IAS टॉपर शाह फैसल ने दिया इस्तीफा, इस पार्टी में होंगे शामिल

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IAS टॉपर शाह फैसल ने दिया इस्तीफा, इस पार्टी में होंगे शामिल

नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के चर्चित अफसर शाह फैसल ने इस्तीफा दे दिया है। शाह फैसल (Shah Faesal) ने सिविल सेवा परीक्षा (2010) में टॉप किया था उन्होंने कश्मीर और देश के हालात का हवाला देते हुए यह फैसला करने की बात कही है। बताया जा रहा है कि वह सियासत में कदम रखने वाले हैं और इसकी शुरुआत वह उमर अब्दुल्ला की पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस से कर सकते हैं।

Ias Officer Shah Faesal Resigns To Contest Lok Sabha Election :

उन्होंने बयान जारी करते हुए कहा है कि कश्मीर में हो रहीं मौतों के विरोध में वह भारतीय प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा दे रहे हैं। उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार की ईमानदार कोशिशों की कमी नजर आती है। उन्होंने आरोप लगाया है कि करीब 20 करोड़ भारतीय मुस्लिम हिंदुत्ववादी ताकतों के हाथों गायब हो गए, हाशिए पर पहुंच गए और सेकंड क्लास नागरिक बनकर रह गए। साथ ही फैसल ने यह भी आरोप लगाया है कि जम्मू-कश्मीर की विशेष पहचान और भारतीय मेनलैंड में राष्ट्रभक्ति के नाम पर बढ़ती असहिष्णुता का विरोध करते हुए उन्होंने इस पद को छोड़ने का फैसला किया है।

इसके बाद सोशल मीडिया पर दावे किये जाने लगे कि फैसल आगामी दिनों में नेशनल कान्फ्रेंस में शामिल होंगे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उमर ने कहा कि उन्होंने फैसल का स्वागत केवल राजनीति में किया है। उन्होंने कहा, ‘उनकी भविष्य की सियासी योजनाओं का ऐलान उन्हें करना है।’ छह महीने पहले ही जम्मू कश्मीर सरकार ने एक ट्वीट को लेकर फैसल के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की थी। ट्वीट बलात्कार के लगातार सामने आ रहे मामलों पर किया गया था। केंद्र के कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने इसे कर्तव्य निभाते हुए पूरी तरह ईमानदारी बरतने में उनकी विफलता माना था।

नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के चर्चित अफसर शाह फैसल ने इस्तीफा दे दिया है। शाह फैसल (Shah Faesal) ने सिविल सेवा परीक्षा (2010) में टॉप किया था उन्होंने कश्मीर और देश के हालात का हवाला देते हुए यह फैसला करने की बात कही है। बताया जा रहा है कि वह सियासत में कदम रखने वाले हैं और इसकी शुरुआत वह उमर अब्दुल्ला की पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस से कर सकते हैं।उन्होंने बयान जारी करते हुए कहा है कि कश्मीर में हो रहीं मौतों के विरोध में वह भारतीय प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा दे रहे हैं। उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार की ईमानदार कोशिशों की कमी नजर आती है। उन्होंने आरोप लगाया है कि करीब 20 करोड़ भारतीय मुस्लिम हिंदुत्ववादी ताकतों के हाथों गायब हो गए, हाशिए पर पहुंच गए और सेकंड क्लास नागरिक बनकर रह गए। साथ ही फैसल ने यह भी आरोप लगाया है कि जम्मू-कश्मीर की विशेष पहचान और भारतीय मेनलैंड में राष्ट्रभक्ति के नाम पर बढ़ती असहिष्णुता का विरोध करते हुए उन्होंने इस पद को छोड़ने का फैसला किया है। इसके बाद सोशल मीडिया पर दावे किये जाने लगे कि फैसल आगामी दिनों में नेशनल कान्फ्रेंस में शामिल होंगे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उमर ने कहा कि उन्होंने फैसल का स्वागत केवल राजनीति में किया है। उन्होंने कहा, 'उनकी भविष्य की सियासी योजनाओं का ऐलान उन्हें करना है।' छह महीने पहले ही जम्मू कश्मीर सरकार ने एक ट्वीट को लेकर फैसल के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की थी। ट्वीट बलात्कार के लगातार सामने आ रहे मामलों पर किया गया था। केंद्र के कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने इसे कर्तव्य निभाते हुए पूरी तरह ईमानदारी बरतने में उनकी विफलता माना था।