मैं मुलायम की वजह से अखिलेश के साथ : अमर सिंह

नई दिल्ली। समाजवादी कुनबे में छिड़ी महाभारत में कई बार अपने ​नाम का जिक्र होने के बाद आखिरकार अमर सिंह ने अपनी जुबान खोल दी है। गुरूवार को अमर सिंह ने कहा कि वह मुलायम सिंह यादव के साथ हैं। जब वह पार्टी में नहीं थे तब भी मुलायम सिंह यादव से उनकी बातचीत होती थी। उन्होंने कभी भी औपचारिक रूप से पार्टी में आने की पेशकश नहीं की थी, लेकिन उनकी पार्टी में वापसी हुई यह नेता जी की ही मर्जी थी। वह मुलायम सिंह यादव के साथ हैं और अखिलेश यादव के भी साथ हैं। अखिलेश यादव मुख्यमंत्री हैं इसलिए ऐसा नहीं है, बल्कि वह मुलायम सिंह यादव के बेटे हैं इसलिए वह अखिलेश के साथ हैं। इसके साथ ही उन्होंने अखिलेश यादव के द्वारा अपने लिए प्रयोग किए शब्दों से खुद को आहत भी बताया।




मीडिया से बात कर रहे अमर​​ सिंह ने समाजवादी पार्टी के मुखिया परिवार के भीतर मौजूद तनाव पर ज्यादा बात न करते हुए अपने पुराने प्रतिद्वन्दी और पार्टी से बर्खास्त हो चुके प्रो0 रामगोपाल यादव पर तंज कसने में कोई कसर नहीं छोड़ी। रामगोपाल यादव की ओर से मिली धमकी पर उन्होंने कहा कि रामगोपाल यादव बाहुबली होने के साथ ही बुद्धिबली भी हैं। चंबल के रहने वाले हैं वहां के लोग बेहद खतरनाक होते हैं। एक बार रामगोपाल यादव उन्हों पार्टी से बाहर निकलवा चुके हैं। ऐसा न हो दोबार वह उन्हें दुनिया से बाहर करवा दें।




अपनी बातचीत के अंत में अमर सिंह ने शिवपाल यादव की तारीफ करते हुए कहा कि वह शिवपाल के अपराधी हैं। उन्ही की सिफारिश पर शिवपाल यादव को प्रदेश अध्यक्ष पद त्यागना पड़ा था और अखिलेश को उनकी जगह दी गई थी। शिवपाल यादव ने कुर्सी छोड़ने के बाद पूरे उत्साह के साथ अखिलेश का पार्टी कार्यालय में स्वागत किया था।

अमर सिंह ने सपा सुप्रीमों से अपने रिश्तों को लेकर कहा कि वह नहीं चाहते थे कि समाजवादी पार्टी में उन्हें कोई जिम्मेदारी मिले या राज्यसभा का टिकट मिले। लेकिन मुलायम सिंह यादव ने स्वयं से सारे फैसले लिए और वह उन फैसलों में मुलायम सिंह यादव के साथ रहे। मुलायम सिंह यादव से उनके रिश्ते क्या हैं ये उन्हें खुद बताने की जरूरत नहीं है। मुलायम का अपने भाषण में तीन बार उन्हें भाई कहना अपने आप में सब स्पष्ट करता है।