हैदराबाद एनकाउंटर: पुलिस बोली- हथियार छीने,फायरिंग की,जवाबी कार्रवाई में हुए ढेर

पुलिस कमिश्नर वी सज्जनार
हैदराबाद एनकाउंटर:तेलंगाना पुलिस बोली- हथियार छीने, फायरिंग की, जवाबी कार्रवाई में हुए ढेर

हैदराबाद। हैदराबाद एनकाउंटर में साइबराबाद पुलिस ने कई अहम खुलासे किए हैं। साइरबराबाद के पुलिस कमिश्नर वी सज्जनार ने पत्रकारों से कहा कि शुक्रवार की सुबह हम आरोपियों को क्राइम सीन रीक्रिएट करने के लिए लाए थे। इस दौरान दो आरोपियों आरिफ और चिन्नकेशवलु ने पुलिसकर्मियों से दो हथियार छीन लिए। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को चेतावनी दी, लेकिन उन्होंने पुलिस टीम पर ही फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग में चार आरोपी मारे गए।

Hyderabad Encounter Telangana Police Bid Arms Snatched Firing Retaliation Killed :

साइरबराबाद के पुलिस कमिश्नर वी सज्जनार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 27-28 नवंबर की रात को पीड़िता का गैंगरेप किया गया। इसके बाद हत्या करके शव को जला दिया गया। हमने साइंटिफिक सबूत इकट्ठा किए और नारायणपेट से चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया। कोर्ट से आरोपियों को 10 दिन की रिमांड में लिया गया।

पुलिस कमिश्नर वी सज्जनार ने कहा कि 10 पुलिसकर्मी आज सुबह करीब पौने छह बजे आरोपियों को क्राइम सीन रीक्रिएट करने लाए थे। इस दौरान दो आरोपियों ने पुलिस से दो हथियार छीन लिए। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को चेतावनी दी, लेकिन उन्होंने पुलिस टीम पर ही फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में चार आरोपी मारे गए।

पुलिस कमिश्नर वी सज्जनार ने कहा कि 4 और 5 दिसंबर को हमने चारों आरोपियों से पूछताछ की थी। इस पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पीड़िता के मोबाइल, पॉवर बैंक और घड़ी के बारे में बताया था। इन चीजों को बरामदगी और क्राइम सीन को रीक्रिएट करने के लिए हम आरोपियों को घटनास्थल पर ले गए थे।

पुलिस कमिश्नर ने कहा कि मानवाधिकारों के चलते चारों आरोपियों को हथकड़ी नहीं पहनाई गई थी। इस वजह से चारों आरोपियों ने अचानक दो पुलिसकर्मियों से पिस्टल छीन ली। इसके बाद वह भागने लगे। पहले हमने उन्हें चेतावनी दी, लेकिन उन्होंने उलटे फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने फायरिंग की। 15 मिनट की मुठभेड़ में चारों आरोपी मारे गए।

दो पुलिसकर्मी हुए घायल

पुलिस कमिश्नर का दावा है कि एनकाउंटर के दौरान दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। इसमें एक सब इंस्पेक्टर और एक कॉस्टेबल शामिल है। आरोपियों का महबूबनगर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। हमने डीएनए प्रोफाइल ले लिया। ये चारों आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं।

हैदराबाद। हैदराबाद एनकाउंटर में साइबराबाद पुलिस ने कई अहम खुलासे किए हैं। साइरबराबाद के पुलिस कमिश्नर वी सज्जनार ने पत्रकारों से कहा कि शुक्रवार की सुबह हम आरोपियों को क्राइम सीन रीक्रिएट करने के लिए लाए थे। इस दौरान दो आरोपियों आरिफ और चिन्नकेशवलु ने पुलिसकर्मियों से दो हथियार छीन लिए। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को चेतावनी दी, लेकिन उन्होंने पुलिस टीम पर ही फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग में चार आरोपी मारे गए। साइरबराबाद के पुलिस कमिश्नर वी सज्जनार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 27-28 नवंबर की रात को पीड़िता का गैंगरेप किया गया। इसके बाद हत्या करके शव को जला दिया गया। हमने साइंटिफिक सबूत इकट्ठा किए और नारायणपेट से चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया। कोर्ट से आरोपियों को 10 दिन की रिमांड में लिया गया। पुलिस कमिश्नर वी सज्जनार ने कहा कि 10 पुलिसकर्मी आज सुबह करीब पौने छह बजे आरोपियों को क्राइम सीन रीक्रिएट करने लाए थे। इस दौरान दो आरोपियों ने पुलिस से दो हथियार छीन लिए। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को चेतावनी दी, लेकिन उन्होंने पुलिस टीम पर ही फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में चार आरोपी मारे गए। पुलिस कमिश्नर वी सज्जनार ने कहा कि 4 और 5 दिसंबर को हमने चारों आरोपियों से पूछताछ की थी। इस पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पीड़िता के मोबाइल, पॉवर बैंक और घड़ी के बारे में बताया था। इन चीजों को बरामदगी और क्राइम सीन को रीक्रिएट करने के लिए हम आरोपियों को घटनास्थल पर ले गए थे। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि मानवाधिकारों के चलते चारों आरोपियों को हथकड़ी नहीं पहनाई गई थी। इस वजह से चारों आरोपियों ने अचानक दो पुलिसकर्मियों से पिस्टल छीन ली। इसके बाद वह भागने लगे। पहले हमने उन्हें चेतावनी दी, लेकिन उन्होंने उलटे फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने फायरिंग की। 15 मिनट की मुठभेड़ में चारों आरोपी मारे गए।

दो पुलिसकर्मी हुए घायल

पुलिस कमिश्नर का दावा है कि एनकाउंटर के दौरान दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। इसमें एक सब इंस्पेक्टर और एक कॉस्टेबल शामिल है। आरोपियों का महबूबनगर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। हमने डीएनए प्रोफाइल ले लिया। ये चारों आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं।