श्रीनगर में 10,000 लोगों के विरोध प्रदर्शन की खबरों को गृह मंत्रालय ने बताया मनगढ़ंत

ravish kumar
श्रीनगर में 10,000 लोगों के विरोध प्रदर्शन की खबरों को गृह मंत्रालय ने बताया मनगढ़ंत

नई दिल्ली। गृह मंत्रालय ने विदेशी मीडिया में चल रही इन खबरों को सिरे से खारिज किया है किया है श्रीनगर में अनुच्छेद-370 को हटाने के लिए खिलाफ एक बड़ा प्रदर्शन हुआ है। मंत्रालय ने ऐसी खबरों मनगढ़ंत और आधारहीन करार दिया है। होम मिनिस्ट्री के प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा कि हजारों लोगों के विरोध करने की खबरें गलत है। मंत्रालय ने कहा कि जुमे के मौके पर श्रीनगर और बारामूला में छिटपुट विरोध प्रदर्शन हुए थे, लेकिन इनमें 20 से ज्यादा लोग शामिल नहीं थे।

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बता दें कि एक न्यूज एजेंसी की ओर से जारी की गई खबर में श्रीनगर में जुमे के मौके पर 10,000 लोगों के आर्टिकल 370 के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की बात कही गई थी। इस बीच सरकार ने ईद के मौके पर भी जुमे की तरह ही कुछ हद तक सख्ती बनाए रखने का फैसला लिया गया है। घाटी में ईद के मौके पर चरणबद्ध तरीके से धारा 144 को हटाया जाएगा। हालांकि पाबंदियों को पूरी तरह से हटाने की स्थिति 15 अगस्त के बाद ही पैदा होगी। इसकी वजह यह है कि यही वह दौर होता है, जब घाटी में अलगाववादी अपना आंदोलन तेज करते हैं।

एक न्‍यूज एजेंसी की ओर से जारी रिपोर्ट में शुक्रवार को 10,000 लोगों के साथ विरोध प्रदर्शन की बात कही गई थी। इस रिपोर्ट में एक पुलिस ऑफिसर और एक प्रत्‍यक्षदर्शी का हवाला दिया गया था। पुलिस ऑफिसर ने इस रिपोर्ट में बताया था कि श्रीनगर के शूरा इलाके में लोगों को हुजूम इकट्ठा हुआ था। इस समूह ने धारा 144 का उल्‍लंघन किया था और इसकी वजह से पुलिस को एक्‍शन लेना पड़ा।

पुलिस ने आइवा ब्रिज से लोगों को वापस धकेला था। यहां पर आंसू गैस के गोले और पैलेट गन फायर करने की बात भी रॉयटर्स ने अपनी खबर में लिखी थी। प्रत्‍यक्षदर्शी के हवाले से न्‍यूज एजेंसी ने लिखा था, ‘कुछ महिलाएं और बच्‍चे तो बचने के लिए पानी में कूद गए थे।’ पुलिस ऑफिसर के हवाले से रॉयटर्स ने लिखा था कि करीब 10,000 लोग शूरा में इकट्ठा थे और यह अब तक का सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन था।

नई दिल्ली। गृह मंत्रालय ने विदेशी मीडिया में चल रही इन खबरों को सिरे से खारिज किया है किया है श्रीनगर में अनुच्छेद-370 को हटाने के लिए खिलाफ एक बड़ा प्रदर्शन हुआ है। मंत्रालय ने ऐसी खबरों मनगढ़ंत और आधारहीन करार दिया है। होम मिनिस्ट्री के प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा कि हजारों लोगों के विरोध करने की खबरें गलत है। मंत्रालय ने कहा कि जुमे के मौके पर श्रीनगर और बारामूला में छिटपुट विरोध प्रदर्शन हुए थे, लेकिन इनमें 20 से ज्यादा लोग शामिल नहीं थे। बता दें कि एक न्यूज एजेंसी की ओर से जारी की गई खबर में श्रीनगर में जुमे के मौके पर 10,000 लोगों के आर्टिकल 370 के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की बात कही गई थी। इस बीच सरकार ने ईद के मौके पर भी जुमे की तरह ही कुछ हद तक सख्ती बनाए रखने का फैसला लिया गया है। घाटी में ईद के मौके पर चरणबद्ध तरीके से धारा 144 को हटाया जाएगा। हालांकि पाबंदियों को पूरी तरह से हटाने की स्थिति 15 अगस्त के बाद ही पैदा होगी। इसकी वजह यह है कि यही वह दौर होता है, जब घाटी में अलगाववादी अपना आंदोलन तेज करते हैं। एक न्‍यूज एजेंसी की ओर से जारी रिपोर्ट में शुक्रवार को 10,000 लोगों के साथ विरोध प्रदर्शन की बात कही गई थी। इस रिपोर्ट में एक पुलिस ऑफिसर और एक प्रत्‍यक्षदर्शी का हवाला दिया गया था। पुलिस ऑफिसर ने इस रिपोर्ट में बताया था कि श्रीनगर के शूरा इलाके में लोगों को हुजूम इकट्ठा हुआ था। इस समूह ने धारा 144 का उल्‍लंघन किया था और इसकी वजह से पुलिस को एक्‍शन लेना पड़ा। पुलिस ने आइवा ब्रिज से लोगों को वापस धकेला था। यहां पर आंसू गैस के गोले और पैलेट गन फायर करने की बात भी रॉयटर्स ने अपनी खबर में लिखी थी। प्रत्‍यक्षदर्शी के हवाले से न्‍यूज एजेंसी ने लिखा था, 'कुछ महिलाएं और बच्‍चे तो बचने के लिए पानी में कूद गए थे।' पुलिस ऑफिसर के हवाले से रॉयटर्स ने लिखा था कि करीब 10,000 लोग शूरा में इकट्ठा थे और यह अब तक का सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन था।