मैंने सिर्फ गंभीर मुद्दों की जानकारी के लिए चीनी राजदूत से मुलाक़ात की: राहुल गांधी

नई दिल्ली। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने पिछले सप्ताह चीन के राजदूत लुओ झाओहुयी से मुलाक़ात की, जिसके बाद वे विपक्ष के निशाने पर आ गए। राहुल की इस मुलाक़ात पर सवाल उठाते हुए विपक्षी नेता उनपर जमकर हमला कर रहे हैं, इस पूरे मसले पर आज चुप्पी तोड़ते राहुल ने अपनी सफाई पेश की। राहुल ने इस पूरे मुलाक़ात पर कहा कि मैंने सिर्फ गंभीर मुद्दों पर जानकारी लेने के लिए ऐसा किया। साथ ही बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि अगर वह चीनी राजदूत के साथ उनकी मुलाकात को लेकर इतना ही चिंतित है, तो फिर सिक्किम सेक्टर के डोकलाम में सीमा पर गतिरोध के बीच तीन केंद्रीय मंत्री चीन के आतिथ्य का आनंद क्यों उठा रहे हैं?

राहुल ने कहा ने अपने मुलाक़ात पर कहा कि गंभीर मुद्दों की जानकारी लेना मेरा काम है। मैंने चीन के राजदूत, पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, पूर्वोत्तर के कांग्रेस नेताओं तथा भूटान के राजदूत से मुलाकात की। राहुल गांधी ने साल 2014 की एक रिपोर्ट का हवाला दिया जिसमें बताया गया था कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे के दौरान चीनी सेना भारतीय सीमा में दाखिल हो गई थी, जिस वक्त मोदी अहमदाबाद में शी की मेजबानी कर रहे थे। दोनों नेताओं ने साथ-साथ झूला भी झूला था।

उन्होंने कहा, “और आप जान लीजिए कि मैं वह शख्स नहीं हूं, जो हजारों की तादाद में चीनी सैनिकों के भारतीय सीमा में प्रवेश करने के बाद झूला झूलता रहे।”