कैसे रुकेगा एसिड अटैक, SC के सख्त आदेशों के बावजूद भी धड़ल्ले से बिक रहा तेजाब

लखनऊ। प्रदेश की सत्तारूढ़ बीजेपी सरकार अपने अलग-अलग कार्यक्रमों में महिला सुरक्षा के दावे करती नज़र आती है, बता दें कि चुनाव से पहले भी बीजेपी का एक टैग लाइन ‘महिला के सम्मान में बीजेपी मैदान में’ खूब चलन में था। इसी बात पर मेहरबान हुई प्रदेश की महिलाओं ने भरोसा दिखाते हुए कुर्सी तक पहुंचा दिया लेकिन अब जब सरकार बनने के बाद बीजेपी को अपने द्वारा किए वादो पर अमलीजामा पहनाने की बारी आई तो जनता को ठेंगा दिखा दिया। यह बात इसलिए कहनी पड़ रही है क्योकि अभी तक अगर योगी सरकार का लेखा-जोखा देखा जाए तो उम्मीद लगाए लोगों को निराशा ही हाथ लगी है।

लगातार बढ़ता क्राइम ग्राफ सरकार के लिए चिंता का कारण बने न बने जनता के लिए तो बना हुआ है। इस वक़्त में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं जिसकी हम और आप कल्पना तक नहीं कर सकते। अब ऐसी ही एक घटना राजधानी लखनऊ में देखने को मिली है जिसे सुन आपके भी रोंगटे खड़े हो सकते है। दरअसल अभी तीन महीने पहले की एक घटना आपके जहन में भी शायद ताजा होंगी जब चलती ट्रेन में रायबरेली से लखनऊ आ रही कुछ दरिंदों ने तेजाब की घुट पीला दी थी जिसके बाद वह युवती ज़िंदगी और मौत के बीच जद्दोजहद कर रही थी हालांकि सीएम योगी आदित्यनाथ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों को अलर्ट कर दिया था जिस वजह से उस युवती की ज़िंदगी बच गयी थी लेकिन अब एक बार फिर दरिंदों में उसी युवती को तेजाब हमला कर अपना शिकार बनाया है।

{ यह भी पढ़ें:- नाबालिग गैंगरेप पीड़िता ने किया सुसाइड, CM योगी ने दिया था सुरक्षा का भरोसा }

हैरत की बात यह है कि इस बार दरिंदों के हौसले इतने बुलंद थे कि वे गर्ल हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था को सेंध लगा वारदात को अंजाम तक पहुंचाने में सफल रहें। हमलावरों के बेखौफ़ी का आलम यह था कि युवती के पास पर्सनल गनर होने की जानकारी होने के बाद भी उन्होने अपने इरादे नहीं बदले। इतना कुछ ज्ञात होने के बाद भी अगर प्रदेश में अपराधियों का घटना को अंजाम देते वक़्त पैर नहीं थरथराते है तो यह साफ तौर पर सरकार और प्रशासन दोनों की नाकामी है। बताते चले कि यह युवती गैंगरेप पीड़िता रह चुकी है इससे पहले भी इस युवती पर दो बार तेजाब से हमला को चुका है और तीसरी बार की आशंका होने पर पीड़िता ने सरकार से गनर की गुहार लगाई थी जिसे सरकार ने स्वीकार करते हुए पीड़िता को गनर मुहैया कराया था। शर्म की बात यह है कि इस सब के बावजूद भी पीड़िता को एक और हमले से नहीं बचाया जा सका।

सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद भी खुलेआम बिक रहे हैं तेजाब

{ यह भी पढ़ें:- भ्रष्टाचार पर योगी सरकार का सेल्फी वार }

प्रदेश में एसिड हमले लगातार बढ़ रहे है साथ ही शहरों में धड़ल्ले से खुलाम तेजाब भी बिक रहे हैं। बताते चले कि एसिड हमलों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए एक महिला ने सुप्रीम कोर्ट में रिट दायर किया था जिसपर एक्शन लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने खुलेआम एसिड विक्रय पर रोक लगते हुए कुछ मानक निर्धारित किए थे। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को ताख पर रखते हुए प्रशासन की मिली भगत के जरिये आज के समय में खुलेआम परचून की दुकानों पर एसिड बिक रहे है जिस वजह से एसिड हमलों का ग्राफ लगातार बढ़ता ही जा रहा है।