फर्जीवाड़ा : पूरे प्रदेश में होगा होमगार्डों के वेतन निकासी का ऑडिट, कई विभागों में भी हो रहा यह खेल

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उत्तर प्रदेश: बजट मिलने के बाद बहाल हुई 16,519 होमगार्डों की ड्यूटी, पांच माह से थे बेरोजगार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के नोएडा में होमगार्डों की फर्जी ड्यूटी दिखाकर वेतन हड़पने का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। मंत्री चेतन चौहान ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि, पूरे प्रदेश के होमगार्डों के वेतन का ऑडिट करवाया जाएगा और फर्जीवाड़े की जांच डीआईजी होमगार्ड करेंगे। सूत्रों की माने तो वेतन फर्जीवाड़े का यह खेल कई अन्य विभागों में भी हो रहा है। माली, सफाईकर्मी, रसोईया, गार्ड/चौकीदार को विभागों में दिखाकर वेतन फर्जीवाड़े का खेल जारी है। सूत्र बतातें हैं कि सरकार कुछ प्रमुख विभागों का ऑडिट करा दे तो यह सब फर्जीवाड़ा सामने आ जायेगा।

Home Guard Salary Withdrawal Fraud Audit Of Salary Withdrawal Will Be Done In The Entire State This Game Is Also Being Done In Many Departments :

बता दें कि जिलों में तैनात होमगार्ड विभाग के अफसरों पर फर्जीवाड़े को लेकर आरोप लगा है। जिस पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। गौतमबुद्घ नगर (नोएडा) में दो महीने की जांच में यह घोटाला सामने आया है। मामले की जांच के लिए शासन की तीन सदस्यीय कमेटी नोएडा गई थी जिससे 10 दिन में रिपोर्ट मांगी गई है। होमगार्ड विभाग के प्रमुख सचिव अनिल कुमार ने आशंका जताई है कि अगर एक जिले में इस तरह की गड़बड़ी हो रही है, तो अन्य जिलों में भी वेतन को लेकर यह फर्जीवाड़ा हो सकता है।

उन्होंने बताया कि डीजी होमगार्ड के सीनियर स्टाफ अफसर सुनील कुमार, मिर्जापुर के वरिष्ठ जिला कमांडेंट शैलेंद्र प्रताप सिंह और बागपत की जिला कमांडेंट नीता भारती को जांच के लिए नोएडा भेजा गया है। यह टीम पता लगाएगी कि पूरा फर्जीवाड़ा किस तरह से किया गया। एसएसपी नोएडा वैभव कृष्ण ने बताया कि होमगार्ड विभाग के एक प्लाटून कमांडर ने इसकी शिकायत की थी। इसके बाद जिले स्तर पर सैंपल के लिए सात थानों में दो माह (मई व जून) के दौरान लगाई गई होमगार्डों की ड्यूटी की जांच कराई गई। इसमें करीब 8 लाख रुपये का घपला सामने आया।

दो की ड्यूटी 10 लोगों का लिया वेतन
शुरूआती जांच में सामने आया कि, थानों में दो होमगार्डों की ड्यूटी लगाई गई लेकिन वहां पर 10 होमगार्डों की तैनाती दिखाकर वेतन लिया गया। इसके लिए थाने की फर्जी मोहर का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि यह फर्जीवाड़ा लंबे समय से चल रहा है। इसकी विस्तृत जांच की जरूरत है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा गठित कमेटी की जांच रिपोर्ट के बाद जिम्मेदार अफसरों और कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

