एयरफोर्स में धार्मिक आधार पर दाढ़ी नहीं रख सकते जवान: सुप्रीम कोर्ट

Iaf Officers Cant Grow Beard On Religious Basis Supreme Court

नई दिल्ली| सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक अहम फैसले में कहा है कि भारतीय वायुसेना का कोई जवान दाढ़ी नहीं रख सकता है| सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला भारतीय वायुसेना के दो जवानों की याचिका ठुकराते हुए दिया जिसमे उन्होंने धर्म के आधार पर दाढ़ी बढ़ाने की अनुमति मांगी थी|




कोर्ट ने फैसले में कहा कि व्यक्तिगत भेष के लिए आईएफ की नीतियां धार्मिक मान्यताओं में भेदभाव नहीं करतीं| न्यायमूर्ति टी.एस.ठाकुर और न्यायमूर्ति डी.वाई.चंद्रचूड़ और एल.नागेश्वर राव की खंडपीठ ने मोहम्मद जुबेर और अंसारी आफताब अहमद की याचिका ठुकराते हुए कहा, “निजी भेष के संदर्भ में नियमन और नीतियां धार्मिक मान्यताओं में भेदभाव नहीं करती हैं और न ही ऐसा करना उचित है|”

फैसले के मुताबिक, “इसका उद्देश्य एकता, सामंजस्य, अनुशासन और व्यवस्था को बनाए रखना है जो वायुसेना के लिए अपरिहार्य है|” जुबेर ने मुसलमान होने के नाते दाढ़ी बढ़ाने की अनुमति वायुसेना से मांगी थी, जिसे ठुकरा दिया गया था| इसे जुबेर ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी| जुबेर ने 10 जनवरी, 2015 को आईएएफ से दाढ़ी बढ़ाने की अनुमति मांगी थी, जिसे कमांडिंग अधिकारी ने ठुकरा दिया था|



नई दिल्ली| सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक अहम फैसले में कहा है कि भारतीय वायुसेना का कोई जवान दाढ़ी नहीं रख सकता है| सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला भारतीय वायुसेना के दो जवानों की याचिका ठुकराते हुए दिया जिसमे उन्होंने धर्म के आधार पर दाढ़ी बढ़ाने की अनुमति मांगी थी| कोर्ट ने फैसले में कहा कि व्यक्तिगत भेष के लिए आईएफ की नीतियां धार्मिक मान्यताओं में भेदभाव नहीं करतीं| न्यायमूर्ति टी.एस.ठाकुर और न्यायमूर्ति डी.वाई.चंद्रचूड़ और एल.नागेश्वर राव की खंडपीठ ने…