अब पति-पत्नी दोनों को एचआरए

लखनऊ। सरकारी कर्मियों की तरह ही अब राज्य के स्थानीय निकायों, शिक्षण संस्थाओं, विविद्यालयों, सार्वजनिक उपक्रमों/निगमों और स्वशासी संस्थाओं में कार्यरत पति और पत्नी दोनों को अब एक ही मकान में रहने के दौरान सरकार द्वारा तय एचआरए का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही विभिन्न विभागों में कार्यरत अवर अभियंताओं को 400 रुपये प्रतिमाह विशेष भत्ता मिलेगा।इस सम्बंध में बुधवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में वित्त विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी है। अभी तक राज्य में एक ही मकान में रहने वाले पति और पत्नी को मकान किराया भत्ता (एचआरए) की व्यवस्था नहीं थी। जबकि सरकारी विभागों में कार्यरत पति और पत्नी को ऐसा लाभ मिल रहा था।




कैबिनेट में मंजूर हुए प्रस्ताव में कहा गया है कि यदि इन संस्थाओं में कार्यरत पति और पत्नी दोनों सरकारी मकान में रहेंगे तो उन्हें किसी भी तरह से एचआरए का लाभ नहीं मिलेगा। कैबिनेट ने एक अन्य प्रस्ताव के जरिए विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत अवर अभियंताओं को वाहन भत्ते के लिए 400 रुपये प्रतिमाह विशेष भत्ते का भुगतान किया जाएगा। उप्र इंस्टीट्यूट आफ डिजाइन लखनऊ में पद भर्ती का आदेश-कैबिनेट ने उप्र इंस्टीटय़ूट आफ डिजाइन लखनऊ में निदेशक/सचिव तथा रीडर के पदों पर सीधी भर्ती करने के लिए कार्यकारी आदेश जारी करने का प्रस्ताव मंजूर कर दिया है। इसी तरह सरकार ने उत्तर प्रदेश विधि विज्ञान प्रयोगशाला के वैज्ञानिक अधिकारी के पद को राजपत्रित किये जाने सम्बंधी प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है।

सरकार ने ई-रिक्शा चलाकर परिवार पालने वाले कमजोर वर्ग का दामन भी खुशियों से भरने की कोशिश की है। उन्होंने ई-रिक्शा पर लगने वाला वैट साढ़े 12 फीसदी से घटाकर चार फीसदी कर दिया है। बाजार में 60,000 रुपये से लेकर 80,000 रुपये के बीच ई-रिक्शा आ रहा है। इससे 5000 से लेकर 7000 रुपये तक ई-रिक्शा सस्ता हो जाएगा।




समाजवादी सरकार ने शिक्षकों, कर्मचारियों व गरीबों को ही नहीं बल्कि विकास कार्यो को पूरा कराने में दिन-रात मेहनत करने वाले अवर अभियंताओं को भी लाभ दिया है। सरकारी, स्वायत्तशासी और निगमों में कार्यरत अवर अभियंताओं को हर माह 400 रुपये विशेष भत्ता दिया जाएगा। सरकारी नौकरियों में पिछड़े वर्गो की तरह अब भुर्तिया जाति को भी आरक्षण का लाभ मिलेगा। प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश लोकसेवा अनुसूचित जाति, जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण में अहीर, यादव, यदुवंशी, ग्वाला के साथ भुर्तिया जाति को भी जोड़ने का फैसला किया है।

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