कई विभागों में भी हो रहा वेतन फर्जीवाड़े का खेल
सूत्रों की माने तो होमगार्ड के साथ कई और विभागों में भी वेतन फर्जीवाड़ा हो रहा है। माली, सफाईकर्मी, रसोईया, गार्ड/चौकीदार को विभागों में दिखाकर यह फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि कई विभागों में लोगों को संविदा पर तैनाती दिखाकर यह काम किया जा रहा है। सूत्र कहते हैं कि, अगर योगी सरकार कुछ प्रमुख विभागों के संविदा कर्मियों जैसे माली, सफाईकर्मी, रसोईया, गार्ड/चौकीदार की तैनाती व सैलरी का ऑडिट करा दे तो यह सब सामने आ जायेगा।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के नोएडा में होमगार्डों की फर्जी ड्यूटी दिखाकर वेतन हड़पने का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। मंत्री चेतन चौहान ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि, पूरे प्रदेश के होमगार्डों के वेतन का ऑडिट करवाया जाएगा और फर्जीवाड़े की जांच डीआईजी होमगार्ड करेंगे। सूत्रों की माने तो वेतन फर्जीवाड़े का यह खेल कई अन्य विभागों में भी हो रहा है। माली, सफाईकर्मी, रसोईया, गार्ड/चौकीदार को विभागों में दिखाकर वेतन फर्जीवाड़े का खेल जारी है। सूत्र बतातें हैं कि सरकार कुछ प्रमुख विभागों का ऑडिट करा दे तो यह सब फर्जीवाड़ा सामने आ जायेगा। बता दें कि जिलों में तैनात होमगार्ड विभाग के अफसरों पर फर्जीवाड़े को लेकर आरोप लगा है। जिस पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। गौतमबुद्घ नगर (नोएडा) में दो महीने की जांच में यह घोटाला सामने आया है। मामले की जांच के लिए शासन की तीन सदस्यीय कमेटी नोएडा गई थी जिससे 10 दिन में रिपोर्ट मांगी गई है। होमगार्ड विभाग के प्रमुख सचिव अनिल कुमार ने आशंका जताई है कि अगर एक जिले में इस तरह की गड़बड़ी हो रही है, तो अन्य जिलों में भी वेतन को लेकर यह फर्जीवाड़ा हो सकता है। उन्होंने बताया कि डीजी होमगार्ड के सीनियर स्टाफ अफसर सुनील कुमार, मिर्जापुर के वरिष्ठ जिला कमांडेंट शैलेंद्र प्रताप सिंह और बागपत की जिला कमांडेंट नीता भारती को जांच के लिए नोएडा भेजा गया है। यह टीम पता लगाएगी कि पूरा फर्जीवाड़ा किस तरह से किया गया। एसएसपी नोएडा वैभव कृष्ण ने बताया कि होमगार्ड विभाग के एक प्लाटून कमांडर ने इसकी शिकायत की थी। इसके बाद जिले स्तर पर सैंपल के लिए सात थानों में दो माह (मई व जून) के दौरान लगाई गई होमगार्डों की ड्यूटी की जांच कराई गई। इसमें करीब 8 लाख रुपये का घपला सामने आया। दो की ड्यूटी 10 लोगों का लिया वेतन शुरूआती जांच में सामने आया कि, थानों में दो होमगार्डों की ड्यूटी लगाई गई लेकिन वहां पर 10 होमगार्डों की तैनाती दिखाकर वेतन लिया गया। इसके लिए थाने की फर्जी मोहर का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि यह फर्जीवाड़ा लंबे समय से चल रहा है। इसकी विस्तृत जांच की जरूरत है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा गठित कमेटी की जांच रिपोर्ट के बाद जिम्मेदार अफसरों और कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। कई विभागों में भी हो रहा वेतन फर्जीवाड़े का खेल सूत्रों की माने तो होमगार्ड के साथ कई और विभागों में भी वेतन फर्जीवाड़ा हो रहा है। माली, सफाईकर्मी, रसोईया, गार्ड/चौकीदार को विभागों में दिखाकर यह फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि कई विभागों में लोगों को संविदा पर तैनाती दिखाकर यह काम किया जा रहा है। सूत्र कहते हैं कि, अगर योगी सरकार कुछ प्रमुख विभागों के संविदा कर्मियों जैसे माली, सफाईकर्मी, रसोईया, गार्ड/चौकीदार की तैनाती व सैलरी का ऑडिट करा दे तो यह सब सामने आ जायेगा।