बच्चा चोरी कर रेलकर्मी ने 35 से 50 हजार में किया सौदा, पुलिस ने किया अरेस्ट

लखनऊ। यूपी के चंदौली इलाके में रेलवे स्टेशन से चोरी हुए बच्चे को पुलिस ने बरामद कर लिया है। पुलिस के मुताबिक घटना को अंजाम एक रेलवे कर्मचारी ने ही दिया था, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी का संपर्क एक बड़े गिरोह से है, जो छोटे बच्चों को चोरी कर उन्हे बेच देते हैं। आरोपी बच्चे का सौदा एक एजेंट की मदद से 35 से 50 हजार में कर रहा था। पुलिस ने बच्चे को उसके मां-बाप को सौंप दिया है।

मिली जानकारी के मुताबिक सैयदराजा निवासी किरण देवी गांव के आधा दर्जन महिलाओं के साथ विंध्याचल गई थी। दर्शन कर मंगलवार की देर रात मुगलसराय रेलवे जंक्शन पर पहुंची और सैयदराजा जाने के लिए संसाधन न होने के कारण सभी महिलाएं प्लेटफार्म पर ही सो गई।

किरण के मुताबिक जब देर रात उनकी नींद खुली तो देखा कि उसका बच्चा गायब है। उसने पहले तो काफी खोजबीन की, लेकिन जब वह नहीं मिला तो वह जीआरपी से संपर्क किया। जीआरपी ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कर बच्चे की खोजबीन की शुरू की।

जीआरपी कोतवाल नंद जी यादव के मुताबिक बच्चा चुराने वाला आरोपी सफीक स्थानीय रेलवे में शंटमैन पद पर कार्यरत है। इसका संबंध बच्चा चुरा कर बेचने वाले गिरोह से है। वह मूल रूप से बिहार के डेहरी आनसोल का निवासी है और यहां दुलहीपुर के सकूर का भट्ठा  पर रहता है। रेलवे द्वारा उसे शास्त्री कालोनी में आवास भी उपलब्ध कराया गया है, जिसे उसने किराए पर दे रखा है।

पुलिस के मुताबिक उक्त रेल कर्मी वाराणसी के एक व्यक्ति से बच्चे को बेचने के लिए एक एजेंट के माध्यम से 35 से  50 हजार रुपये में सौदा कर रहा था। इसी बीच खरीददार के पड़ोस की एक महिला को भी इसकी जानकारी हो गई और क्योंकि उसने इस घटना को अखबार में पढ़ा था। महिला ने सैयदराजा में इस बात की सूचना अपने एक रिश्तेदार को दी। रिश्तेदार ने गायब बच्चे के परिजनों को यह जानकारी दी।

परिजन तत्काल पुलिस के पास पहुंचे। पुलिस ने परिवार के लोगों को ही बच्चे का खरीददार बनाकर रेल कर्मी के संपर्क में जोड़ा। जैसे ही बच्चा सामने आया पुलिस ने रेल कर्मी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूरे मामले में इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में लगी हुई है।