नहीं हो पा रहे भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा में शामिल तो घर बैठे करें ये उपाय

नहीं हो पा रहे भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा में शामिल तो घर बैठे करें ये उपाय
नहीं हो पा रहे भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा में शामिल तो घर बैठे करें ये उपाय

नई दिल्ली। आज उड़ीसा के पुरी से भगवान जगन्नाथ जी रथ यात्रा निकाली जाएगी जिसकी पूरी जाइयारी हो चुकी है। पूरी भगवान जगन्नाथ की मुख्य लीला भूमि जिसे पुरुषोत्तम पुरी भी कहा जाता है। मान्यता है कि राधा और श्रीकृष्ण की युगल मूर्ति के प्रतीक स्वयं श्री जगन्नाथ जी हैं और कृष्ण भी उनका ही एक अंश हैं। अगर आप किसी कारणवश भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा में शामिल नहीं हो पा रहे हैं तो आप घर बैठे भी नीचे दी गई विधि से भगवान की पूजा कर उन्हे प्रसन्न कर सकते हैं।

How To Do Worship Of God Jagannath Know Importance About Rath Yatra :

जाने कब और कैसे करें भगवान जगन्नाथ की पूजा—

भगवान जगन्नाथ आषाढ़ शुक्ल द्वितीया से दशमी तक जनसामान्य के बीच रहते हैं।
इसी समय मे उनकी पूजा करना और प्रार्थना करना विशेष फलदायी होता है।
इस बार भगवान की रथयात्रा 04 जुलाई से आरम्भ होगी।
इसी समय मे भगवान की रथ यात्रा मे शामिल हों, साथ ही भगवान जगन्नाथ की उपासना करें।
अगर आप मुख्य रथयात्रा में भाग नहीं ले सकते तो किसी भी रथ यात्रा में भाग ले सकते हैं
अगर किसी भी रथ यात्रा में शामिल होना सम्भव नहीं है तो घर पर ही भगवान जगन्नाथ की उपासना करें, उन्हें भोग लगायें और उनके मन्त्रों का जाप करें।

संतान प्राप्ति के लिए ऐसे करें पूजा

  • पति पत्नी पीले वस्त्र धारण करके भगवान जगन्नाथ की पूजा करें।
  • भगवान जगन्नाथ को मालपुए का भोग लगायें।
  • इसके बाद संतान गोपाल मंत्र का जाप करें और संतान प्राप्ति की प्रार्थना करें।
  • एक ही मालपुए के दो हिस्से करें , आधा आधा पति पत्नी खाएं।

ग्रह शांति के लिए आइए करें पूजा

  • पीले वस्त्र धारण करके भगवान जगन्नाथ का पूजन करें
  • उनको चन्दन लगायें , विभिन्न भोग प्रसाद और तुलसीदल अर्पित करें
  • इसके बाद गजेंद्र मोक्ष का पाठ करें, या गीता के ग्यारहवें अध्याय का पाठ करें
  • भोग प्रसाद खुद भी खाएं और दूसरों को भी खिलाएं।
  • जो कोई भी इस प्रसाद को खायेगा, उसकी बाधाओं का नाश होगा।
नई दिल्ली। आज उड़ीसा के पुरी से भगवान जगन्नाथ जी रथ यात्रा निकाली जाएगी जिसकी पूरी जाइयारी हो चुकी है। पूरी भगवान जगन्नाथ की मुख्य लीला भूमि जिसे पुरुषोत्तम पुरी भी कहा जाता है। मान्यता है कि राधा और श्रीकृष्ण की युगल मूर्ति के प्रतीक स्वयं श्री जगन्नाथ जी हैं और कृष्ण भी उनका ही एक अंश हैं। अगर आप किसी कारणवश भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा में शामिल नहीं हो पा रहे हैं तो आप घर बैठे भी नीचे दी गई विधि से भगवान की पूजा कर उन्हे प्रसन्न कर सकते हैं। जाने कब और कैसे करें भगवान जगन्नाथ की पूजा--- भगवान जगन्नाथ आषाढ़ शुक्ल द्वितीया से दशमी तक जनसामान्य के बीच रहते हैं। इसी समय मे उनकी पूजा करना और प्रार्थना करना विशेष फलदायी होता है। इस बार भगवान की रथयात्रा 04 जुलाई से आरम्भ होगी। इसी समय मे भगवान की रथ यात्रा मे शामिल हों, साथ ही भगवान जगन्नाथ की उपासना करें। अगर आप मुख्य रथयात्रा में भाग नहीं ले सकते तो किसी भी रथ यात्रा में भाग ले सकते हैं अगर किसी भी रथ यात्रा में शामिल होना सम्भव नहीं है तो घर पर ही भगवान जगन्नाथ की उपासना करें, उन्हें भोग लगायें और उनके मन्त्रों का जाप करें। संतान प्राप्ति के लिए ऐसे करें पूजा
  • पति पत्नी पीले वस्त्र धारण करके भगवान जगन्नाथ की पूजा करें।
  • भगवान जगन्नाथ को मालपुए का भोग लगायें।
  • इसके बाद संतान गोपाल मंत्र का जाप करें और संतान प्राप्ति की प्रार्थना करें।
  • एक ही मालपुए के दो हिस्से करें , आधा आधा पति पत्नी खाएं।
ग्रह शांति के लिए आइए करें पूजा
  • पीले वस्त्र धारण करके भगवान जगन्नाथ का पूजन करें
  • उनको चन्दन लगायें , विभिन्न भोग प्रसाद और तुलसीदल अर्पित करें
  • इसके बाद गजेंद्र मोक्ष का पाठ करें, या गीता के ग्यारहवें अध्याय का पाठ करें
  • भोग प्रसाद खुद भी खाएं और दूसरों को भी खिलाएं।
  • जो कोई भी इस प्रसाद को खायेगा, उसकी बाधाओं का नाश होगा।