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कैसे बढ़ें खिलाड़ी जब ​’खेल संघों’ पर नेता, अफसर और नेताओं का कब्जा?

टेक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympic) के बाद खेलों को बढ़ावा देने की फिर से पैरोकारी शुरू हो गयी है। खेलों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें भी बड़े बड़े दावे कर रहीं हैं लेकिन ये दावे जमीन पर कब उतरेंगे ये बताना मुश्किल है। हालांकि, इन सबके बीच ज्यादातर खेलों के खेवैया अफसर, नेता और कारोबारी बने हुए हैं, जिन्हें खेलों की रत्ती भर भी जानकारी नहीं है।

By शिव मौर्या 
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लखनऊ। टेक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympic) के बाद खेलों को बढ़ावा देने की फिर से पैरोकारी शुरू हो गयी है। खेलों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें भी बड़े बड़े दावे कर रहीं हैं लेकिन ये दावे जमीन पर कब उतरेंगे ये बताना मुश्किल है। हालांकि, इन सबके बीच ज्यादातर खेलों के खेवैया अफसर, नेता और कारोबारी बने हुए हैं, जिन्हें खेलों की रत्ती भर भी जानकारी नहीं है।

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ऐसे में सवाल उठात है कि जब खिलाड़ियों की जगह अफसर (officer), नेता (Leader) और कारोबारी (businessman) लेंगे तो देश में मेडलों की संख्या कैसे बढ़ेगी। यहीं नहीं ऐसे लोग खेलों को बढ़ावा देने के अलावा अपनी कुर्सी बचाने के लिए आपसी राजनीति में भिड़े रहते हैं। लिहाजा, किसी का खेल पर कोई ध्यान नहीं रहता है। उधर, केंद्र की मोदी सरकार ने खेल रत्न अवार्ड का नाम हॉकी के महान खिलाड़ी ध्यानचंद के नाम पर रख दिया। वहीं, अब खेल संघों पर काबिज नेता, अफसर और कारोबारियों की सफाई भी जरूरी है। इनको हटाए बिना खेलों को बढ़ावा देना मुश्किल है।

यूपी के दस खिलाड़ियों ने ओलंपिक में लिया था भाग
बता दें कि, ओलंपिक (Olympic) में भाग लेने वाले कई देशों के बराबर अबादी वाले उत्तर प्रदेश से 10 खिलाड़ी ओलंपिक में भाग लिए थे। हॉकी टीम के खिलाड़ी ललित उपाध्याय (Lalit Upadhyay) को छोड़कर किसी को पदक नहीं मिला। बेशक ओलिंपिक (Olympic) में भागीदारी ही बहुत बड़ी उपलब्धि है, लेकिन पदक संख्या भी बढ़ाने की दिशा में तेजी से काम करना होगा। दरअसल, खेल संघों पर गैर खिलाड़ियों ने कब्जा और आपसी राजनीति के कारण अच्छे खिलाड़ियों को मौका नहीं मिल पा रहा है। उत्तर प्रदेश ओलिंपिक संघ (Uttar Pradesh Olympic Association) को ही देखें तो भारतीय हॉकी टीम (Indian hockey team) के पूर्व कप्तान आरपी सिंह (RP Singh) को छोड़कर लगभग सभी पदों पर मंत्री, विधायक, नौकरशाह और कारोबारी विराजमान हैं। बाकी खेल संघों का भी यही हाल है।

ये हैं खेल संघों के प्रमुख
• विराज सागर दास, अध्यक्ष यूपी ओलंपिक एसोसिएशन
• डा. संजय सिंह (सांसद), अध्यक्ष फुटबॉल संघ
• महेश कुमार गुप्ता (आइएएस) अध्यक्ष जूडो एसोसिएशन
• कुंवर फतेह बहादुर (रिटायर्ड आइएएस), एथलेटिक्स संघ
• रंजीत सिंह जूदेव (पूर्व मंत्री), तैराकी संघ
• बृजभूषण शरण सिंह (सांसद) अध्यक्ष कुश्ती संघ
• सुधीर एम बोबडे (आइएएस) हैंडबाल एसोसिएशन
• प्रभात चतुर्वेदी (रिटायर आइएएस) शतरंज संघ
• डा. हरिओम पांडेय (एमपी), उत्तर प्रदेश वॉलीबाल संघ
• जावीद अहमद (आइपीएस), अध्यक्ष जूडो संघ
• श्याम सिंह यादव (पीसीएस), रायफल संघ
• अनिल अग्रवाल, अध्यक्ष तलवारबाजी संघ
• अमित घोष (आइएएस), अध्यक्ष यूपी रोइंग एसोसिएशन
• कलराज मिश्र (राजस्थान के राज्यपाल), तीरंदाजी संघ
• राम सकल गुर्जर (एमएलसी), यूपी साइकिलिंग संघ

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