पुलिस स्मृति दिवस पर बोले गृहमंत्री- पुलिसकर्मियों की समस्याएं जल्द दूर करेंगे

amit shah
पुलिस स्मृति दिवस पर बोले गृहमंत्री- पुलिसकर्मियों की समस्याएं जल्द दूर करेंगे

नई दिल्ली। आज 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस है। इस मौके पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार जल्द ही कदम उठाएगी कि पुलिसकर्मियों को काम का अच्छा माहौल मिले और उनकी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संबंधी समस्यायें दूर हों।

Home Minister Said On Police Memorial Day Will Solve The Problems Of Policemen Soon :

अमित शाह ने शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देने के बाद पुलिस एवं अर्द्धसैन्य बलों को संयुक्त रूप से संबोधित करते हुए कहा कि देश की समर्पण भाव से सेवा करने वाले खाकी वर्दी पहने पुरुष एवं महिलाएं ही विश्व के एक शक्तिशाली देश के रूप में भारत की छलांग को सुनिश्चित करते हैं।

गृहमंत्री ने कहा कि प्रति एक लाख नागरिकों के लिए 222 कर्मियों के न्यूनतम मानदंड की तुलना में मात्र 144 कर्मी मौजूद हैं। यही कारण है कि करीब 90 प्रतिशत पुलिसकर्मियों को हर रोज 12 घंटे से भी अधिक समय तक काम करना पड़ता है और उनमें से तीन चौथाई कर्मी साप्ताहिक अवकाश भी नहीं ले पाते।

अमित शाह ने पुलिस स्मृति दिवस पर कहा कि सरकार ने पुलिस के कल्याण के लिए काफी काम किया है और मैं भरोसा दिला सकता हूं कि हम और काम करना जारी रखेंगे, आपके लिए निर्धारित समय सीमा में स्वास्थ्य, आवास, परिवार कल्याण और काम का अच्छा माहौल सुनिश्चित करने के लिए और कदम उठाएंगे।’ इस दौरान शाह ने राष्ट्रीय पुलिस स्मारक की एक नई वेबसाइट का लोकार्पण किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवीकरण के बाद राष्ट्रीय पुलिस स्मारक का पिछले साल इसी दिन उद्घाटन किया था। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित इस स्मारक में एक नया संग्रहालय भी बनाया गया है।

पीएम ने शहीद पुलिसकर्मियों को किया याद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके कहा कि ‘आज पुलिस स्मृति दिवस पर उन बहादुर पुलिस कर्मियों को गर्व के साथ याद करता हूं जिन्होंने अपने कर्तव्य का निर्वाह करते हुए शहादत दी।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मी पूरी लगन के साथ अपने दायित्वों का निर्वाह करते हैं और उनकी हिम्मत हमेशा हमें प्रेरणा देती है।

पुलिस स्मृति दिवस का इतिहास

पुलिस स्मृति दिवस इसलिए मनाया जाता है क्योंकि 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग में देश की सुरक्षा की प्रथम पंक्ति में तैनात केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के एक छोटे से गश्ती दल पर चीनी सेना द्वारा भारी संख्या में घात लगाकर हमला किया गया था। सीआरपीएफ के 10 जांबाज सैनिकों ने ऑटोमैटिक वेपन से लैस चीनी टुकड़ी का सामना किया और बहादुरी के साथ लड़ते हुए वीरगति प्राप्त की थी। वहीं, से शुरू हुई ये बलिदान की गाथा बड़े गौरवपूर्ण यात्रा करते हुए आज यहां आकर रुकी है। इस अवसर पर उन सुरक्षा कर्मियों को याद किया जाता है जिन्होंने देश की एकता और अखंडता की रक्षा करते हुए अपनी जान की कुर्बानी दी।

नई दिल्ली। आज 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस है। इस मौके पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार जल्द ही कदम उठाएगी कि पुलिसकर्मियों को काम का अच्छा माहौल मिले और उनकी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संबंधी समस्यायें दूर हों। अमित शाह ने शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देने के बाद पुलिस एवं अर्द्धसैन्य बलों को संयुक्त रूप से संबोधित करते हुए कहा कि देश की समर्पण भाव से सेवा करने वाले खाकी वर्दी पहने पुरुष एवं महिलाएं ही विश्व के एक शक्तिशाली देश के रूप में भारत की छलांग को सुनिश्चित करते हैं। गृहमंत्री ने कहा कि प्रति एक लाख नागरिकों के लिए 222 कर्मियों के न्यूनतम मानदंड की तुलना में मात्र 144 कर्मी मौजूद हैं। यही कारण है कि करीब 90 प्रतिशत पुलिसकर्मियों को हर रोज 12 घंटे से भी अधिक समय तक काम करना पड़ता है और उनमें से तीन चौथाई कर्मी साप्ताहिक अवकाश भी नहीं ले पाते। अमित शाह ने पुलिस स्मृति दिवस पर कहा कि सरकार ने पुलिस के कल्याण के लिए काफी काम किया है और मैं भरोसा दिला सकता हूं कि हम और काम करना जारी रखेंगे, आपके लिए निर्धारित समय सीमा में स्वास्थ्य, आवास, परिवार कल्याण और काम का अच्छा माहौल सुनिश्चित करने के लिए और कदम उठाएंगे।’ इस दौरान शाह ने राष्ट्रीय पुलिस स्मारक की एक नई वेबसाइट का लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवीकरण के बाद राष्ट्रीय पुलिस स्मारक का पिछले साल इसी दिन उद्घाटन किया था। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित इस स्मारक में एक नया संग्रहालय भी बनाया गया है।

पीएम ने शहीद पुलिसकर्मियों को किया याद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके कहा कि ‘आज पुलिस स्मृति दिवस पर उन बहादुर पुलिस कर्मियों को गर्व के साथ याद करता हूं जिन्होंने अपने कर्तव्य का निर्वाह करते हुए शहादत दी।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मी पूरी लगन के साथ अपने दायित्वों का निर्वाह करते हैं और उनकी हिम्मत हमेशा हमें प्रेरणा देती है।

पुलिस स्मृति दिवस का इतिहास

पुलिस स्मृति दिवस इसलिए मनाया जाता है क्योंकि 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग में देश की सुरक्षा की प्रथम पंक्ति में तैनात केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के एक छोटे से गश्ती दल पर चीनी सेना द्वारा भारी संख्या में घात लगाकर हमला किया गया था। सीआरपीएफ के 10 जांबाज सैनिकों ने ऑटोमैटिक वेपन से लैस चीनी टुकड़ी का सामना किया और बहादुरी के साथ लड़ते हुए वीरगति प्राप्त की थी। वहीं, से शुरू हुई ये बलिदान की गाथा बड़े गौरवपूर्ण यात्रा करते हुए आज यहां आकर रुकी है। इस अवसर पर उन सुरक्षा कर्मियों को याद किया जाता है जिन्होंने देश की एकता और अखंडता की रक्षा करते हुए अपनी जान की कुर्बानी दी।