हैदराबाद दरिंदगी: मालीवाल के अनशन का दूसरा दिन, बोलीं- उमड़ा जनसैलाब नई उम्मीद जगाता है

Hyderabad Rape
हैदराबाद दरिंदगी: मालीवाल के अनशन का दूसरा दिन, बोलीं- उमड़ा जनसैलाब नई उम्मीद जगाता है

नई दिल्ली। हैदराबाद में महिला डॉक्टर के साथ हुई हैवानियत के मामले में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल कल जंतर-मंतर पर धरने पर बैठी थी, लेकिन मंगलवार की शाम पुलिस ने उस धरने को जंतर-मंतर से राजघाट शिफ्ट कर दिया था। आज धरने का दूसरा दिन था तो काफी तादात में लोग धरने में शामिल हुए। इसी धरने की तस्वीरे सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए स्वाति मालीवाल ने कहा कि राजघाट पर उमड़ा जनसैलाब नई उम्मीद जगा रहा है।

Hyderabad Rape Second Day Of Maliwals Fast Said Massive Publicity Raises New Hope :

 

स्वाति मालीवाल ने बुधवार सुबह राजघाट पर उमड़े जनसैलाब की फोटो ट्वीट करत हुए लिखा है “कल पुलिस ने हमें जंतर मंतर से हटाकर राजघाट पर छोड़ा था। आज सुबह से ही राजघाट पर ऐसा जनसैलाब उमड़ा है जो एक नई उम्मीद जगाता है। मांगें पूरी होने पर ही ये अनशन खत्म होगा.लड़ेंगे, जीतेंगे”। उन्होने धरने के दौरान कहा देश में कानून हैं लेकिन लागू नहीं हो रहे। लागू इसलिए नहीं हो रहे क्योंकि ना तो पुलिस के संसाधन बढ़ाए जा रहे हैं, ना ही पुलिस की जवाबदेही तय की जा रही है और ना ही फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाये जा रहे हैं।

गौरतलब है कि 7 साल पहले जब दिल्ली में निर्भया के साथ गैंगरेप हुआ था तो दोषियों को फांसी की सजा दिलवाने की मांग को लेकर स्वाति मालीवाल धरने पर बैठीं थी। बीते 27 नवंबर की रात हैदराबाद में भी जब निर्भया की तरह ही एक महिला डॉक्टर के साथ घटना हुई तो स्वाति मालीवाल ने मंगलवार से बलात्कारियों को 6 महीने के भीतर सजा सुनिश्चित करने सहित कई मांगों को लेकर धरने का ऐलान कर दिया। लेकिन जब सोमवार रात उन्होने घरना स्थल का दौरा किया तो पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर धरना रोकने का प्रयास किया। इसके बाद स्वाति मालीवाल ने पीएम को पत्र लिखा साथ ही ट्वीट कर विरोध जताया।

नई दिल्ली। हैदराबाद में महिला डॉक्टर के साथ हुई हैवानियत के मामले में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल कल जंतर-मंतर पर धरने पर बैठी थी, लेकिन मंगलवार की शाम पुलिस ने उस धरने को जंतर-मंतर से राजघाट शिफ्ट कर दिया था। आज धरने का दूसरा दिन था तो काफी तादात में लोग धरने में शामिल हुए। इसी धरने की तस्वीरे सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए स्वाति मालीवाल ने कहा कि राजघाट पर उमड़ा जनसैलाब नई उम्मीद जगा रहा है।   स्वाति मालीवाल ने बुधवार सुबह राजघाट पर उमड़े जनसैलाब की फोटो ट्वीट करत हुए लिखा है "कल पुलिस ने हमें जंतर मंतर से हटाकर राजघाट पर छोड़ा था। आज सुबह से ही राजघाट पर ऐसा जनसैलाब उमड़ा है जो एक नई उम्मीद जगाता है। मांगें पूरी होने पर ही ये अनशन खत्म होगा.लड़ेंगे, जीतेंगे"। उन्होने धरने के दौरान कहा देश में कानून हैं लेकिन लागू नहीं हो रहे। लागू इसलिए नहीं हो रहे क्योंकि ना तो पुलिस के संसाधन बढ़ाए जा रहे हैं, ना ही पुलिस की जवाबदेही तय की जा रही है और ना ही फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाये जा रहे हैं। गौरतलब है कि 7 साल पहले जब दिल्ली में निर्भया के साथ गैंगरेप हुआ था तो दोषियों को फांसी की सजा दिलवाने की मांग को लेकर स्वाति मालीवाल धरने पर बैठीं थी। बीते 27 नवंबर की रात हैदराबाद में भी जब निर्भया की तरह ही एक महिला डॉक्टर के साथ घटना हुई तो स्वाति मालीवाल ने मंगलवार से बलात्कारियों को 6 महीने के भीतर सजा सुनिश्चित करने सहित कई मांगों को लेकर धरने का ऐलान कर दिया। लेकिन जब सोमवार रात उन्होने घरना स्थल का दौरा किया तो पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर धरना रोकने का प्रयास किया। इसके बाद स्वाति मालीवाल ने पीएम को पत्र लिखा साथ ही ट्वीट कर विरोध जताया।