्ती अर्पित करें।
  • अब दूध से चंद्रमा को अर्घ्य दें।

व्यापार में सफलता पाने के लिए

  • एकाक्षी नारियल को लाल कपड़े में गेहूं के आसन पर स्थापित करें और सिन्दूर का तिलक करें।
  • अब मूंगे की माला से नीचे लिखे मंत्र का जाप करें।
  • 21 माला जाप होने पर इस पोटली को दुकान में ऐसे स्थान पर टांग दें, जहां ग्राहकों की नजर इस पर पड़ती रहे।
  • इससे व्यापार में सफलता मिलेगी।
  • इस मंत्र का जाप करें- ॐ श्रीं श्रीं श्रीं परम सिद्धि व्यापार वृद्धि नम:।

शीघ्र विवाह के लिए

  • होली के दिन सुबह एक साबुत पान पर साबुत सुपारी एवं हल्दी की गांठ शिवलिंग पर चढ़ाएं तथा पीछे पलटे बगैर अपने घर आ जाएं।
  • ऐसा करने से जल्द ही आपके विवाह के योग बन सकते हैं।

रोग नाश के लिए उपाय-

  • अगर आप किसी बीमारी से पीड़ित हैं, तो इसके लिए भी होली की रात को खास उपाय करने से आपकी बीमारी दूर हो सकती है।
  • होली की रात आप नीचे लिखे मंत्र का जाप तुलसी की माला से करें।

इस मंत्र का जाप करें- ॐ नमो भगवते रुद्राय मृतार्क मध्ये संस्थिताय मम शरीरं अमृतं कुरु कुरु स्वाहा।

लखनऊ। होली का त्योहार पूरे देशभर में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। होली से पहले के आठ दिनों को होलाष्टक कहा जाता है। इस वर्ष होलाष्टक 03 मार्च से प्रारंभ हो रहा है, जो 09 मार्च यानी कि होलिका दहन तक रहेगा। 09 मार्च को होलिका दहन के बाद अगले दिन 10 मार्च को रंगों का त्योहार होली धूमधाम से मनाया जाएगा। हिन्दू पंचांग के अनुसार, होली फाल्गुन माह की पूर्णिमा को मनाई जाती है। यह पर्व 2 दिन मनाया जाता है जिसमें पहले दिन होलिका दहन की जाती है और दूसरे दिन रंगों वाली होली खेली जाती है। धन की कमी से बचने के लिए
  • होली की रात चंद्रमा के उदय होने के बाद अपने घर की छत पर या खुली जगह, जहां से चांद नजर आए, वहां खड़े हो जाएं।
  • फिर चंद्रमा का स्मरण करते हुए चांदी की प्लेट में सूखे छुहारे तथा कुछ मखाने रखकर शुद्ध घी के दीपक के साथ धूप एवं अगरबत्ती अर्पित करें।
  • अब दूध से चंद्रमा को अर्घ्य दें।
व्यापार में सफलता पाने के लिए
  • एकाक्षी नारियल को लाल कपड़े में गेहूं के आसन पर स्थापित करें और सिन्दूर का तिलक करें।
  • अब मूंगे की माला से नीचे लिखे मंत्र का जाप करें।
  • 21 माला जाप होने पर इस पोटली को दुकान में ऐसे स्थान पर टांग दें, जहां ग्राहकों की नजर इस पर पड़ती रहे।
  • इससे व्यापार में सफलता मिलेगी।
  • इस मंत्र का जाप करें- ॐ श्रीं श्रीं श्रीं परम सिद्धि व्यापार वृद्धि नम:।
शीघ्र विवाह के लिए
  • होली के दिन सुबह एक साबुत पान पर साबुत सुपारी एवं हल्दी की गांठ शिवलिंग पर चढ़ाएं तथा पीछे पलटे बगैर अपने घर आ जाएं।
  • ऐसा करने से जल्द ही आपके विवाह के योग बन सकते हैं।
रोग नाश के लिए उपाय-
  • अगर आप किसी बीमारी से पीड़ित हैं, तो इसके लिए भी होली की रात को खास उपाय करने से आपकी बीमारी दूर हो सकती है।
  • होली की रात आप नीचे लिखे मंत्र का जाप तुलसी की माला से करें।
इस मंत्र का जाप करें- ॐ नमो भगवते रुद्राय मृतार्क मध्ये संस्थिताय मम शरीरं अमृतं कुरु कुरु स्वाहा।