IAS अनुराग मामले की जांच करेगी CBI, अज्ञात के खिलाफ दर्ज हुई FIR

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में बीते शुक्रवार को हुए कर्नाटक कैडर के आईएएस अधिकारी अनुराग तिवारी की मौत का रहस्य समय के साथ बढ़ता चला जा रहा है। परिजनों का दावा है कि अनुराग की साजिश की तहत हत्या की गयी है, पुलिस ने सभी पहलुओं को ध्यान में ना रखते हुए जांच की है। सोमवार को परिजनों ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाक़ात करते हुए अनुराग की रहस्यमयी मौत की सीबीआई जांच की मांग की थी। मामले को संज्ञान में लेते हुए यूपी सरकार ने सीबीआई जांच की संस्तुति कर दी है। प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने मामले की जांच सीबीआई को ट्रांसफर करने की पुष्टि की है। बताते चलें कि सोमवार को ही मृतक अनुराग के भाई मयंक की तहरीर पर हज़रतगंज कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा पंजीकृत किया गया है।



पुलिस ने इस मामले में तेज़ी तब पकड़ी जब मृतक के परिजन सूबे के मुखिया सीएम योगी से मिलने पहुंचे। आईएएस अनुराग की मौत के बाद पुलिस की कार्यशैली पर भी कई प्रश्नचिन्ह खड़े हुए है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से लेकर मौत के दिन तक पुलिस की पड़ताल सवालों के घेरे में रही। अभी तक हुई विवेचना के आधार पर पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है जबकि दो दिन पहले एसआईटी टीम का गठन हुआ आज शाम तक इस टीम को मामले की तहकीकात की रिपोर्ट एसएसपी लखनऊ दीपक कुमार को देनी है।



दबाव में थे अनुराग

आईएएस अनुराग के दस वर्षों के कार्यकाल के दौरान 7 से 8 तबादले हुए भाई मयंक का कहना है कि अक्सर अनुराग उनसे इस बात की जिक्र करते थे कि एक बड़े मामले में चल रही जांच को लेकर उनपर काफी दबाव बनाया जा रहा है।




परिजनों को सीबीआई जांच की संस्तुति होने से इस बात की उम्मीद जगी है कि जल्द ही अनुराग की मौत से पर्दा उठ सकेगा।