जिस नियम से इंग्लैंड ने जीता था वर्ल्ड कप, अब ICC ने हटा दिया

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जिस नियम से इंग्लैंड ने जीता था वर्ल्ड कप, अब ICC ने हटा दिया

नई दिल्ली। इंग्लैंड की क्रिकेट टीम जिस नियम के तहत वर्ल्ड चैंपियन बनी थी उसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने अब रद्द कर दिया है। इंग्लैंड के ऐतिहासिक मैदान लॉर्ड्स में खेले गए इस मुकाबले का नतीजा बाउंड्री काउंट के आधार पर निकला था, लेकिन आईसीसी ने अब इस नियम को हटा लिया है। वर्ल्ड कप 2019 के फाइनल में मेजबान इंग्लैंड का सामना न्यूजीलैंड के साथ हुआ।

Icc World Cup 2019 Final England Vs New Zealand Boundary Count Rule Scrapped :

विश्व कप फाइनल में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड का मैच 50 ओवरों में टाई रहा था और इसके बाद सुपर ओवर में भी मैच टाई रहा था। जिसके बाद फैसला इस बात पर निकला था कि किस टीम ने मैच में ज्यादा बाउंड्री लगाई है। यहां इंग्लैंड टीम बाजी मार ले गई थी और पहली बार विश्व विजेता बनी थी। आईसीसी की मुख्य कार्यकारी समिति ने सोमवार को फैसला किया कि वह सुपर ओवर के नियम को जारी रखेगी और ज्यादा बाउंड्री मारने वाले नियम को हटा देगी।  

बाउंड्री के आधार पर इंग्लैंड बना चैंपियन

इंग्लैंड ने अपनी पारी में कुल 26 बाउंड्री लगाई और न्यूजीलैंड ने कुल 17। इस आधार पर इंग्लैंड को विजेता घोषित किया गया, लेकिन आईसीसी ने अब बाउंड्री काउंट नियम को रद्द कर दिया है।

पूर्व भारतीय कप्तान अनिल कुंबले की अध्यक्षता वाली आईसीसी क्रिकेट समिति की एक सिफारिश के बाद, मुख्य कार्यकारी समिति ने सोमवार को इस बात पर सहमति जताई कि नतीजों के लिए सुपर ओवर के उपयोग को बरकरार रखा जाएगा। इसका इस्तेमाल हर मैच में होगा, साथ ही वनडे और टी-20 वर्ल्ड कप में भी होगा।

क्या है सुपर ओवर?

सुपर ओवर वनडे और टी-20 क्रिकेट में मैच टाइ होने के बाद खेला जाता है जिसमें दोनों टीमें एक-एक अतिरिक्त ओवर खेलती हैं। ज्यादा रन बनाने वाली टीम को विजेता घोषित किया जाता है। इसमें जो टीम बाद में बल्लेबाजी करती है उसे सुपर ओवर में पहले बैटिंग का मौका दिया जाता है। बल्लेबाजी करने वाला खिलाड़ी बोलिंग नहीं कर सकता है। इसके नियमों में यह भी है कि अगर सुपर ओवर में भी टाइ हो जाता है तो पारी में ज्यादा चौके के आधार पर टीम को विजयी घोषित किया जाता है। हालांकि 2010 से पहले जीत के लिए सिक्स गिने जाते थे और ज्यादा सिक्स लगाने वाली टीम विजयी होती थी।  

 

नई दिल्ली। इंग्लैंड की क्रिकेट टीम जिस नियम के तहत वर्ल्ड चैंपियन बनी थी उसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने अब रद्द कर दिया है। इंग्लैंड के ऐतिहासिक मैदान लॉर्ड्स में खेले गए इस मुकाबले का नतीजा बाउंड्री काउंट के आधार पर निकला था, लेकिन आईसीसी ने अब इस नियम को हटा लिया है। वर्ल्ड कप 2019 के फाइनल में मेजबान इंग्लैंड का सामना न्यूजीलैंड के साथ हुआ। विश्व कप फाइनल में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड का मैच 50 ओवरों में टाई रहा था और इसके बाद सुपर ओवर में भी मैच टाई रहा था। जिसके बाद फैसला इस बात पर निकला था कि किस टीम ने मैच में ज्यादा बाउंड्री लगाई है। यहां इंग्लैंड टीम बाजी मार ले गई थी और पहली बार विश्व विजेता बनी थी। आईसीसी की मुख्य कार्यकारी समिति ने सोमवार को फैसला किया कि वह सुपर ओवर के नियम को जारी रखेगी और ज्यादा बाउंड्री मारने वाले नियम को हटा देगी।   बाउंड्री के आधार पर इंग्लैंड बना चैंपियन इंग्लैंड ने अपनी पारी में कुल 26 बाउंड्री लगाई और न्यूजीलैंड ने कुल 17। इस आधार पर इंग्लैंड को विजेता घोषित किया गया, लेकिन आईसीसी ने अब बाउंड्री काउंट नियम को रद्द कर दिया है। पूर्व भारतीय कप्तान अनिल कुंबले की अध्यक्षता वाली आईसीसी क्रिकेट समिति की एक सिफारिश के बाद, मुख्य कार्यकारी समिति ने सोमवार को इस बात पर सहमति जताई कि नतीजों के लिए सुपर ओवर के उपयोग को बरकरार रखा जाएगा। इसका इस्तेमाल हर मैच में होगा, साथ ही वनडे और टी-20 वर्ल्ड कप में भी होगा। क्या है सुपर ओवर? सुपर ओवर वनडे और टी-20 क्रिकेट में मैच टाइ होने के बाद खेला जाता है जिसमें दोनों टीमें एक-एक अतिरिक्त ओवर खेलती हैं। ज्यादा रन बनाने वाली टीम को विजेता घोषित किया जाता है। इसमें जो टीम बाद में बल्लेबाजी करती है उसे सुपर ओवर में पहले बैटिंग का मौका दिया जाता है। बल्लेबाजी करने वाला खिलाड़ी बोलिंग नहीं कर सकता है। इसके नियमों में यह भी है कि अगर सुपर ओवर में भी टाइ हो जाता है तो पारी में ज्यादा चौके के आधार पर टीम को विजयी घोषित किया जाता है। हालांकि 2010 से पहले जीत के लिए सिक्स गिने जाते थे और ज्यादा सिक्स लगाने वाली टीम विजयी होती थी।