यूपी के IAS का फरियादी पर आया दिल, शादी बनी चर्चा का विषय

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के जिलाधिकारी जो काफी दिनों से योगी आदित्यनाथ सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर के साथ विवाद के चलते चर्चा में हैं। उन्होने कभी उनके पास फरियादी बनकर पहुंची युवती से शादी कर ली। डीएम साहाब की ये शादी इस समय सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बनी हुई है। आईएएस अधिकारी संजय खत्री मौजूदा समय में रायबरेली जिले में तैनात हैं। उनका यह मामला इस समय सोशल मीडिया में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है।…

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के जिलाधिकारी जो काफी दिनों से योगी आदित्यनाथ सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर के साथ विवाद के चलते चर्चा में हैं। उन्होने कभी उनके पास फरियादी बनकर पहुंची युवती से शादी कर ली। डीएम साहाब की ये शादी इस समय सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बनी हुई है। आईएएस अधिकारी संजय खत्री मौजूदा समय में रायबरेली जिले में तैनात हैं। उनका यह मामला इस समय सोशल मीडिया में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग संजय खत्री के इस कदम की खूब तारीफ कर रहे हैं।

दरअसल, गाजीपुर में जिलाधिकारी के पद पर तैनाती के दौरान संजय खत्री की मुलाक़ात चीतनाथ जेरे किला मोहल्ला निवासी विजयलक्ष्मी से हुई थी।संजय कुमार खत्री व विजयलक्ष्मी सात-आठ वर्ष से एक दूसरे को जानते हैं। कभी दोनों दिल्ली में रहकर आइएएस की तैयारी कर रहे थे। अक्सर इन दोनों की मुलाकात होती रहती थी। लेकिन उनकी दोस्ती नहीं हो सकी। इस बीच, संजय खत्री का आईएएस में सेलेक्शन हो गया। वो ट्रेनिंग पर चले गए।
विजय लक्ष्मी का सेलेक्शन नहीं हुआ तो वो अपने पैतृक शहर गाजीपुर वापस लौट आईं। मगर, नियति को इन दोनों को मिलाना था। लिहाजा किसी शिकायत को लेकर जब विजय लक्ष्मी गाजीपुर के डीएम संजय खत्री से मिलने पहुंचीं तो दोनों की यादें ताजा हो गईं। इसी बीच संजय का तबादला रायबरेली डीएम के तौर पर हो गया।
19 नवंबर को यूपी निकाय चुनावों के बीच रायबरेली डीएम संजय ने नई दिल्ली में एक सादे समारोह में विजय लक्ष्मी से शादी कर ली। इस दौरान दूल्हा-दुल्हन के अलावा चंद बाराती ही मौजूद थे।

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कैबिनेट मंत्री से रहा है विवाद

आईएएस अधिकारी संजय खत्री इससे पहले भी कई मामलों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। बतौर प्रशिक्षु अफसर जालौन में बसपा सरकार के कार्यकाल में उन्होंने खनन सिंडिकेट पर छापेमारी की थी। यह सिंडिकेट शराब कारोबारी पॉन्टी चड्ढा से जुड़ा हुआ था। इसके बाद गाजीपुर में तैनाती के दौरान मंत्री ओमप्रकाश राजभर के निशाने पर भी रहे थे। मंत्री ने संजय खत्री के तबादले की मांग को लेकर योगी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था।

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