वीडियोकॉन लोन मामले में ICICI Bank बोर्ड से चंदा कोचर को मिली क्लीन चिट

Chanda Kochhar , चंदा कोचर
वीडियोकॉन लोन मामले में ICICI Bank बोर्ड से चंदा कोचर को मिली क्लीन चिट

मुंबई। आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) द्वारा विडियोकॉन कंपनी को 3250 करोड़ का लोन देने के मामले में आरोपों का सामना कर रहीं बैंक की सीईओ और एमडी चंदा कोचर को कंपनी के बोर्ड ने क्लीन चिट दे दी है।

Icici Bank Ceo Md Chanda Kochhar Gets Clean Chit In Videocon Loan Case :

आईसीआईसीआई बैंक के बोर्ड की ओर से बीएसई को बताया गया है कि वीडियोकॉन कंपनी को बैंक ने साल 2012 में लोन दिया था। उस समय चंदा कोचर वर्तमान पोस्ट पर नहीं थीं। ऐसे में लोन की प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए उनकी भूमिका को लेकर उठ रहे सवाल आधारहीन हैं।

इसके साथ ही बैंक के बोर्ड ने कहा है कि आईसीआईसीआई बैंक में लोन प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए शीर्ष अधिकारियों से लेकर छोटे कर्मचारियों तक कोई सक्षम नहीं है। बैंक में एक लोन को स्वीकृति देने के लिए अलग अलग विभागों की भूमिका होती है, इसलिए ऐसा सोचना कि कोई एक अधिकारी पूरी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है पूरी तरह से गलत होगा।

जहां तक वीडियोकॉन को लोन देने की बात है इसके लिए बैंक में एक क्रेडिट रैंकिंग डिपार्टमेंट है। जो किसी व्यक्ति या कंपनी को लोन देने से पहले जोखिम का आंकलन करता है। किसी कंपनी को बड़ा लोन देने के लिए बैंक की क्रेडिट कमिटी फैसला लेती है, जिसमें बैंक के इंडिपेंडेन्ट डायरेक्ट भी शामिल होते हैं।

मुंबई। आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) द्वारा विडियोकॉन कंपनी को 3250 करोड़ का लोन देने के मामले में आरोपों का सामना कर रहीं बैंक की सीईओ और एमडी चंदा कोचर को कंपनी के बोर्ड ने क्लीन चिट दे दी है।आईसीआईसीआई बैंक के बोर्ड की ओर से बीएसई को बताया गया है कि वीडियोकॉन कंपनी को बैंक ने साल 2012 में लोन दिया था। उस समय चंदा कोचर वर्तमान पोस्ट पर नहीं थीं। ऐसे में लोन की प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए उनकी भूमिका को लेकर उठ रहे सवाल आधारहीन हैं।इसके साथ ही बैंक के बोर्ड ने कहा है कि आईसीआईसीआई बैंक में लोन प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए शीर्ष अधिकारियों से लेकर छोटे कर्मचारियों तक कोई सक्षम नहीं है। बैंक में एक लोन को स्वीकृति देने के लिए अलग अलग विभागों की भूमिका होती है, इसलिए ऐसा सोचना कि कोई एक अधिकारी पूरी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है पूरी तरह से गलत होगा।जहां तक वीडियोकॉन को लोन देने की बात है इसके लिए बैंक में एक क्रेडिट रैंकिंग डिपार्टमेंट है। जो किसी व्यक्ति या कंपनी को लोन देने से पहले जोखिम का आंकलन करता है। किसी कंपनी को बड़ा लोन देने के लिए बैंक की क्रेडिट कमिटी फैसला लेती है, जिसमें बैंक के इंडिपेंडेन्ट डायरेक्ट भी शामिल होते हैं।