Holi 2020: होली खेलने से पहले इन चीजों की कर लें तैयारी, त्वचा रहेगी सुरक्षित

Holi 2020: होली खेलने से पहले इन चीजों की कर लें तैयारी, त्वचा रहेगी सुरक्षित
Holi 2020: होली खेलने से पहले इन चीजों की कर लें तैयारी, त्वचा रहेगी सुरक्षित

लखनऊ। रंगो का त्योहार होली में अब चंद दिन ही रह गए हैं जोकि इस बार 10 मार्च को पड़ रही है। रंगों के खूबसूरत त्योहार होली की तैयारियां जोरों-शोरों से शुरू हो गई हैं। इको-फ्रेंडली (पर्यावरण-अनुकूल) जश्न के इस माहौल में आप सभी सुरक्षित और सेहतमंद होली खेलेंगे तब होली का मज़ा दोगुना हो जाएगा। अगर आप कुछ बातों का ध्यान रखेंगे तो होली के रंग का शरीर पर बुरा असर नहीं पड़ेगा। साथ ही शरीर से रंग छुड़ाने के लिए ज्यादा मेहनत भी नहीं करनी पड़ेगी।

Holi 2020 How To Remove Colors From Your Skin :

होली खेलने से पहले ध्यान रखें ये बातें

त्वचा की समस्याएं: होली के रंगों में संभावित हानिकारक केमिकल्स से त्वचा की समस्याएं होने से स्वास्थ्य को बहुत बड़ा खतरा होता है। इनसे खुजली, लालिमा, सूखापन, स्केलिंग, जलन का एहसास और फुंसियां हो सकती हैं। होली के रंगों का प्रभाव बालों पर भी पड़ सकता है। कई लोगों को होली के बाद बालों का झड़ना, सिर की त्वचा पर खुजली, गंजापन, बालों का बेजान और रूखा होने जैसी समस्याओं का सामान करना पड़ता है।

आंखों की समस्याएं: होली के जश्न के बाद लोगों में पाई जाने वाली आम समस्याएं आंखों से जुड़ी होती हैं, जिनमें जलन, खुजली, आंखों में अधिक पानी आना, रोशनी के प्रति अधिक संवेदनशीलता, आंखों में दर्द या लाल होने के लक्षण शामिल होते हैं।

केमिकल का उपयोग: होली के रंगों में इस्तेमाल होने वाले कुछ रसायनों से आपके स्वास्थ्य के आधार पर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है। इससे पक्षाघात (पैरालिसिस), गुर्दे की खराबी और त्वचा के कैंसर जैसी समस्याएं जुड़ी हैं इसलिए सावधान रहें।

  • रंगों से यदि केमिकल या पेट्रोल की गंध आए तो उन्हें न खरीदें।
  • रंग पानी में घुलता नहीं है तो उनमें केमिकल हो सकता है, बेहतर होगा उन्हें न खरीदें।
  • ऑर्गेनिक रंगों में चमकदार कण नहीं होते हैं और वे गहरे रंगों (डार्क शेड) में उपलब्ध नहीं होते हैं। इसलिए सिल्वर,
  • गहरा पर्पल या काला रंग न खरीदें, हो सकता है कि वे प्राकृतिक रंग न हों।
लखनऊ। रंगो का त्योहार होली में अब चंद दिन ही रह गए हैं जोकि इस बार 10 मार्च को पड़ रही है। रंगों के खूबसूरत त्योहार होली की तैयारियां जोरों-शोरों से शुरू हो गई हैं। इको-फ्रेंडली (पर्यावरण-अनुकूल) जश्न के इस माहौल में आप सभी सुरक्षित और सेहतमंद होली खेलेंगे तब होली का मज़ा दोगुना हो जाएगा। अगर आप कुछ बातों का ध्यान रखेंगे तो होली के रंग का शरीर पर बुरा असर नहीं पड़ेगा। साथ ही शरीर से रंग छुड़ाने के लिए ज्यादा मेहनत भी नहीं करनी पड़ेगी। होली खेलने से पहले ध्यान रखें ये बातें त्वचा की समस्याएं: होली के रंगों में संभावित हानिकारक केमिकल्स से त्वचा की समस्याएं होने से स्वास्थ्य को बहुत बड़ा खतरा होता है। इनसे खुजली, लालिमा, सूखापन, स्केलिंग, जलन का एहसास और फुंसियां हो सकती हैं। होली के रंगों का प्रभाव बालों पर भी पड़ सकता है। कई लोगों को होली के बाद बालों का झड़ना, सिर की त्वचा पर खुजली, गंजापन, बालों का बेजान और रूखा होने जैसी समस्याओं का सामान करना पड़ता है। आंखों की समस्याएं: होली के जश्न के बाद लोगों में पाई जाने वाली आम समस्याएं आंखों से जुड़ी होती हैं, जिनमें जलन, खुजली, आंखों में अधिक पानी आना, रोशनी के प्रति अधिक संवेदनशीलता, आंखों में दर्द या लाल होने के लक्षण शामिल होते हैं। केमिकल का उपयोग: होली के रंगों में इस्तेमाल होने वाले कुछ रसायनों से आपके स्वास्थ्य के आधार पर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है। इससे पक्षाघात (पैरालिसिस), गुर्दे की खराबी और त्वचा के कैंसर जैसी समस्याएं जुड़ी हैं इसलिए सावधान रहें।
  • रंगों से यदि केमिकल या पेट्रोल की गंध आए तो उन्हें न खरीदें।
  • रंग पानी में घुलता नहीं है तो उनमें केमिकल हो सकता है, बेहतर होगा उन्हें न खरीदें।
  • ऑर्गेनिक रंगों में चमकदार कण नहीं होते हैं और वे गहरे रंगों (डार्क शेड) में उपलब्ध नहीं होते हैं। इसलिए सिल्वर,
  • गहरा पर्पल या काला रंग न खरीदें, हो सकता है कि वे प्राकृतिक रंग न हों।