गृह मंत्रालय को सुझाव, पूरे देश में अगस्त माह से दे देनी चाहिए सशर्त सिनेमाघर खोलने की अनुमति

    18-45

    नई दिल्‍ली । भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को सुझाव दिया है कि पूरे देश में अगस्त से सिनेमाघरों को दोबारा खोलने की अनुमति दे दी जानी चाहिए। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव अमित खरे ने यह बात सीआईआई मीडिया कमेटी को हाल ही में बताई है। उन्होंने कहा कि उन्होंने गृह सचिव अजय भल्ला से इस बारे में बात की है और वही इस पर आखिरी फैसला लेंगे। खरे ने बताया उन्होंने सुझाव दिया है कि आने वाले 1 अगस्त से पूरे देश के सिनेमाघरों को खोलने की अनुमति दी जाए, अगर एक अगस्त से अनुमति नहीं दी जाती तो 31 अगस्त तक यह अनुमति दे दी जानी चाहिए।

    Home Ministry Should Give Suggestions From August Onwards Permission To Open Conditional Cinemas :

    मंत्रालय ने सिनेमा घर में एक सीट और एक लाइन खाली छोड़कर दर्शकों को बैठाने का सुझाव दिया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सुझाव दिया है कि इसे पूरे देश के सिनेमाघरों में सख्ती से लागू किया जाना चाहिए। गौरतलब है कि कोरोना वायरस फैलने के कारण मार्च के महीने से ही पूरे देश के सिनेमाघरों को बंद कर दिया गया था और तब से ये लगातार बंद ही हैं।

    खरे ने बताया सूचना और प्रसारण मंत्रालय के सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। हालांकि गृह मंत्रालय की तरफ से अभी तक इस पर कोई जवाब नहीं आया है। इस बैठक में सिनेमाघरों के मालिक भी मौजूद थे, जिन्होंने इस सुझाव का विरोध किया है। सिनेमा घर मालियों ने कहा केवल 25 फीसदी दर्शकों के साथ सिनेमाघरों को चलाने से अच्छा है उन्हें बंद ही रखा जाए।

    31 जुलाई के बाद और ‘अनलॉक’ करने पर चर्चा हो रही है। केंद्र सरकार अनलॉकिंग के लिए स्‍टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) भी तैयार कर रही है, मगर यह फैसला राज्‍यों पर छोड़ा जाएगा कि वह दैनिक गतिविधियों पर कितनी रोक लगाते हैं। केंद्र सरकार 31 जुलाई के बाद कई छूट देने को तैयार है। मसलन अंतर्राष्ट्रीय उड़ान, जिम और सिनेमा हॉल को फिर से शुरू करने की अनुमति मिल सकती है। जोकि 25 मार्च को लॉकडाउन के बाद से ही बंद हैं।

    नई दिल्‍ली । भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को सुझाव दिया है कि पूरे देश में अगस्त से सिनेमाघरों को दोबारा खोलने की अनुमति दे दी जानी चाहिए। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव अमित खरे ने यह बात सीआईआई मीडिया कमेटी को हाल ही में बताई है। उन्होंने कहा कि उन्होंने गृह सचिव अजय भल्ला से इस बारे में बात की है और वही इस पर आखिरी फैसला लेंगे। खरे ने बताया उन्होंने सुझाव दिया है कि आने वाले 1 अगस्त से पूरे देश के सिनेमाघरों को खोलने की अनुमति दी जाए, अगर एक अगस्त से अनुमति नहीं दी जाती तो 31 अगस्त तक यह अनुमति दे दी जानी चाहिए। मंत्रालय ने सिनेमा घर में एक सीट और एक लाइन खाली छोड़कर दर्शकों को बैठाने का सुझाव दिया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सुझाव दिया है कि इसे पूरे देश के सिनेमाघरों में सख्ती से लागू किया जाना चाहिए। गौरतलब है कि कोरोना वायरस फैलने के कारण मार्च के महीने से ही पूरे देश के सिनेमाघरों को बंद कर दिया गया था और तब से ये लगातार बंद ही हैं। खरे ने बताया सूचना और प्रसारण मंत्रालय के सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। हालांकि गृह मंत्रालय की तरफ से अभी तक इस पर कोई जवाब नहीं आया है। इस बैठक में सिनेमाघरों के मालिक भी मौजूद थे, जिन्होंने इस सुझाव का विरोध किया है। सिनेमा घर मालियों ने कहा केवल 25 फीसदी दर्शकों के साथ सिनेमाघरों को चलाने से अच्छा है उन्हें बंद ही रखा जाए। 31 जुलाई के बाद और 'अनलॉक' करने पर चर्चा हो रही है। केंद्र सरकार अनलॉकिंग के लिए स्‍टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) भी तैयार कर रही है, मगर यह फैसला राज्‍यों पर छोड़ा जाएगा कि वह दैनिक गतिविधियों पर कितनी रोक लगाते हैं। केंद्र सरकार 31 जुलाई के बाद कई छूट देने को तैयार है। मसलन अंतर्राष्ट्रीय उड़ान, जिम और सिनेमा हॉल को फिर से शुरू करने की अनुमति मिल सकती है। जोकि 25 मार्च को लॉकडाउन के बाद से ही बंद हैं।