1. हिन्दी समाचार
  2. गृह मंत्रालय का निर्देश, राज्य सरकारें प्रवासी श्रमिकों के लिए ज्यादा ट्रेनों की दें इजाजत

गृह मंत्रालय का निर्देश, राज्य सरकारें प्रवासी श्रमिकों के लिए ज्यादा ट्रेनों की दें इजाजत

Home Ministry Directs State Governments Allow More Trains For Migrant Workers

नई दिल्ली। कोरोना वायरस की वजह से लागू लॉकडाउन में प्रवासी श्रमिकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसके मद्देनजर गृह मंत्रालय ने राज्यों से प्रवासी श्रमिकों को अपने घरों तक पहुंचाने के लिए ज्यादा ट्रेनों के संचालन की इजाजत देने को कहा है।

पढ़ें :- नेपाल के पीएम केपी शर्मा ओली को कम्युनिस्ट पार्टी से किया गया बाहर

गृह मंत्रालय ने राज्यों से कहा कि श्रमिकों के लिए चलाई जा रही ट्रेनों या बसों के बारे में अधिक स्पष्टता की जरूरत है। कुछ अफवाहों की वजह से प्रवासी श्रमिकों के लिए परेशानी उत्पन्न हो रही है।

इससे पहले सोमवार को करीब 15 हजार प्रवासी मजदूर ट्रेन के पास के लिए गाजियाबाद के घंटाघर और कविनगर के रामलीला मैदान में उमड़ पड़े थे। हर कोई पास लेने के लिए बेसब्र था। कई दिन से धक्के खा रहे इन मजबूर मजदूरों को बिहार और पूर्वांचल जाने वाली रेलगाड़ियों में भी टिकट नहीं मिलने का डर था। प्रशासन भी इतनी भीड़ के लिए तैयार नहीं था। लिहाजा दोनों जगह सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां तो उड़ी हीं, भूखे-प्यासे बच्चे और महिलाओं को भी आठ से दस घंटे तेज धूप और लू के थपेड़े झेलने पड़े। इसके बाद भी 7,200 मजदूर ही अपने घरों के लिए रवाना हो सके।

बता दें कि लॉकडाउन की वजह से जहां-तहां फंस गए मजदूरों के लिए रेलवे ने एक मई से श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को चलाने का फैसला लिया था। इसके बाद से अब तक लाखों मजदूरों को उनके गृह राज्य तक पहुंचाया गया है। रेलवे के अनुसार, एक मई से 15 मई तक तकरीबन 15 लाख श्रमिकों को उनके घरों तक पहुंचाया गया है। इस दौरान 1074 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा चुका है।

पढ़ें :- उत्तर प्रदेश स्थापना दिवसः पीएम मोदी, रक्षामंत्री राजनाथ से लेकर कई नेताओं ने दी बधाई

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे...